फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   NOC of map in the airbase area should not be known now

एयरबेस एरिया में नक्शे की एनओसी को अब नहीं जाना होगा देहरादून

Fri, 06 Oct 2017 02:29 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Fri, 06 Oct 2017 02:29 AM IST
विज्ञापन
 त्रिशूल एयरबेस के 20 किलोमीटर एरिया में निर्माण पर रोक हटने से शहरवासियों को बड़ी राहत मिली है। रक्षा मंत्रालय के संशोधित आदेश से चार से छह किलोमीटर के एरिया में ही आवासीय या कामर्शियल निर्माण का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए एयरफोर्स की अनुमति लेना जरूरी है, लेकिन एनओसी लेने की प्रक्रिया पहले से आसान कर दी गई है। अब आवेदक को एयरफोर्स की एनओसी के लिए देहरादून नहीं जाना होगा। 
विज्ञापन

त्रिशूल एयरबेस के चार से छह किलोमीटर दायरे में आवासीय या कॉमर्शियल निर्माण पर प्रतिबंधि है। इस एरिया में निर्माण के नक्शे एयरफोर्स की अनुमति से ही स्वीकृत किए जाएंगे। प्रतिबंधित एरिया में मकान बनाने से पहले एयरफोर्स की एनओसी लेने की प्रक्रिया अब आसान कर दी गई है। निर्माण का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए अब आवेदक को बीडीए से आवेदन पत्र के साथ एयरफोर्स की एनओसी का प्रारूप भी मिलेगा। इसे भरकर बीडीए दफ्तर में जमा करना होगा। बीडीए उसे एयरफोर्स भेजेगा। प्रारूप में भरे गए निर्माण के डिटेल का परीक्षण करने के बाद एयरफोर्स के अफसर आवेदक को एनओसी जारी करने या ना करने का निर्णय लेंगे। इसकी सूचना आवेदक के साथ बीडीए को भी फोन पर दी जाएगी। आपत्तियां मिलने पर आवेदक को एयरफोर्स स्टेशन भी बुलाया जा सकता है। इसके बाद ही एनओसी देने पर विचार होगा। इससे पहले एयरफोर्स के प्रतिबंधित एरिया में किसी भी निर्माण के नक्शे की एनओसी के लिए आवेदक को सर्वे ऑफ इंडिया के देहरादून ऑफिस से प्रमाणित कराकर लाना पड़ता था। इसके बाद भी तमाम चक्कर लगाने के बाद एयरफोर्स की एनओसी बमुश्किल मिलती थी।
विज्ञापन


पुराने निर्माण पर नहीं लागू होंगे नए नियम
नए नियम सिर्फ नए निर्माण पर ही लागू होंगे। पुराने निर्माण ऐसे ही बने रहेंगे। किसी पुराने निर्माण का नक्शा स्वीकृत नहीं है और भवन मालिक कंपाउंडिंग कराना चाहता है तो इस पर बीडीए के माध्यम से एयरफोर्स से पत्राचार करने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
दो महीने में तय होगा बार्डर एरिया
अभी तक एयरफोर्स की चार से छह किलोमीटर एरिया की सीमा का निर्धारण नहीं किया गया है। अभी केवल छह किलोमीटर से बाहर एरिया वाले नक्शे जारी किए जा रहे हैं। बीडीए ने अभी मोटे तौर पर सिविल लाइंस, रामपुर गार्डन, सेटेलाइट, पीलीभीत बाईपास रोड की कॉलोनियां (बीसलपुर चौराहा तक), बदायूं रोड की कॉलोनियां, करगैना, सुभाषनगर, पुराना शहर, शाहजहांपुर रोड, डोहरा रोड, रामगंगा नगर, आलमगिरिगंज, सराफा बाजार, कुतुबखाना, नेकपुर, मढ़ीनाथ, किला आदि कॉलोनियों को छह किलोमीटर एरिया से बाहर माना है। हालांकि सीमा निर्धारण होने के बाद कई अन्य कॉलोनियां भी त्रिशूल एयरबेस के प्रतिबंधित एरिया से बाहर होंगी। इसको तय करने में एक से दो महीना लगेंगे। 



एयरफोर्स के प्रतिबंधित क्षेत्र में नक्शा स्वीकृत कराने के लिए आवेदक को बीडीए से ही एनओसी का भी आवेदन दिया जाएगा। आवेदक को उसे भरकर बीडीए दफ्तर में जमा करना होगा। बीडीए उसे डाक से एयरफोर्स के स्थानीय अधिकारियों को भेजेगा। वहां से निर्णय होने के बाद ही नक्शा स्वीकृति की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
- जहीरुद्दीन, एक्सईएन और मानचित्र प्रभारी बीडीए    
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed