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Bareilly News: साइबर अपराधियों शिकंजे में परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट, बड़ी ठगी की आशंका
Sun, 19 Mar 2023 01:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 19 Mar 2023 01:18 AM IST
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बरेली। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के नाम पर ठगी के मामले सामने आने लगे हैं। परिवहन आयुक्त आईटी ने सभी आरटीओ, एआरटीओ को फर्जी वेबसाइटों की निगरानी का अलर्ट जारी करते हुए साइबर सुरक्षा नियमों के तहत एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।
एचएसआरपी की बुकिंग के लिए परिवहन विभाग ने www.siam.in वेबसाइट को अधिकृत किया है। एचएसआरपी लगवाने का समय 15 फरवरी तक था। अब भी जिले में 4.5 लाख वाहनों पर एचएसआरपी नहीं है। लोग इसके लिए अधिकृत वेबासाइट पर आवेदन कर रहे हैं। एचएसआरपी बुक कराने के दौरान भुगतान के लिए अधिकृत वेबसाइट पर ही दूसरी वेबसाइट के लिंक मिल रहे हैं। वाहन और वाहन स्वामी का ब्योरा अधिकृत वेबसाइट में दर्ज हो रहा है, जबकि भुगतान दूसरे लिंक पर हो रहा है।
मिलती-जुलती साइट्स भी ठगी कर रही हैं। ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान के बाद भी वाहन स्वामियों को समय से प्लेट नहीं मिल रहीं। जिले के करीब तीन हजार वाहन स्वामियों को बुकिंग के बाद भी प्लेट नहीं मिल सकी है। ऐसे में आशंका है कि एचएसआरपी के नाम पर बड़ी ठगी हो रही है। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त देवेंद्र त्रिपाठी ने धोखाधड़ी की शिकायतें मिलने पर सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है।
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एक महीने बाद भी नहीं मिली प्लेट
शहर के गांधीपुरम निवासी विवेक कुमार ने 15 फरवरी को एचएसआरपी के लिए आवेदन किया था। उनका डाटा तो अधिकृत साइट पर फीड किया गया, लेकिन प्लेट के लिए 705 रुपये का भुगतान दूसरी साइट पर हुआ। 23 फरवरी को नंबर प्लेट मिलने की तारीख दी गई। नंबर प्लेट नहीं मिलने पर उन्होंने डीलर से संपर्क किया तो वह भी हैरान रह गए। दोबारा आवेदन करने पर भुगतान भी फिर से मांगा गया। उन्होंने फिर से भुगतान नहीं किया, लेकिन उनको नंबर प्लेट मिलने की तारीख आगे बढ़ाए जाने संबंधी रसीद मिल गई।
शिकायत दर्ज करा रहे लोग
इसको लेकर आवेदकों में गुस्सा भी है। वेबसाइट पर आवेदक तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आवेदन एचएसआरपी उपलब्ध कराने की सेवाओं को बेहद घटिया बताते हुए तीखे शब्दों में आलोचना कर रहे हैं। कुछ का तो यह भी कहना है कि निजी कंपनी होने के कारण ठगी की जा रही है।
वर्जन
कुछ शिकायतें आई हैं। जिले में ठगी जैसा अभी कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन साइबर क्राइम की आशंका के चलते अतिरिक्त आयुक्त परिवहन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। इस पर नजर रखी जा रही है। किसी के साथ ठगी हुई है तो वह शिकायत दर्ज करा सकता है, कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश सिंह, आरटीओ प्रवर्तन
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एचएसआरपी की बुकिंग के लिए परिवहन विभाग ने www.siam.in वेबसाइट को अधिकृत किया है। एचएसआरपी लगवाने का समय 15 फरवरी तक था। अब भी जिले में 4.5 लाख वाहनों पर एचएसआरपी नहीं है। लोग इसके लिए अधिकृत वेबासाइट पर आवेदन कर रहे हैं। एचएसआरपी बुक कराने के दौरान भुगतान के लिए अधिकृत वेबसाइट पर ही दूसरी वेबसाइट के लिंक मिल रहे हैं। वाहन और वाहन स्वामी का ब्योरा अधिकृत वेबसाइट में दर्ज हो रहा है, जबकि भुगतान दूसरे लिंक पर हो रहा है।
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मिलती-जुलती साइट्स भी ठगी कर रही हैं। ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान के बाद भी वाहन स्वामियों को समय से प्लेट नहीं मिल रहीं। जिले के करीब तीन हजार वाहन स्वामियों को बुकिंग के बाद भी प्लेट नहीं मिल सकी है। ऐसे में आशंका है कि एचएसआरपी के नाम पर बड़ी ठगी हो रही है। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त देवेंद्र त्रिपाठी ने धोखाधड़ी की शिकायतें मिलने पर सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है।
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एक महीने बाद भी नहीं मिली प्लेट
शहर के गांधीपुरम निवासी विवेक कुमार ने 15 फरवरी को एचएसआरपी के लिए आवेदन किया था। उनका डाटा तो अधिकृत साइट पर फीड किया गया, लेकिन प्लेट के लिए 705 रुपये का भुगतान दूसरी साइट पर हुआ। 23 फरवरी को नंबर प्लेट मिलने की तारीख दी गई। नंबर प्लेट नहीं मिलने पर उन्होंने डीलर से संपर्क किया तो वह भी हैरान रह गए। दोबारा आवेदन करने पर भुगतान भी फिर से मांगा गया। उन्होंने फिर से भुगतान नहीं किया, लेकिन उनको नंबर प्लेट मिलने की तारीख आगे बढ़ाए जाने संबंधी रसीद मिल गई।
शिकायत दर्ज करा रहे लोग
इसको लेकर आवेदकों में गुस्सा भी है। वेबसाइट पर आवेदक तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आवेदन एचएसआरपी उपलब्ध कराने की सेवाओं को बेहद घटिया बताते हुए तीखे शब्दों में आलोचना कर रहे हैं। कुछ का तो यह भी कहना है कि निजी कंपनी होने के कारण ठगी की जा रही है।
वर्जन
कुछ शिकायतें आई हैं। जिले में ठगी जैसा अभी कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन साइबर क्राइम की आशंका के चलते अतिरिक्त आयुक्त परिवहन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। इस पर नजर रखी जा रही है। किसी के साथ ठगी हुई है तो वह शिकायत दर्ज करा सकता है, कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश सिंह, आरटीओ प्रवर्तन