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नैनीताल की वादियां हसीन.. पर सफर बहुत मुश्किल

Thu, 23 Jul 2020 01:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 01:14 AM IST
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Nainital's promises beautiful
बारिश में और भी ज्यादा खराब हो चुका है नैनीताल मार्ग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

यूपी की सीमा खत्म होने के बाद पुल भट्ठा तक बेशुमार गड्ढे, कई जगह चटकी हुई सड़क

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नैनीताल की वादियों में कुछ समय गुजारने का हसीन ख्वाब लेकर बरेली-बागेश्वर फोरलेन पर गुजरने वाले लोगों की तादाद शायद हर महीने लाखों में होती होगी मगर नैनीताल पहुंचने से पहले इनके स्वागत के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से बेतहाशा झटकों के अलावा कुछ नहीं है। बहेड़ी में टोल प्लाजा के ठीक बाद उत्तराखंड की सीमा में दाखिल होते ही असहनीय सफर भी शुरू हो जाता है और नैनीताल जाने को लेकर दिलोदिमाग में मौजूद सुखद एहसास भी इसी बीच सड़क के गहरे गड्ढों में उछलती-कूदती गाड़ियों में गुम होकर रह जाता है।

यूपी की सीमा खत्म होते ही शुरू हो जाता है गड्ढों में उछलते-कूदते आगे बढ़ने का सफर

यूपी की सीमा खत्म होते ही उत्तराखंड के पुलभट्टा तक बरेली-बागेश्वर फोरलेन पर कई किलोमीटर की दूरी तक झटके ही झटके हैं। हाईवे पर कहीं छोटे और कहीं बड़े गड्ढे गाड़ियों की रफ्तार थामने के साथ पर्यटकों और आम यात्रियों का भरपूर इम्तहान लेते हैं। रिछा स्टेशन से लेकर सतईया गांव तक हाईवे जगह जगह चटक गया है। इस सड़क पर सफर उन पर्यटकों के लिए कुछ ज्यादा तकलीफदेह साबित होता है जो आराम और इत्मीनान के लिए कुछ दिन गुजारने के लिए उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए गुजरते हैं। अनदेखी की हद यह है कि हाईवे के डिवाइडर तक जंगली घास की क्यारी की शक्ल ले चुके हैं।
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टोल प्लाजा के बाद उत्तराखंड की सीमा प्रारंभ होते ही पुलभट्टा तक सड़क बुरी तरह टूटी हुई है। सड़क पर ट्रैफिक बढ़ने के बावजूद उत्तराखंड सरकार ने इस हाईवे को न चौड़ा कराया है न कई सालों से इसकी मरम्मत कराने की जरूरत महसूस की है। टोल प्लाजा के बाद गाड़ियां हाईवे के गड्ढों में उछलते-कूदते आगे बढ़ती हैं और फिर यह सफर उत्तराखंड पहुंचने से पहले ही पूरा मूड चौपट कर देता है।
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हाईवे पर बेशुमार अवैध कट, सफर मुश्किल ऊपर से हादसों का डर

हाईवे पर जगह-जगह लोगों ने डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना लिए हैं। खासतौर पर डंडिया गांव, रिछौला गांव के पास सिंह ढाबे के सामने डिवाइडर तोड़कर बनाए गए अवैध कट की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा रात को ढाबों के सामने सड़क के पास ट्रक रोककर उनका स्टाफ खाना खाने उतर जाता है, सड़क पर खड़े ये ट्रक भी अक्सर हादसे की वजह बनते हैं। ज्यादातर बाइक और कार लेकर निकले लोग ट्रकों की लंबी लाइनों के बीच अचानक कहीं भिड़ जाते हैं। दो जगह छोड़कर कहीं यूटर्न भी नहीं बनाया गया है।

पुलभट्टा से किच्छा के बीच जो हाईवे टूटा हुआ है उस पर हाईवे अथॉरिटी ने काम शुरू कर दिया है। बहुत जल्द यह हिस्सा ठीक हो जाएगा। किच्छा-सितारगंज मार्ग को सीधे जोड़ने के लिए एक फ्लाईओवर भी बन रहा है जिसके बाद किच्छा-बरेली मार्ग और बेहतर हो जाएगा। - विवेक प्रकाश, एसडीएम किच्छा ऊधमसिंह नगर

