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‘एनओसी की बाध्यता खत्म.. शुरू कर सकते हैं कारखाने’
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राज्य सरकार ने जारी की गाइड लाइन, संयुक्त आयुक्त बोले, प्रवासी श्रमिकों को भी कारोबार से जोड़ सकते हैं
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बरेली। उद्यमी कंटेनमेंट जोन से बाहर बंद पड़े अपने कारखाने बिना अनुमति के भी चालू कर सकते हैं। इसकी गाइड लाइन राज्य सरकार ने जारी कर दी है। जिले में अब तक करीब आधे उद्योग-धंधे किसी न किसी कारणों से नहीं चल पाए हैं। इसलिए सरकार ने सभी बंद उद्योग-धंधे जल्द से जल्द शुरू कराने के लिए उद्योग विभाग से एनओसी आदि की प्रक्रिया पूरी करने की बाध्यता खत्म कर दी है।
संयुक्त आयुक्त उद्योग आरआर गोयल ने लॉकडाउन-4 में सरकार ने व्यापार और व्यापारी के लिए कई सुविधाएं दी हैं। इसमें दो माह से बंद तमाम उद्योग-धंधे भी शामिल हैं। अब तक बंद कारखाना शुरू करने के लिए निर्धारित प्रोफार्मा भरा जा रहा था। इसे पूरा करने वाले कारोबारी को एनओसी दी जा रही थी, लेकिन लॉकडाउन-4 में सरकार ने रियायत देते हुए एनओसी लेने की बाध्यता खत्म कर दी है।
गोयल ने बताया कि श्रमिक संबंधी समस्या हल करने के लिए अन्य प्रांतों से आए कुशल और अकुशल लेबर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका चिह्निकरण जिला स्तर पर किया जाएगा। इन मजदूरों को काम पर लगाने से पहले कोरोना संबंधी टेस्ट कराना जरूरी होगा। गोयल ने उद्यमियों से कहा कि वे अन्य राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों को कारोबार से जोड़े सकते हैं।
संयुक्त आयुक्त उद्योग आरआर गोयल ने लॉकडाउन-4 में सरकार ने व्यापार और व्यापारी के लिए कई सुविधाएं दी हैं। इसमें दो माह से बंद तमाम उद्योग-धंधे भी शामिल हैं। अब तक बंद कारखाना शुरू करने के लिए निर्धारित प्रोफार्मा भरा जा रहा था। इसे पूरा करने वाले कारोबारी को एनओसी दी जा रही थी, लेकिन लॉकडाउन-4 में सरकार ने रियायत देते हुए एनओसी लेने की बाध्यता खत्म कर दी है।
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गोयल ने बताया कि श्रमिक संबंधी समस्या हल करने के लिए अन्य प्रांतों से आए कुशल और अकुशल लेबर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका चिह्निकरण जिला स्तर पर किया जाएगा। इन मजदूरों को काम पर लगाने से पहले कोरोना संबंधी टेस्ट कराना जरूरी होगा। गोयल ने उद्यमियों से कहा कि वे अन्य राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों को कारोबार से जोड़े सकते हैं।
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