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अब आसानी से मिल जाएगी वर्षों पुरानी डिग्री
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MJP Rohilkhand university
यूनिवर्सिटी ने डिग्री उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी
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बरेली। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने वर्ष 2018-19 की करीब 1.60 लाख डिग्री बांट दी हैं लेकिन यहां से पढ़ाई करने वाले पूर्व छात्रों को पुरानी डिग्री भी आसानी से मिल सके। इसके लिए अलग-अलग वर्ष से विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि प्रशासनिक भवन में इन कर्मचारियों के नाम और उसके पास किस वर्ष की डिग्री उपलब्ध है, इसकी सूची भी चस्पा कर दी गई है।
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी जहीर अहमद ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने नौ जिलों में अटैच 536 कॉलेजों में करीब 1.60 डिग्री भेज दी है। इसमें रामपुर, संभल, मुरादाबाद, बिजनौर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बिजनौर और अमरोहा जिला शामिल हैं। उनका कहना है कि इन जिलों मेंडिग्री बंट भी गई हैं लेकिन इससे भी पुराने वर्ष की डिग्री भी पूर्व छात्रों को आसानी से मिल सके। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि उपाधि विभाग में यशवंत सिंह के पास 1986, 1992, 2000, 2003, रंजीत सिंह के पास 1980, 1981, 1982, 1983, 1984, 1985, 1987, 1996, 1999, 2009, इफ़तेखार आदिल के पास 1998, 2008, 2010, 2011, 2014, गुलफाम अली के पास 1975, 1976, 1993, 1995, 2001, 2004, 2016, कमल सिंह के पास पीएचडी ऑल की 2006, 2012, 2018, रामप्रीत के पास 1979, 1989, 1990, 1991, 2002, 2005, 2015, 2017 और सचिन वर्मा के पास 1977, 1978, 1994, 1997, 2007, 2019 वर्ष की डिग्री उपलब्ध हैं।
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी जहीर अहमद ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने नौ जिलों में अटैच 536 कॉलेजों में करीब 1.60 डिग्री भेज दी है। इसमें रामपुर, संभल, मुरादाबाद, बिजनौर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बिजनौर और अमरोहा जिला शामिल हैं। उनका कहना है कि इन जिलों मेंडिग्री बंट भी गई हैं लेकिन इससे भी पुराने वर्ष की डिग्री भी पूर्व छात्रों को आसानी से मिल सके। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि उपाधि विभाग में यशवंत सिंह के पास 1986, 1992, 2000, 2003, रंजीत सिंह के पास 1980, 1981, 1982, 1983, 1984, 1985, 1987, 1996, 1999, 2009, इफ़तेखार आदिल के पास 1998, 2008, 2010, 2011, 2014, गुलफाम अली के पास 1975, 1976, 1993, 1995, 2001, 2004, 2016, कमल सिंह के पास पीएचडी ऑल की 2006, 2012, 2018, रामप्रीत के पास 1979, 1989, 1990, 1991, 2002, 2005, 2015, 2017 और सचिन वर्मा के पास 1977, 1978, 1994, 1997, 2007, 2019 वर्ष की डिग्री उपलब्ध हैं।
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