यूपी की सीमा तक हाईवे बढ़िया है, टूटी सड़क उत्तराखंड की किच्छा तहसील का इलाका है। देर-सवेर उत्तराखंड की सरकार ही इस हाईवे को ठीक कराएगी। - राजेश चंद्र, एसडीएम बहेड़ी

कोरोना के दौर में यह भी मुसीबत.. ई पास चेक करने के लिए घंटों रोकती है उत्तराखंड पुलिस

बहेड़ी। कोरोना के दौर में बेतहाशा पाबंदियों ने भी उत्तराखंड का सफर और मुश्किल कर दिया है। उत्तराखंड पुलिस की सख्त चेकिंग की वजह से उत्तराखंड में प्रवेश करने के लिए ही तीन से चार घंटे तक का समय लग रहा है। यह स्थिति तब है जब उत्तराखंड सरकार की ही ओर से ही ई पास जारी किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक तो ई पास की चेकिंग के नाम पर उन्हें घंटों सीमा पर रोका जा रहा है, दूसरे उत्तराखंड की पुलिस अक्सर उनके साथ बदसलूकी और मारपीट करने तक से बाज नहीं आती।
ऐन बार्डर पर पुलभट्टा थाने से पहले उत्तराखंड पुलिस ने बैरियर लगाकर सड़क बंद कर रखी है। यहां ई पास की जांच की जाती है जिसमें दो-दो घंटे तक का समय लग जाता है। लोगों की शिकायत है कि उत्तराखंड पुलिस की महिला पुलिस कर्मी लोगों की दिक्कत नजरअंदाज कर चेकिंग में कोई तत्परता नहीं दिखातीं, इसकी वजह से सीमा पर लंबा जाम भी लगा रहता है। जिन लोगों के आधार कार्ड नहीं होता, उन्हें ई पास होने के बाद भी लौटा दिया जाता है।

तीन गुना किराया ले रहे ई रिक्शा और मैजिक

बहेड़ी से उत्तराखंड बार्डर तक ई रिक्शा और मैजिक गाड़ियां सवारियों को ढो रही हैं लेकिन वह इसका तीन गुना किराया वसूल रहे हैं। बार्डर पर ई पास की एंट्री के बाद ही उन्हें उत्तराखंड में प्रवेश दिया जाता है। वहां से सवारी पकड़कर लोग किच्छा या सितारंगज की ओर जाते हैं।

गांवों के संपर्क मार्गों पर दबंगों ने शुरू की वसूली

तमाम लोगों का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस यूपी के संपर्क मार्गों के बार्डर पर भी तैनात हैं। यहां ई पास दिखाने पर भी नहीं जाने दिया जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस ने गांवों के दबंग लोगों को तैनात किया है जो ई पास दिखाने के बाद भी लोगों से पचास रुपये की वसूली कर लेते हैं। अक्सर हाईवे के बार्डर पर भीड़ से बचने के लिए लोग लिंक रोडों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसका फायदा ये दबंग लोग उठा रहे हैं।

बार्डर पर ई पास व्यवस्था जारी है, वैसी ही रहेगी। महामारी से लड़ने के लिए आमजन भी सहयोग करे। बिना ई पास की एंट्री कराए उत्तराखंड में प्रवेश नहीं मिलेगा। - विवेक प्रकाश, एसडीएम किच्छा ऊधमसिंह नगर

बार्डर पर उत्तराखंड के अधिकारियों ने बैरियर लगाकर ई पास की व्यवस्था की तो बरेली प्रशासन ने लोगों की परेशानी कम करने के लिए वहां एक ई पास सेंटर खोल दिया लेकिन एंट्री करने में उत्तराखंड पुलिस की देरी से जाम लगता है। इस बारे में वहां के अधिकारियों से बात भी की थी लेकिन उन्होंने कोरोना का हवाला देकर सख्ती कायम रखने की बात कही है। - राजेश चंद्र, एसडीएम बहेड़ी

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