Bareilly Metro: डिपो के लिए उपयुक्त भूमि न मिलने से मेट्रो परियोजना अटकी, अब तक डीपीआर भी नहीं हुई तैयार
बरेली में मेट्रो डिपो के लिए 20 हेक्टेयर भूमि चाहिए, लेकिन अब तक उपयुक्त जमीन नहीं मिल पाई है। उपयुक्त जमीन न मिलने से मेट्रो परियोजना अटक गई है।
विस्तार
बरेली में प्रस्तावित डिपो के लिए जमीन फाइनल न होने से अपने शहर की मेट्रो रेल परियोजना फिलहाल अटक गई। डीपीआर भी तैयार नहीं हो पाई। इसलिए अब दूसरे स्थानों पर जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन फाइनल होने में जितनी देरी होगी, उतनी ही देरी से परियोजना के धरातल पर उतरने में होगी।
शहर के दो रूटों पर मेट्रो रेल दौड़ाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की जिम्मेदारी रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) को दी गई है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) डीपीआर को लेकर राइट्स के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर चुका है, लेकिन डिपो के लिए जमीन का पेंच फंसा हुआ है। बीस एकड़ जमीन की जरूरत है।
आईवीआरआई के निकट के इलाके को राइट्स ने सर्वेक्षण में उपयुक्त पाया था। बीडीए ने आईवीआरआई से जमीन को लेकर बातचीत की, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। तब पीलीभीत रोड के निकट जमीन देखी गई और उसे प्रस्तावित कर दिया गया। इस पर डिपो निर्माण के लिए एयरफोर्स की एनओसी की जरूरत थी, क्योंकि इस इलाके में भवनों की ऊंचाई को लेकर प्रतिबंध है। ऊंचाई पर लगी पाबंदियों की वजह से यह जमीन भी फाइनल नहीं हो पा रही है। अब अन्य स्थानों पर उपयुक्त जमीन की तलाश है।
आंकड़े
02 मार्गों पर शहर में दौड़नी है मेट्रो ट्रेन
2030 तक मेट्रो सेवा देने की है तैयारी
20 स्टेशन के दो मार्गों पर बनाने के लिए हुआ सर्वे
22 किलोमीटर दौड़ानी है मेट्रो
विधायक ने बीडीए से मांगी जानकारी, कब तक दौड़ेगी मेट्रो
कैंट क्षेत्र के विधायक संजीव अग्रवाल ने बीडीए के उपाध्यक्ष से फोन पर बातचीत करके मेट्रो के विषय में जानकारी मांगी। इसके बाद उन्होंने बताया कि मेट्रो डिपो की जमीन फाइनल न होने से परियोजना फंसी है। इसे धरातल पर उतारने के लिए दूसरी जमीन तलाश की जा रही है। जमीन फाइनल होते ही मेट्रो की डीपीआर तैयार होगी। पीलीभीत रोड पर चयनित जमीन पर डिपो के निर्माण में ऊंचाई की अड़चन सामने है। इसलिए अन्य विकल्पों पर विचार-विमर्श हो रहा है।