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टैक्स की नई दरें तय करने के मूड में नहीं निगम
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sat, 24 Dec 2016 01:20 AM IST
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Not in the mood to fix new rates of corporation tax
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
नगर निगम के टैक्स की नई दरें तय करने के मूड में नहीं लग रहा है। हाईकोर्ट के आदेश से मौजूदा दरें खारिज होने के बाद उम्मीद थी कि निगम नए सिरे से ऐसे रेट तय करेगा जो सबको स्वीकार्य हों लेकिन यहां तो 2014 की दरें लागू करने की ही तैयारी लग रही है। निगम अधिकारियों को अभी विधिक राय लिखित में नहीं मिली है। इधर टैक्स विभाग की टीम काम में जुट गई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 की दरों के हिसाब से सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है। इसे अपडेट होने में दो से तीन हफ्ते लग सकते हैं। इसके बाद वसूली शुरू होगी। जनता के लिए मुसीबत भरी खबर यह है कि अगर टैक्स दरें 2014 के हिसाब से वसूली जाती हैं तो मौजूदा समय टैक्स जमा कर चुके करदाताओं को बढ़े टैक्स का कुछ हिस्सा फिर जमा करना पड़ेगा। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पॉश इलाकों की दरें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। हालांकि लिखित विधिक राय के बाद दरें तय की जाएंगी।
टैक्स विभाग अभी वर्ष 2015- 16 और वर्ष 2014 की एआरयू यानी एनुअल रेंटल वैल्यू चेक कर रहा है। इन दोनाें को समायोजित करने के बाद जो वैल्यू प्राप्त होगी उसी हिसाब से सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा।। विधायक डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि नई दरें बनाने को कोर्ट ने कहा है, लेकिन निगम जनता पर बोझ डाल रहा है। हालांकि जानकार कहते हैं कि मौजूदा डीएम सर्किल रेट से अगर नई दरें तय की जाती हैं तब भी यह ज्यादा ही होगा।
- जानिए वर्ष 2014-15 और 2015-16 की दराें को
वर्ष 2014 अप्रैल में नगर निगम ने टैक्सी की पुरानी दरें रिवाइज करके नई दरें लागू की थी। इसमें करदाताओं के पुराने टैक्स बिलों में 10 से 25 गुना तक बढ़ोत्तरी हो गई। उस समय यह 3.50 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर की दर से थी। जिसे बोर्ड के विरोध के बाद भी लागू किया था। वर्ष 2015- 16 में नई दरें लाई गई। इसमें 25 फीसदी की कमी की गई और दर 2.80 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर की दर से लागू की गई। इस समय इसी दर से वसूली हो रही है।
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कोर्ट ने नई दरें लागू करने को कहा है, निगम ऐसा क्यों कर रहा है पता नहीं। वैसे उनकी विधिक राय आने दीजिए इसके बाद निर्णय लेंगे।
डॉ. अरुण कुमार, विधायक
टैक्स की दरें लिखित विधिक राय आने के बाद तय होंगी। वैसे दो वित्तीय वर्ष के एआरयू के आधार पर सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है। यह काम जनवरी तक चलेगा।
राकेश सोनकर, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
टैक्स का हाल
शहर आबादी- 11 लाख
कर दायरे में- डेढ़ लाख
करदाता- 45 हजार
सत्र वसूली छूट
2013-14 20 करोड़ कोई छूट नहीं
2014-15 22 करोड़ कोई छूट नहीं
2015-16 24.5 करोड़ 10 फीसदी छूट व दरें कम
2016-17 22 करोड़ 15 फीसदी छूट
(नोट- वर्ष 2016-17 में 10 करोड़ रुपये चार माह में आए हैं। यह 2.80 की दर से 15 फीसदी छूट के साथ वसूला गया है। जबकि 2014- 15 में दर 3.50 थी। वसूली लगभग में है।)
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टैक्स विभाग अभी वर्ष 2015- 16 और वर्ष 2014 की एआरयू यानी एनुअल रेंटल वैल्यू चेक कर रहा है। इन दोनाें को समायोजित करने के बाद जो वैल्यू प्राप्त होगी उसी हिसाब से सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा।। विधायक डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि नई दरें बनाने को कोर्ट ने कहा है, लेकिन निगम जनता पर बोझ डाल रहा है। हालांकि जानकार कहते हैं कि मौजूदा डीएम सर्किल रेट से अगर नई दरें तय की जाती हैं तब भी यह ज्यादा ही होगा।
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- जानिए वर्ष 2014-15 और 2015-16 की दराें को
वर्ष 2014 अप्रैल में नगर निगम ने टैक्सी की पुरानी दरें रिवाइज करके नई दरें लागू की थी। इसमें करदाताओं के पुराने टैक्स बिलों में 10 से 25 गुना तक बढ़ोत्तरी हो गई। उस समय यह 3.50 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर की दर से थी। जिसे बोर्ड के विरोध के बाद भी लागू किया था। वर्ष 2015- 16 में नई दरें लाई गई। इसमें 25 फीसदी की कमी की गई और दर 2.80 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर की दर से लागू की गई। इस समय इसी दर से वसूली हो रही है।
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कोर्ट ने नई दरें लागू करने को कहा है, निगम ऐसा क्यों कर रहा है पता नहीं। वैसे उनकी विधिक राय आने दीजिए इसके बाद निर्णय लेंगे।
डॉ. अरुण कुमार, विधायक
टैक्स की दरें लिखित विधिक राय आने के बाद तय होंगी। वैसे दो वित्तीय वर्ष के एआरयू के आधार पर सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है। यह काम जनवरी तक चलेगा।
राकेश सोनकर, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
टैक्स का हाल
शहर आबादी- 11 लाख
कर दायरे में- डेढ़ लाख
करदाता- 45 हजार
सत्र वसूली छूट
2013-14 20 करोड़ कोई छूट नहीं
2014-15 22 करोड़ कोई छूट नहीं
2015-16 24.5 करोड़ 10 फीसदी छूट व दरें कम
2016-17 22 करोड़ 15 फीसदी छूट
(नोट- वर्ष 2016-17 में 10 करोड़ रुपये चार माह में आए हैं। यह 2.80 की दर से 15 फीसदी छूट के साथ वसूला गया है। जबकि 2014- 15 में दर 3.50 थी। वसूली लगभग में है।)