{"_id":"5f25c92a8ebc3e63cf3710a4","slug":"no-ramdom-sampling-in-high-risk-zone-bareilly-news-bly414858799","type":"story","status":"publish","title_hn":"जहां संक्रमण की ज्यादा आशंका, वहां रैंडम सैंपलिंग कर दी बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जहां संक्रमण की ज्यादा आशंका, वहां रैंडम सैंपलिंग कर दी बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। रैंडम सैंपलिंग बढ़ने के बाद जिले में संक्रमितों की तादाद भी बढ़ गई और नतीजा यह हुआ कि महीने भर पहले जो बरेली प्रदेश में 67वें नंबर पर था, वह चौथे नंबर पर पहुंच गया। अब संवेदनशील इलाकों में रैंडम सैंपलिंग ही बंद हो गई है। इसे बरेली में कागजों पर संक्रमितों का आंकड़ा दुरुस्त करने की अफसरों की कवायद माना जा रहा है।
पिछले महीने तक जिले में आबादी की तुलना में नाममात्र के ही सैंपल लिए जा रहे थे लिहाजा रिकॉर्ड में संक्रमितों की संख्या भी नियंत्रित थी। शासन में यह खेल पकड़े जाने के बाद जिले के अफसरों को रोजाना कम से कम पांच सौ सैंपल कराने का निर्देश देते हुए यह लक्ष्य पूरा करने के लिए मेडिकल मोबाइल यूनिट यानी एमएमयू को शहर और देहात में भेजकर ज्यादा से ज्यादा रैंडम सैंपलिंग के निर्देश दिए। रैंडम सैंपलिंग शुरू हुई तो जिले में संक्रमितों का ग्राफ तेजी से बढ़ने लगा। शासन में बरेली के अफसरों पर इसके बाद संक्रमण की रफ्तार न रोक पाने पर सवाल उठने लगे। ऊपर से नाराजगी जताए जाने के बाद कुछ समय पहले एमएमयू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कर दिया गया।
संवेदनशील इलाकों में सैंपलिंग बंद हुई तो संक्रमित मिलने भी कम हो गए। पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त ने समीक्षा के दौरान इस खेल को भी पकड़ लिया और अफसरों को रैंडम सैंपलिंग को बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद अब फिर संक्रमितों का ग्राफ बढ़ने लगा है।
विज्ञापन
जहां ज्यादा संक्रमित मिले
वहां दोबारा गए ही नहीं
शहर के शास्त्रीनगर, चाहबाई गुलाब नगर, मदारी दरवाजा, वीर सावरकर नगर, राजेंद्र नगर, रिठौरा और कुछ दूसरे इलाकों में रैंडम सैंपलिंग के दौरान ही कई संक्रमित मिले थे। इसके बावजूद कई दिनों से इन इलाकों में सैंपलिंग के लिए एमएमयू नहीं पहुंच रही है। बताया जा रहा है कि जिले में चार एमएमयू वैन चल रही है जिनमें दो ग्रामीण इलाकों और दो शहरी इलाकों में सैंपल ले रही हैं। एमएमयू के एलटी संक्रमित होने से भी सैंपलिंग प्रभावित हो रही है।
जिला अस्पताल, तीन सौ बेड के फ्लू कॉर्नर समेत एमएमयू भी सैंपल कर रही है। निजी अस्पतालों को एंटीजन किट दी है। सीएचसी पर सैंपलिंग हो रही है। आरोप निराधार हैं। हर दिन डेढ़ हजार से ज्यादा सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपल बढ़ाने से संक्रमित बढे़ंगे यह सोचना गलत है। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ
विज्ञापन
पिछले महीने तक जिले में आबादी की तुलना में नाममात्र के ही सैंपल लिए जा रहे थे लिहाजा रिकॉर्ड में संक्रमितों की संख्या भी नियंत्रित थी। शासन में यह खेल पकड़े जाने के बाद जिले के अफसरों को रोजाना कम से कम पांच सौ सैंपल कराने का निर्देश देते हुए यह लक्ष्य पूरा करने के लिए मेडिकल मोबाइल यूनिट यानी एमएमयू को शहर और देहात में भेजकर ज्यादा से ज्यादा रैंडम सैंपलिंग के निर्देश दिए। रैंडम सैंपलिंग शुरू हुई तो जिले में संक्रमितों का ग्राफ तेजी से बढ़ने लगा। शासन में बरेली के अफसरों पर इसके बाद संक्रमण की रफ्तार न रोक पाने पर सवाल उठने लगे। ऊपर से नाराजगी जताए जाने के बाद कुछ समय पहले एमएमयू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कर दिया गया।
विज्ञापन
संवेदनशील इलाकों में सैंपलिंग बंद हुई तो संक्रमित मिलने भी कम हो गए। पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त ने समीक्षा के दौरान इस खेल को भी पकड़ लिया और अफसरों को रैंडम सैंपलिंग को बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद अब फिर संक्रमितों का ग्राफ बढ़ने लगा है।
विज्ञापन
जहां ज्यादा संक्रमित मिले
वहां दोबारा गए ही नहीं
शहर के शास्त्रीनगर, चाहबाई गुलाब नगर, मदारी दरवाजा, वीर सावरकर नगर, राजेंद्र नगर, रिठौरा और कुछ दूसरे इलाकों में रैंडम सैंपलिंग के दौरान ही कई संक्रमित मिले थे। इसके बावजूद कई दिनों से इन इलाकों में सैंपलिंग के लिए एमएमयू नहीं पहुंच रही है। बताया जा रहा है कि जिले में चार एमएमयू वैन चल रही है जिनमें दो ग्रामीण इलाकों और दो शहरी इलाकों में सैंपल ले रही हैं। एमएमयू के एलटी संक्रमित होने से भी सैंपलिंग प्रभावित हो रही है।
जिला अस्पताल, तीन सौ बेड के फ्लू कॉर्नर समेत एमएमयू भी सैंपल कर रही है। निजी अस्पतालों को एंटीजन किट दी है। सीएचसी पर सैंपलिंग हो रही है। आरोप निराधार हैं। हर दिन डेढ़ हजार से ज्यादा सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपल बढ़ाने से संक्रमित बढे़ंगे यह सोचना गलत है। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