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मंत्री ने दिखाई सख्ती तो मेयर ने पूछा कब तक बाहर होंगी शहर से डेयरी
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बरेली। लखनऊ में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन की बैठक में निगम अफसरों की पोल खोलने के बाद मेयर उमेश गौतम नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. पर लगातार हमलावर हैं। बजट के हिसाब-किताब के बाद अब उन्होंने नगर आयुक्त को डेयरियों के संबंध में पत्र लिखकर पूछा है कि इन्हें शहर से कब तक बाहर किया जाएगा और इसकी क्या कार्ययोजना है।
लखनऊ में चार नवंबर को नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश भर के नगर निगम के कामकाज की समीक्षा की थी। यहां से मेयर उमेश गौतम, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह और एक्सईएन संजय चौहान बैठक में शामिल हुए थे। समीक्षा के दौरान अफसरों ने बताया था कि शहर में 821 डेयरी हैं। इस पर मंत्री ने इन्हें सख्ती के साथ शहर से बाहर करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा था कि एनजीटी के आदेश के अनुसार डेयरियां हर हाल में शहर से बाहर की जाएं। बैठक से लौटते ही मेयर उमेश गौतम ने इस संबंध में नगर आयुक्त को पत्र लिखकर पूछा है कि डेयरियों को शहर से कब तक बाहर किया जाएगा और इसकी क्या कार्ययोजना है।
पूर्व में भी आए आदेश, फाइलों में कैद रह गए
डेयरियों को शहर से बाहर करने की कवायद पहले भी कई बार हो चुकी है, मगर यह कवायद फाइलों में ही कैद होकर रह गई। पूर्व में इन्हें शहर से बाहर जगह देकर शिफ्ट करने की बातें भी हुईं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
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डेयरियों के चलते मोहल्लों में गंदगी
नगर निगम क्षेत्र में 821 डेयरियां गलियाें एवं सड़कों पर संचालित हो रही हैं। इसमें सबसे ज्यादा खराब स्थिति बानखाना, गुलाबनगर, सुर्खा, चौधरी मोहल्ला, पुराना शहर, चौपुला, मढ़ीनाथ, सिकलापुर, कालीबाड़ी, आजमनगर, चक महमूद क्षेत्रों में है। डेयरी संचालक न सिर्फ गोबर नालियों में बहाते हैं बल्कि जानवरों को भी सड़क पर छोड़ देते हैं। इससे मोहल्लों में हर समय गंदगी बनी रहती है।
समीक्षा बैठक में भी डेयरियों को शहर से बाहर करने के निर्देश मिल चुके हैं। इस समय अयोध्या मामले को लेकर फोर्स मिल पाना मुश्किल होगा, इसलिए जल्दी ही प्लानिंग करके फोर्स की उपलब्धता के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गंदगी करने वाले डेयरी संचालकों पर कार्रवाई जारी है। - ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त
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लखनऊ में चार नवंबर को नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश भर के नगर निगम के कामकाज की समीक्षा की थी। यहां से मेयर उमेश गौतम, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह और एक्सईएन संजय चौहान बैठक में शामिल हुए थे। समीक्षा के दौरान अफसरों ने बताया था कि शहर में 821 डेयरी हैं। इस पर मंत्री ने इन्हें सख्ती के साथ शहर से बाहर करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा था कि एनजीटी के आदेश के अनुसार डेयरियां हर हाल में शहर से बाहर की जाएं। बैठक से लौटते ही मेयर उमेश गौतम ने इस संबंध में नगर आयुक्त को पत्र लिखकर पूछा है कि डेयरियों को शहर से कब तक बाहर किया जाएगा और इसकी क्या कार्ययोजना है।
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पूर्व में भी आए आदेश, फाइलों में कैद रह गए
डेयरियों को शहर से बाहर करने की कवायद पहले भी कई बार हो चुकी है, मगर यह कवायद फाइलों में ही कैद होकर रह गई। पूर्व में इन्हें शहर से बाहर जगह देकर शिफ्ट करने की बातें भी हुईं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
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डेयरियों के चलते मोहल्लों में गंदगी
नगर निगम क्षेत्र में 821 डेयरियां गलियाें एवं सड़कों पर संचालित हो रही हैं। इसमें सबसे ज्यादा खराब स्थिति बानखाना, गुलाबनगर, सुर्खा, चौधरी मोहल्ला, पुराना शहर, चौपुला, मढ़ीनाथ, सिकलापुर, कालीबाड़ी, आजमनगर, चक महमूद क्षेत्रों में है। डेयरी संचालक न सिर्फ गोबर नालियों में बहाते हैं बल्कि जानवरों को भी सड़क पर छोड़ देते हैं। इससे मोहल्लों में हर समय गंदगी बनी रहती है।
समीक्षा बैठक में भी डेयरियों को शहर से बाहर करने के निर्देश मिल चुके हैं। इस समय अयोध्या मामले को लेकर फोर्स मिल पाना मुश्किल होगा, इसलिए जल्दी ही प्लानिंग करके फोर्स की उपलब्धता के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गंदगी करने वाले डेयरी संचालकों पर कार्रवाई जारी है। - ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त