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Bareilly News: बेसमेंट में एनआईसीयू चला रहे छह निजी अस्पतालों को नोटिस
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- छह सप्ताह में इसे शिफ्ट नहीं किया तो निरस्त होगा पंजीकरण
बरेली। बीते माह निजी अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा संबंधी पड़ताल के बाद 35 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी हुए हैं। छह निजी अस्पतालों के बेसमेंट में नियोनेट इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) संचालित होते पाया गया था। उन्हें नोटिस जारी कर सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने छह सप्ताह के भीतर एनआईसीयू को बेसमेंट से हटाकर भवन के किसी सुरक्षित हिस्से में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा की स्थिति में अस्पताल का पंजीकरण निरस्त किए जाने की चेतावनी जारी की है।
नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी ने बताया कि एनआईसीयू शिफ्टिंग के लिए इसलिए वक्त दिया गया है, ताकि भर्ती बच्चों को कोई जोखिम न हो। शिफ्टिंग के दौरान बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। जीवन रक्षक उपकरणों को एक से दूसरी जगह स्थापित करना पड़ेगा। साथ ही, उनका ट्रायल भी करना होगा, ताकि बाद में उनके संचालन संबंधी कोई समस्या न रहे। लिहाजा, छह सप्ताह का समय दिया गया है।
इन अस्पतालों को जारी हुए नोटिसडॉ. रवि खन्ना हॉस्पिटल, डॉ. रुचि अतुल हॉस्पिटल, यूटिस एंड किड्स हॉस्पिटल, डॉ. मेंदीरत्ता हॉस्पिटल, श्री संत हॉस्पिटल, बेग हॉस्पिटल। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली। बीते माह निजी अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा संबंधी पड़ताल के बाद 35 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी हुए हैं। छह निजी अस्पतालों के बेसमेंट में नियोनेट इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) संचालित होते पाया गया था। उन्हें नोटिस जारी कर सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने छह सप्ताह के भीतर एनआईसीयू को बेसमेंट से हटाकर भवन के किसी सुरक्षित हिस्से में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा की स्थिति में अस्पताल का पंजीकरण निरस्त किए जाने की चेतावनी जारी की है।
नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी ने बताया कि एनआईसीयू शिफ्टिंग के लिए इसलिए वक्त दिया गया है, ताकि भर्ती बच्चों को कोई जोखिम न हो। शिफ्टिंग के दौरान बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। जीवन रक्षक उपकरणों को एक से दूसरी जगह स्थापित करना पड़ेगा। साथ ही, उनका ट्रायल भी करना होगा, ताकि बाद में उनके संचालन संबंधी कोई समस्या न रहे। लिहाजा, छह सप्ताह का समय दिया गया है।
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इन अस्पतालों को जारी हुए नोटिसडॉ. रवि खन्ना हॉस्पिटल, डॉ. रुचि अतुल हॉस्पिटल, यूटिस एंड किड्स हॉस्पिटल, डॉ. मेंदीरत्ता हॉस्पिटल, श्री संत हॉस्पिटल, बेग हॉस्पिटल। अमर उजाला ब्यूरो
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