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दवा कारोबारी से अवैध वसूली में फंसे नारकोटिक्स के अफसर
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प्रतीकात्मक ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर वसूले 20 लाख, अब 50 लाख मांगने का आरोप
व्यापारी ने एसएसपी से की शिकायत, एसपी सिटी को सौंपी गई जांच
बरेली। दवा के थोक कारोबारी अंकित सक्सेना ने नारकोटिक्स अधीक्षक एलआर दिवाकर समेत छह कर्मियों पर 20 लाख रुपये की अवैध वसूली और फिर 50 लाख रुपये मांगने के आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत पर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने एसपी सिटी रवींद्र कुमार को मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रेमनगर के मोहल्ला चाहबाई में रहने वाले थोक दवा कारोबारी अंकित सक्सेना की फर्म वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम से पंजीकृत है। अंकित का कहना है कि उनके पास फर्म द्वारा खरीदी और बेची गई दवाओं का पूरा रिकार्ड है और वह समय से आयकर भी जमा करते हैं। बताया कि इस फर्म के जरिये उन्होंने चौधरी फार्मास्यूटिकल को कोडिन और ट्रामाडॉल सीरप की सप्लाई की थी, जिसके सारे रिकार्ड मौजूद हैं। वर्ष 2019-20 में उन्होंने करीब 11 करोड़ की दवाएं बेचीं, जिनका टैक्स भी जमा किया। इसके बाद एलआर दिनकर ने उनके पास इंस्पेक्टर महेश प्रताप को भेजा और कहा कि उन पर टैक्स के बीस लाख रुपये बकाया हैं। अतिरिक्त कर जमा न करने पर परेशानी में पड़ने की बात कही गई। तब उन्होंने दस-दस लाख रुपये दो बार में जमा कर दिए लेकिन इसकी कोई रसीद नहीं दी गई। रसीद मांगने पर टालमटोल की गई और इसी बीच महेश प्रताप स्थानांतरण बाराबंकी हो गया।
फिर पांच दिसंबर 2021 को नारकोटिक्स के कुछ कर्मचारी उनके घर फिर पहुंच गए। कहा कि एनआर दिनकर ने 50 लाख रुपये टैक्स जमा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि 20 लाख रुपये दे चुके हैं, अब नहीं देंगे तो मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। कहा कि रकम नहीं दी तो पूरा परिवार जेल जाएगा। अंकित का कहना है कि वह पूरी तरह से नियमानुसार काम कर रहे हैं लेकिन फिर अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
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फेंसेडिल की कालाबाजारी का है
मामला, दस नोटिस हुए हैं जारी
नारकोटिक्स अधीक्षक एलआर दिनकर का कहना है कि दवा कारोबारी अंकित ने फेंसेडिल सीरप का अवैध तरीके से कारोबार किया है। दो-तीन करोड़ रुपये की दवाई उन्होंने दूसरी फर्म को सप्लाई की है। वहां से उसके सबूत मिल चुके हैं लेकिन अंकित ने उसका हिसाब-किताब नहीं दिखाया। इस संबंध में उनको करीब दस नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं लेकिन कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इस मामले में वह फंस रहे हैं, इसी वजह से आरोप लगा रहे हैं। अब उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
दवा कारोबारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी सिटी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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व्यापारी ने एसएसपी से की शिकायत, एसपी सिटी को सौंपी गई जांच
बरेली। दवा के थोक कारोबारी अंकित सक्सेना ने नारकोटिक्स अधीक्षक एलआर दिवाकर समेत छह कर्मियों पर 20 लाख रुपये की अवैध वसूली और फिर 50 लाख रुपये मांगने के आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत पर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने एसपी सिटी रवींद्र कुमार को मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रेमनगर के मोहल्ला चाहबाई में रहने वाले थोक दवा कारोबारी अंकित सक्सेना की फर्म वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम से पंजीकृत है। अंकित का कहना है कि उनके पास फर्म द्वारा खरीदी और बेची गई दवाओं का पूरा रिकार्ड है और वह समय से आयकर भी जमा करते हैं। बताया कि इस फर्म के जरिये उन्होंने चौधरी फार्मास्यूटिकल को कोडिन और ट्रामाडॉल सीरप की सप्लाई की थी, जिसके सारे रिकार्ड मौजूद हैं। वर्ष 2019-20 में उन्होंने करीब 11 करोड़ की दवाएं बेचीं, जिनका टैक्स भी जमा किया। इसके बाद एलआर दिनकर ने उनके पास इंस्पेक्टर महेश प्रताप को भेजा और कहा कि उन पर टैक्स के बीस लाख रुपये बकाया हैं। अतिरिक्त कर जमा न करने पर परेशानी में पड़ने की बात कही गई। तब उन्होंने दस-दस लाख रुपये दो बार में जमा कर दिए लेकिन इसकी कोई रसीद नहीं दी गई। रसीद मांगने पर टालमटोल की गई और इसी बीच महेश प्रताप स्थानांतरण बाराबंकी हो गया।
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फिर पांच दिसंबर 2021 को नारकोटिक्स के कुछ कर्मचारी उनके घर फिर पहुंच गए। कहा कि एनआर दिनकर ने 50 लाख रुपये टैक्स जमा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि 20 लाख रुपये दे चुके हैं, अब नहीं देंगे तो मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। कहा कि रकम नहीं दी तो पूरा परिवार जेल जाएगा। अंकित का कहना है कि वह पूरी तरह से नियमानुसार काम कर रहे हैं लेकिन फिर अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
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फेंसेडिल की कालाबाजारी का है
मामला, दस नोटिस हुए हैं जारी
नारकोटिक्स अधीक्षक एलआर दिनकर का कहना है कि दवा कारोबारी अंकित ने फेंसेडिल सीरप का अवैध तरीके से कारोबार किया है। दो-तीन करोड़ रुपये की दवाई उन्होंने दूसरी फर्म को सप्लाई की है। वहां से उसके सबूत मिल चुके हैं लेकिन अंकित ने उसका हिसाब-किताब नहीं दिखाया। इस संबंध में उनको करीब दस नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं लेकिन कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इस मामले में वह फंस रहे हैं, इसी वजह से आरोप लगा रहे हैं। अब उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
दवा कारोबारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी सिटी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी