Bareilly News: चौकीदार वाहिद को सात दिन में परिसर खाली करने का आदेश, मंदिर होने के दावे की जांच शुरू
Bareilly News: कटघर मोहल्ले में साधन सहकारी समिति के बोर्ड लगे भवन में 40 वर्षों से वाहिद और उनका परिवार रह रहा है। दूसरे पक्ष के लोगों ने दावा किया कि इस भवन में मंदिर है। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया। बृहस्पतिवार को तहसीलदार और पुलिस ने जाकर जांच की।
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बरेली के किला थाना क्षेत्र के कटघर इलाके में श्री गंगाजी महारानी मंदिर समिति के दावे वाली जमीन की डीएम के निर्देश पर जांच शुरू हो गई है। वहां रह रहे वाहिद अली के परिवार को सात दिन में परिसर खाली करने का आदेश दिया गया है। जिला प्रशासन ने उपनिबंधक सहकारिता को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है। इधर, उपनिबंधक सहकारिता ने दावा किया है कि मौके पर रहने वाला वाहिद अली उनका कर्मचारी नहीं है।
मामला तूल पकड़ने के बाद बृहस्पतिवार को डीएम रविंद्र कुमार के निर्देश पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर जांच करने के लिए पहुंची। तहसीलदार भानु प्रताप, नायब तहसीलदार बृजेश कुमार वर्मा ने किला इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार की मौजूदगी में पड़ताल की। जांच में पता चला कि वहां परिसर के बाहर एक कुआं अभिलेखों में दर्ज है, पर मौके पर नहीं है।
संभव है कि इसे पाट दिया गया हो। परिसर में पीपल का पेड़ होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में अगर अभिलेखों की जांच में इसके धार्मिक स्थल होने के और भी सबूत मिले तो जिला प्रशासन यहां पुरातत्व विभाग की निगरानी में खोदाई कराने का फैसला भी ले सकता है।
उचित जवाब नहीं दे सका परिवार
टीम ने दौली रघुवर दयाल साधन सहकारी समिति का बोर्ड लगे इस भवन का निरीक्षण किया तो वहां वाहिद अली का पूरा परिवार साथ रहता मिला। उससे पूछा गया कि वह किस हैसियत से वहां रह रहा है? वह इसका उचित जबाव नहीं दे सका। इस पर उसे सात दिन में परिसर खाली करने के लिए कहा गया है।
इस दौरान वहां सहकारिता व समिति से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी भी आ गए। सभी ने वाहिद को जल्द ही भवन खाली करने के लिए कहा। टीम ने भवन की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी की। मौके पर पहुंचे हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मूर्तियां हटाकर वहां मांस पकाया जा रहा है। प्रशासन इसे तत्काल खाली कराए। इसके बाद इस जगह को शुद्ध कराया जाए।
एसडीएम सदर गोविंद मौर्य ने बताया कि नगर निगम और भवन के स्वामित्व का दावा करने वाले व्यक्तियों से दस्तावेज मांगे गए हैं। नगर निगम इस भवन का गृहकर वसूल रहा है। ऐसे में उनके पास भी उपलब्ध रिकॉर्ड मांगे गए हैं। इन अभिलेखों की जांच के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि जांच के बाद ही परिसर के धार्मिक स्थल होने के दावे की सच्चाई पता चल सकेगी। जांच कर रहे अधिकारियों से रिपोर्ट शीघ्र देने के लिए कहा है।
400 वर्गगज में फैला है परिसर
ईदगाह रोड पर करीब 400 वर्गगज जमीन पर बने पुराने भवन में मंदिर का दावा किया गया है। वहीं, दूसरा पक्ष इसे आवासीय भवन और पूर्व में सहकारी समिति का गोदाम होने की बात कह रहा है। विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने इलाकाई पुलिस को मौके पर निगरानी बढ़ाने का आदेश दिया है।