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हौसले बुलंद हो तो कुछ भी असंभव नहीं : डॉ. राजेंद्र
Fri, 27 Feb 2026 02:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 27 Feb 2026 02:50 AM IST
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बरेली। कम समय में सुंदर चित्र बनाना चुनौती है। लेकिन हौसले बुलंद हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है। ये बातें राज्य ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रहे डॉ. राजेंद्र सिंह ने डीडीपुरम स्थित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में कहीं। कार्यक्रम का आयोजन कन्या महाविद्यालय भूड़ की ओर से किया गया।
विशिष्ट अतिथि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष श्रुति गंगवार ने कहा कि अपनी कला और संस्कृति का संरक्षण हर भारतीय का कर्तव्य है। प्रदर्शनी में महिला चित्रकारों अपने चित्र प्रदर्शित किए। यहां महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार बरतारिया, प्राचार्य डॉ. अनुराधा आर्य, डॉ. मुक्तामणि मिश्रा, डॉ. सविता उपाध्याय व अन्य मौजूद रहे।
सर्गोशियां ने किया आकर्षित
वर्ष 1968 से लगातार चित्रकला का शिक्षण प्रशिक्षण कर रहीं सुमन वर्मा ने तीन युवतियों के चित्र को पंद्रह दिन में तैयार किया। रंगों व चित्र में मौजूद तीनों युवतियों के हाव-भाव ने सभी दर्शकों को आकर्षित किया। चित्रकार सुमन ने बताया कि ये चित्र युवतियों के मन में उठने वाले अलग-अलग भावों को प्रदर्शित करती है। इसका नाम सर्गोशियां दिया है।
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क्ले पेंटिंग ने किया आकर्षित
बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका डॉ. विधि रस्तोगी ने गौतम बुद्ध की क्ले पेंटिंग से खूब तारीफ बटोरी। उन्होंने बताया कि इस पेंटिंग में बुद्ध के निर्वाण तक जाने की यात्रा को रंगों के माध्यम से दर्शाया गया है। इसे मात्र दो दिनों में तैयार किया है।
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विशिष्ट अतिथि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष श्रुति गंगवार ने कहा कि अपनी कला और संस्कृति का संरक्षण हर भारतीय का कर्तव्य है। प्रदर्शनी में महिला चित्रकारों अपने चित्र प्रदर्शित किए। यहां महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार बरतारिया, प्राचार्य डॉ. अनुराधा आर्य, डॉ. मुक्तामणि मिश्रा, डॉ. सविता उपाध्याय व अन्य मौजूद रहे।
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सर्गोशियां ने किया आकर्षित
वर्ष 1968 से लगातार चित्रकला का शिक्षण प्रशिक्षण कर रहीं सुमन वर्मा ने तीन युवतियों के चित्र को पंद्रह दिन में तैयार किया। रंगों व चित्र में मौजूद तीनों युवतियों के हाव-भाव ने सभी दर्शकों को आकर्षित किया। चित्रकार सुमन ने बताया कि ये चित्र युवतियों के मन में उठने वाले अलग-अलग भावों को प्रदर्शित करती है। इसका नाम सर्गोशियां दिया है।
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क्ले पेंटिंग ने किया आकर्षित
बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका डॉ. विधि रस्तोगी ने गौतम बुद्ध की क्ले पेंटिंग से खूब तारीफ बटोरी। उन्होंने बताया कि इस पेंटिंग में बुद्ध के निर्वाण तक जाने की यात्रा को रंगों के माध्यम से दर्शाया गया है। इसे मात्र दो दिनों में तैयार किया है।