फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Nepali smuggler used to provide fake currency, leader used to consume it

Bareilly News: नेपाली तस्कर जाली नोट मुहैया कराता था, नेता खपाता था

Fri, 24 Feb 2023 02:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Feb 2023 02:08 AM IST
विज्ञापन
Nepali smuggler used to provide fake currency, leader used to consume it
बरेली/भोजीपुरा। नेपाल के रास्ते हो रही नकली नोटों की तस्करी में दोनों मुख्य सरगना के फरार होने से अभी कई सवालों के जवाब फंस गए हैं। नेपाली तस्कर को पकड़ना भले ही मुश्किल हो पर स्थानीय सफेदपोश अफसार अली की गिरफ्तारी की उम्मीद में पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगी हैं। इसके बाद धंधे की पूरी हकीकत सामने आ सकेगी।
विज्ञापन

एसटीएफ मेरठ इकाई काफी समय से सीमा पार से हो रही नकली नोटों की तस्करी पर इनपुट जुटा रही थी। बरेली यूनिट के साथ मिलकर टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दे दी। इसमें आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को काफी जानकारियां मिली हैं। पता लगा है कि नेपाल का सुरेश और भोजीपुरा के भैरपुरा खजुरिया का अफसार अली नेपाल के पोखरा की एक फैक्टरी में काम करते थे। करीब डेढ़ साल पहले इन लोगों का नकली नोट के धंधे से जुड़ाव हुआ। इसके बाद अफसार गांव लौट आया। सुरेश उसे नेपाल से नकली नोट मुहैया कराता था और वह उसे खपाता था।
विज्ञापन

बताते हैं कि लोगों को एक लाख के बदले तीन लाख रुपये देते वक्त भी होशियारी से ऊपर और नीचे असली नोट लगा लिए जाते थे। हालांकि ज्यादातर लोगों को यह पता होता था कि नोट असली नहीं हैं पर साल भर से वह नोट बेहिचक खपा रहा था। कस्बे के आसपास इलाके से लेकर दूसरे प्रांतों तक नोटों की सप्लाई अफसार कर चुका था। टीम अभी यह पता नहीं कर सकी हैं कि नोट बनाए कहां जाते थे। हालांकि इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तान या फिर नेपाल में नोट बनाकर पीलीभीत के रास्ते यहां भेजे जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार पर भाजपा का झंडा लगाता था अफसार
अफसार के बारे में जानकारी मिल रही है कि वह साल भर में ही काफी मालदार हो गया था। उसने एक पुरानी कार खरीद ली थी और उस पर भाजपा का झंडा लगाता था। वह खुद को भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ा बताता था पर टीम को इस बात के प्रमाण नहीं मिले कि वह वाकई किसी दल से जुड़ा था। माना जा रहा है कि आसपास के लोगों में रसूख कायम करने के लिए वह सत्तापक्ष के दल से अपना जुड़ाव बताता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed