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विवि में बनेगा नैनो टेक्नोलॉजी का रिसर्च सेंटर
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 16 Apr 2016 01:30 AM IST
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में जल्द ही नैनो टेक्नोलॉजी का रिसर्च सेंटर बनेगा। विश्वविद्यालय की ओर से नैनोटेक्नोलॉजी समेत चार विषयों में शासन को प्रस्ताव भेजा है। एनवॉयरमेंटल साइंस का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत ये सारे प्रस्ताव एमएचआरडी को जाएंगे। एमएचआरडी की मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय को प्रोजेक्ट मिलेगा।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत शासन की ओर से रिसर्च सेंटर के लिए बायोटेक्नोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी, एनवॉयरमेंटल साइंस, कंप्यूटर साइंस और मॉडलिंग के प्रस्ताव मांगे गए थे। इसमें चार विषय बायोटेक्नोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस और मॉडलिंग का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। एनवॉयरमेंटल साइंस का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। जल्द ही यह प्रस्ताव भी शासन के पास पहुंच जाएगा। सभी विश्वविद्यालय के प्रस्ताव आने के बाद शासन मानव संसाधन विकास मंत्रालय भेजेगा। इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय सभी प्रस्तावों का अध्ययन करेगा। इसमें जिस विश्वविद्यालय का प्रस्ताव अच्छा होगा, उसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से प्रोजेक्ट दिया जाएगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सबसे अच्छा नैनो टेक्नोलॉजी का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। दरअसल कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन ने खुद नैनो टेक्नोलॉजी का प्रस्ताव देखा और उसे शासन को भिजवाया। प्रो. मुशाहिद हुसैन ने जामिया मिलिया में नैनो टेक्नोलॉजी की लैब स्थापित की थी। वह विश्वविद्यालय नैनो टेक्नोलॉजी का प्रस्ताव लेना चाहिए। विश्वविद्यालय का नैनो टेक्नोलॉजी का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद शोध केंद्र बन सकेगा। इसके बाद यहां पर 421 कॉलेजों के विद्यार्थी शोध कर सकेंगे।
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यूजीसी की गाइड लाइंस पर भेजे प्रस्ताव
रूसा कोऑर्डीनेटर प्रो. एके सरकार ने बताया कि पांच शोध केंद्र के प्रस्ताव शासन की ओर से मांगे गए थे। हमने पांच शोध केेंद्रों का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव एमएचआरडी के निर्देशों और यूजीसी की गाइड लाइंस के अनुसार तैयार किया गया है। विश्वविद्यालय के शिक्षक लखनऊ जाकर इन सभी रिसर्च सेंटर के प्रस्ताव पर अपना प्रेजेंटेशन देंगे।
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राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत शासन की ओर से रिसर्च सेंटर के लिए बायोटेक्नोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी, एनवॉयरमेंटल साइंस, कंप्यूटर साइंस और मॉडलिंग के प्रस्ताव मांगे गए थे। इसमें चार विषय बायोटेक्नोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस और मॉडलिंग का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। एनवॉयरमेंटल साइंस का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। जल्द ही यह प्रस्ताव भी शासन के पास पहुंच जाएगा। सभी विश्वविद्यालय के प्रस्ताव आने के बाद शासन मानव संसाधन विकास मंत्रालय भेजेगा। इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय सभी प्रस्तावों का अध्ययन करेगा। इसमें जिस विश्वविद्यालय का प्रस्ताव अच्छा होगा, उसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से प्रोजेक्ट दिया जाएगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सबसे अच्छा नैनो टेक्नोलॉजी का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। दरअसल कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन ने खुद नैनो टेक्नोलॉजी का प्रस्ताव देखा और उसे शासन को भिजवाया। प्रो. मुशाहिद हुसैन ने जामिया मिलिया में नैनो टेक्नोलॉजी की लैब स्थापित की थी। वह विश्वविद्यालय नैनो टेक्नोलॉजी का प्रस्ताव लेना चाहिए। विश्वविद्यालय का नैनो टेक्नोलॉजी का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद शोध केंद्र बन सकेगा। इसके बाद यहां पर 421 कॉलेजों के विद्यार्थी शोध कर सकेंगे।
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यूजीसी की गाइड लाइंस पर भेजे प्रस्ताव
रूसा कोऑर्डीनेटर प्रो. एके सरकार ने बताया कि पांच शोध केंद्र के प्रस्ताव शासन की ओर से मांगे गए थे। हमने पांच शोध केेंद्रों का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव एमएचआरडी के निर्देशों और यूजीसी की गाइड लाइंस के अनुसार तैयार किया गया है। विश्वविद्यालय के शिक्षक लखनऊ जाकर इन सभी रिसर्च सेंटर के प्रस्ताव पर अपना प्रेजेंटेशन देंगे।
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