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मंगलवार को भक्तों के हाथ सैनिटाइज कराने वाले सेवादार रहे नदारद
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मंगलवार को बरेली के हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एक ही दिन में मंदिर समितियों का जोश खत्म, मंगलवार को हनुमान मंदिरों में चढ़ता रहा प्रसाद
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बरेली। करीब पौने तीन महीने बाद धार्मिक स्थलों के खुलने पर दूसरे दिन मंगलवार को हनुमान मंदिरों में भक्तों की संख्या कम ही रही। हालांकि मंदिरों के बाहर फूल और प्रसाद बेचने वाले ग्राहकों की राह ताकते रहे। कुछ मंदिरों में सरकारी गाइडलाइन की अनदेखी कर पुजारी प्रसाद चढ़ाते रहे।
करीब 75 दिन बाद सोमवार को मंदिरों के खुलने पर भक्तों के लिए काफी तैयारियां की थीं। मंदिर गेट पर सेवादार भक्तों के हाथ सैनिटाइज करा रहे थे। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने को भी बार-बार कहा जा रहा था। हालांकि कोरोना के डर से भक्तों की संख्या कम ही रही, लेकिन मंगलवार को नजारा उलट दिखा। मंदिरों के गेट से भक्तों के हाथ सैनिटाइज कराने वाले लोग नदारद थे। आसपास फूल और प्रसाद की दुकानें भी सजी थीं। पुजारी भी हनुमानजी को प्रसाद चढ़ाने में लगे थे। ऐसा धर्मकांटा स्थित हनुमान मंदिर और डीडीपुरम तिराहे स्थित देवी मंदिर में देखा गया। श्री त्रिबटीनाथ मंदिर में न भक्त दिखे ओर न ही प्रसाद की दुकानें नजर आईं। पुजारी ईश्वर शरण शास्त्री ने बताया कि शाम तक कुछ ही लोग आए। लोग अभी सावधानी बरत रहे हैं। केवल हनुमान जी की मूर्ति के आगे हाथ जोड़कर लौट जाते हैं। सिविल लाइंस के हनुमान मंदिर में भी कम ही भक्त आए। पक्का बाग स्थित हनुमान मंदिर में फूल और प्रसाद की दुकानें सजी थीं। मंदिर में लोग प्रसाद भी चढ़ाते देखे गए। हालांकि मंदिर परिसर से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए अनाउंस होता रहा।
करीब 75 दिन बाद सोमवार को मंदिरों के खुलने पर भक्तों के लिए काफी तैयारियां की थीं। मंदिर गेट पर सेवादार भक्तों के हाथ सैनिटाइज करा रहे थे। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने को भी बार-बार कहा जा रहा था। हालांकि कोरोना के डर से भक्तों की संख्या कम ही रही, लेकिन मंगलवार को नजारा उलट दिखा। मंदिरों के गेट से भक्तों के हाथ सैनिटाइज कराने वाले लोग नदारद थे। आसपास फूल और प्रसाद की दुकानें भी सजी थीं। पुजारी भी हनुमानजी को प्रसाद चढ़ाने में लगे थे। ऐसा धर्मकांटा स्थित हनुमान मंदिर और डीडीपुरम तिराहे स्थित देवी मंदिर में देखा गया। श्री त्रिबटीनाथ मंदिर में न भक्त दिखे ओर न ही प्रसाद की दुकानें नजर आईं। पुजारी ईश्वर शरण शास्त्री ने बताया कि शाम तक कुछ ही लोग आए। लोग अभी सावधानी बरत रहे हैं। केवल हनुमान जी की मूर्ति के आगे हाथ जोड़कर लौट जाते हैं। सिविल लाइंस के हनुमान मंदिर में भी कम ही भक्त आए। पक्का बाग स्थित हनुमान मंदिर में फूल और प्रसाद की दुकानें सजी थीं। मंदिर में लोग प्रसाद भी चढ़ाते देखे गए। हालांकि मंदिर परिसर से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए अनाउंस होता रहा।
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