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खानदान को बदनाम करना मकसद नहीं, न्याय चाहिए

Wed, 28 Dec 2016 01:22 AM IST
बरेली
बरेली Updated Wed, 28 Dec 2016 01:22 AM IST
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आला हजरत खानदान की बहू निदा खान का कहती हैं, खानदान को बदनाम मेरा मकसद नहीं है मैं खुद उसी खानदान की हूं। बल्कि शीरान जिस तरह का शख्स है उसे खुद खानदान छोड़ा कर अलग हो जाना चाहिए। मुझे तो इंसाफ और सिर्फ इंसाफ चाहिए, जिसने मुझे दहेज के प्रताड़ित किया, मेरे बच्चे की पेट में हत्या की और तेजाब से जलाने की सजा दी उसे कानून के हिसाब से सजा मिलनी चाहिए। निदा तलाक के मुद्दे पर कह रही हैं कि बिना मेरे सुने, मेरे मेरे दस्तखत के कैसा तलाक? ये तलाक हुआ भी कि नहीं और कैसे हुआ ये बात भी साफ होनी चाहिए।
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मंगलवार को निदा ने सीधे मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। सौदागरान निवासी शीरान रजा खां की पत्नी निदा खान ने  शाहदाना स्थित अपने मायके में पत्रकारों से कहा है कि दहेज में जो कुछ दिया गया वह उन्हें शुरू से पसंद नहीं था। वह तो डस्टर गाड़ी की मांग कर रहे थे। जब वह पूरी नहीं हो सकी तो रोज मारपीट करने लगे। मेरे गर्भ में तीन माह का बच्चा मरा है इसके लिए माफ नहीं कर सकती। यहां तक कि मेरा चेहरा तक खराब करने की कोशिश की है। सबूत के तौर उन्होंने चेहरे पर लगे 16 जुलाई को मारपीट के निशान वाली फोटो और 17 जुलाई की मेडिकल रिपोर्ट भी प्रेस को दिखाई।   
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निदा ने आरोप लगाया कि शीरान मुद्दे को भटका रहे हैं। वह उनकी कान्वेंट की पढ़ाई को मुद्दा बना रहे हैं। जबकि असल मामला दहेज का है। हम उस घर में नमाज पढ़ते थे, पर्दा करते थे, मुसलमान होने के नाते यह जरूरी समझती हूं।  दहेज वापस नहीं हुआ है। कार जो दी थी वह उन्हीं के पास हैं। उनके प्लाट पर खड़ी कार का वीडियो भी दिखाया। इसमें शीरान ने विवेचक से कहा था कि वह दहेज वापस कर चुके हैं।
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 तलाक बारे में बोली- कब कहां और किसके सामने दिया यह पता नहीं। वह कभी कहते हैं कि सौदागारान में दिया और कभी कहते हैं शाहदाना मेरे घर पर आ कर  दिया। जब कि ऐसा कुछ नहीं हुआ, अलबत्ता उन्होंने कोर्ट में तलाकनामा पेश किया है। जिसमें उनके हस्ताक्षर हैं और उन्हीं के गवाह हैं। हमारे तो हस्ताक्षर हैं ही नहीं न ही मेरी तरफ से कोई गवाही है।फिर भी कह रहे हैं कि तलाक दोनों पक्ष की रजामंदी से हुआ है। यह तलाकनामा शीरान ने केस से बचने के लिए कोर्ट में लगाया।

 निदा ने कहा कि शीरान खुद को छात्र बता रहे हैं जब कि उनकी दरगाह पर ही दुकान है जिससे लगभग 25 हजार रुपये माह की इनकम है। अगर वह बेरोजगार होते तो शादी कैसे मुमकिन थी। यह बयान उन्होंने मेंटीनेंस देने से बचने के लिए दिया है।
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