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टैक्स बिल न बांटकर वित्तीय अनियमितता कर रहा निगम
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बरेली। पार्षदों ने अब टैक्स बिल की वसूली को लेकर नगर आयुक्त को घेरने की योजना बनाई है। पार्षद सतीश कातिब ने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. को पत्र लिखकर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वित्तीय वर्ष के तीन महीने बीतने के बावजूद बिल न बांटकर निगम के राजस्व को चूना लगाया जा रहा है।
पार्षद सतीश कातिब का कहना है कि अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही नियमानुसार नगर निगम को टैक्स बिल का वितरण शुरू करा देना चाहिए। ताकि समय रहते लोग अपना टैक्स जमा करके जुर्माने से बच सकें। मगर इस बार नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए तीन महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अब तक टैक्स के बिल वितरित नहीं हुए हैं। इससे नगर निगम को राजस्व को हानि हो रही है और यह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इसलिए तत्काल बिलों का वितरण कराकर टैक्स जमा कराने का काम शुरू किया जाए।
बोर्ड मीटिंग के लिए भेजे तीन सवाल
इसको लेकर पार्षद सतीश कातिब ने बोर्ड मीटिंग में जवाब देने के लिए धारा 98 के तहत तीन सवाल भी लगाए हैं। उन्होंने पूछा है कि अप्रैल 2019 से अब तक गृहकर-सीवरकर के रूप में कितने राजस्व की वसूली की गई है। एक दिसंबर 2017 से अब तक नाम परिवर्तन के कितने आवेदन प्राप्त हुए, उनमें कितने लंबित हैं और उसका कारण क्या है? इसके अलावा कितने नवीन भवनों पर टैक्स लगाया गया है।
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पार्षद सतीश कातिब का कहना है कि अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही नियमानुसार नगर निगम को टैक्स बिल का वितरण शुरू करा देना चाहिए। ताकि समय रहते लोग अपना टैक्स जमा करके जुर्माने से बच सकें। मगर इस बार नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए तीन महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अब तक टैक्स के बिल वितरित नहीं हुए हैं। इससे नगर निगम को राजस्व को हानि हो रही है और यह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इसलिए तत्काल बिलों का वितरण कराकर टैक्स जमा कराने का काम शुरू किया जाए।
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बोर्ड मीटिंग के लिए भेजे तीन सवाल
इसको लेकर पार्षद सतीश कातिब ने बोर्ड मीटिंग में जवाब देने के लिए धारा 98 के तहत तीन सवाल भी लगाए हैं। उन्होंने पूछा है कि अप्रैल 2019 से अब तक गृहकर-सीवरकर के रूप में कितने राजस्व की वसूली की गई है। एक दिसंबर 2017 से अब तक नाम परिवर्तन के कितने आवेदन प्राप्त हुए, उनमें कितने लंबित हैं और उसका कारण क्या है? इसके अलावा कितने नवीन भवनों पर टैक्स लगाया गया है।
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