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Bareilly News: बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण में लापरवाही, निर्देश देकर छोड़ा
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बरेली। निजी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था का अधिकारियों ने निरीक्षण किया। जांच में खामियां मिलने पर नोटिस देने के बजाय टीम चेतावनी देकर लौट गई। एक अस्पताल में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और एक अस्पताल का रिकॉर्ड सही नहीं मिला।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक नीलदेव मैटरनिटी एंड फर्टिलिटी सेंटर में ईटीपी नहीं लगा था। बायो मेडिकल वेस्ट का मेन स्टोरेज अस्पताल के पीछे था। दोनों व्यवस्थाएं नियमानुसार करने के निर्देश दिए गए। चंद्रकांति अस्पताल में भी बायो मेडिकल वेस्ट के स्थायी भंडारण की व्यवस्था पीछे की ओर मिली, जिसे सामने रखने के निर्देश दिए।
केके अस्पताल के वार्ड में कलर कोड के डस्टबिन नहीं थे। बायो मेडिकल वेस्ट का मेन स्टोरेज ही नहीं था। डिवाइन हॉस्पिटल में भी वार्ड के अंदर डस्टबिन नहीं थे। सुधार के निर्देश दिए गए। संकल्प अस्पताल में व्यवस्थाएं सही मिलीं। क्यूट एंड किड्स अस्पताल में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी का नवीनीकरण नहीं हुआ था। मेन स्टोरेज पीछे था। रिकॉर्ड भी समुचित नहीं मिले। मामले पर नोटिस जारी कर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
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अफसर बोले : सुधार न होने पर होगी कार्रवाई
एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि जांच में बड़ी खामियां नहीं मिलीं। अस्पताल संचालकों को व्यवस्था सुधारने के लिए निर्देशित किया गया है। अगर भविष्य में जांच के दौरान निर्देश का उल्लंघन मिला तो नोटिस जारी की जाएगी। टीम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लक्ष्मी नारायण, सहायक वैज्ञानिक अधिकारी सुनील सिंह चौहान शामिल रहे।
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स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक नीलदेव मैटरनिटी एंड फर्टिलिटी सेंटर में ईटीपी नहीं लगा था। बायो मेडिकल वेस्ट का मेन स्टोरेज अस्पताल के पीछे था। दोनों व्यवस्थाएं नियमानुसार करने के निर्देश दिए गए। चंद्रकांति अस्पताल में भी बायो मेडिकल वेस्ट के स्थायी भंडारण की व्यवस्था पीछे की ओर मिली, जिसे सामने रखने के निर्देश दिए।
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केके अस्पताल के वार्ड में कलर कोड के डस्टबिन नहीं थे। बायो मेडिकल वेस्ट का मेन स्टोरेज ही नहीं था। डिवाइन हॉस्पिटल में भी वार्ड के अंदर डस्टबिन नहीं थे। सुधार के निर्देश दिए गए। संकल्प अस्पताल में व्यवस्थाएं सही मिलीं। क्यूट एंड किड्स अस्पताल में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी का नवीनीकरण नहीं हुआ था। मेन स्टोरेज पीछे था। रिकॉर्ड भी समुचित नहीं मिले। मामले पर नोटिस जारी कर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
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अफसर बोले : सुधार न होने पर होगी कार्रवाई
एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि जांच में बड़ी खामियां नहीं मिलीं। अस्पताल संचालकों को व्यवस्था सुधारने के लिए निर्देशित किया गया है। अगर भविष्य में जांच के दौरान निर्देश का उल्लंघन मिला तो नोटिस जारी की जाएगी। टीम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लक्ष्मी नारायण, सहायक वैज्ञानिक अधिकारी सुनील सिंह चौहान शामिल रहे।