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स्थानांतरित एक्सईएन निपटा रहे हैं पुराने काम, होगी जांच
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मकान के ऊपर से गुजरती हाईटेंशन लाइन और बनाया गया पिलर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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द्युत वितरण खंड में ठेकेदारों के पेमेंट और घरों से लाइनें शिफिंटिंग
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बहेड़ी। करीब दस दिन पहले स्थानांतरित एक्सईएन कई विवादित कार्य निस्तारित करने में जुटे हुए हैं। इसकी शिकायत चीफ इंजीनियर पहुंचने पर उन्होंने जांच कराने की बात कही है।
प्रबंध निदेशक मध्यांचल ने विद्युत वितरण खंड बहेड़ी एक्सईएन अनुज गुप्ता को 11 मई को जोनल चीफ इंजीनियर कार्यालय में मूल पद पर स्थानांतरित किया था, इसके बाद उन्हें नगरीय विद्युत वितरण खंड तृतीय में अतिरिक्त कार्यभार के रुप में तैनात कर दिया। संबंधित अफसरों ने उन्हें बहेड़ी से रिलीव नहीं किया। इसलिए उन्होंने पुराने लंबित सभी विवादित निपटाना शुरू कर दिए। ग्रामीण उपकेंद्र के सामने एक मकान के ऊपर से जा रही हाईटेंशन लाइन हटाने और ऊंचा कराने का काम भी शुरू करा दिया। इसके लिए विभागीय प्रक्रिया नहीं अपनायी गई और न कोई निर्धारित फीस जमा कराई। हालांकि उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है। चीफ इंजीनियर तारिक मतीन का कहना है कि स्थानांतरित अधिकारी वित्तीय फैसले नहीं ले सकते। लाइन शिफ्टिंग आदि कार्य विभागीय नियमों के तहत होता है, इसका शुल्क भी जमा होता है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो गलत है। इसकी जांच कराएंगे।
प्रबंध निदेशक मध्यांचल ने विद्युत वितरण खंड बहेड़ी एक्सईएन अनुज गुप्ता को 11 मई को जोनल चीफ इंजीनियर कार्यालय में मूल पद पर स्थानांतरित किया था, इसके बाद उन्हें नगरीय विद्युत वितरण खंड तृतीय में अतिरिक्त कार्यभार के रुप में तैनात कर दिया। संबंधित अफसरों ने उन्हें बहेड़ी से रिलीव नहीं किया। इसलिए उन्होंने पुराने लंबित सभी विवादित निपटाना शुरू कर दिए। ग्रामीण उपकेंद्र के सामने एक मकान के ऊपर से जा रही हाईटेंशन लाइन हटाने और ऊंचा कराने का काम भी शुरू करा दिया। इसके लिए विभागीय प्रक्रिया नहीं अपनायी गई और न कोई निर्धारित फीस जमा कराई। हालांकि उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है। चीफ इंजीनियर तारिक मतीन का कहना है कि स्थानांतरित अधिकारी वित्तीय फैसले नहीं ले सकते। लाइन शिफ्टिंग आदि कार्य विभागीय नियमों के तहत होता है, इसका शुल्क भी जमा होता है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो गलत है। इसकी जांच कराएंगे।
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