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बेटा नहीं जना तो मरना पड़ा
बरेली
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:18 AM IST
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बरेली। बेटा न जनने पर महिला को इस कदर तंग किया गया कि उसने फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। तीन बेटियों का ताना सुनकर आजिज महिला जब विरोध करती थी तो पति उसे जमकर पीटता था। शनिवार को भी झगड़ा हुआ और उसने कई जमकर पीट दिया था। क्षुब्ध पत्नी ने रात में किसी वक्त फंदे पर झूलकर जान दे दी। पति का कहना है कि जब तड़के उसकी आंख खुली तो पत्नी की लाश फंदे पर झूलते पाया और उतारकर बेड पर लिटा दिया। घरवालों ने हत्या का आरोप लगाया तो पुलिस ने पति को रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई है।
मामला बारादरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला जोगी नवादा का है। मोहल्ले का रहने वाला मुनव्वर शाह जरी का काम करता है। उसकी शादी आठ साल पहले हाफिजगंज के गांव लभेड़ा निवासी कौशर अली की पुत्री मेहराज से हुई थी। मेराज ने तीन बेटियों को जन्म दिया। जिनमें बड़ी बेटी छह वर्षीय शिफा और चार वर्षीय रिफा व नौ माह की नूर फात्मा हैं। रविवार सुबह सात बजे मुनव्वर के पड़ोसी रियासत ने कौशर अली को सूचना दी कि उनकी बेटी मेहराज की मृत्यु हो गई है। इस पर कौशर और उनका पुत्र मुजफ्फर समेत कई परिवार वाले मुनव्वर के घर आए। देखा मेहराज का शव उसके बेड पर पड़ा था। गले में तहमद का फंदा था और कपड़े फटे हुए थे। मुजफ्फर ने आरोप लगाया कि बेटा जनने पर मुनव्वर ने उसकी बहन की तहमद के फंदे से गला घोंटकर हत्या कर दी है। इस पर मौके पर पहुंचे पुलिस ने क्षेत्राधिकारी तृतीय धर्मसिंह मार्छाल के कहने पर मुनव्वर को पकड़कर थाने ले आई और उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर हवालात में डाल दिया। पोस्टमार्टम में आत्महत्या की पुष्टि हुई है।
मेहराज के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें उसकी मौत फंदे पर लटककर दम घुटने से होना पाया गया है। उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं पाए गए। खुदकुशी की वजह की जांच की जा रही है। साथ ही दर्ज हत्या के मुकदमे को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में तरमीम किया जा रहा है- धर्मसिंह मार्छाल, सीओ तृतीय
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आरोपी बोला, मां को पचास रुपये देने पर हुए झगड़े में मारे थे थप्पड़
पत्नी को मारने के आरोप में घिरे मुनव्वर ने बताया कि उसका पिछले कई दिन से काम नहीं चल रहा है। वह जयपुर काम करने जाने की बात कह रहा था। शनिवार को उसकी मां अजीजन की तबियत खराब हो गई थी। जिसको उसने 50 रुपये दवा के लिए दे दिए थे। इसी बात का मेहराज ने ऐतराज किया तो झगड़ा होने लगा और उसने उसके कई थप्पड़ जड़ने के साथ बाल भी पकड़कर पीट दिया। रात एक बजे तक झगड़ा होता रहा। वह तो सो गया, जब रात में आंख खुली तो मेहराज का शव फंदे पर लटका देखा। उसने शव नीचे उतारकर बेड पर रख दिया।
मम्मी को पीटा था पापा ने
छह वर्षीय शिफा का कहना है कि उसके पापा मम्मी को अक्सर पीटते थे। शनिवार को शाम से ही घर में झगड़ा हो रहा था और पापा ने मम्मी की पिटाई भी की।
छोटी बेटी का मामा कर रहा पालन पोषण
मुजफ्फर ने बताया कि बहन की गरीबी और तीन बेटियों को देख उसने उसकी सबसे छोटी बेटी नूर फात्मा को अपने ही घर रख लिया। जिसका वह पालन पोषण करता है, फिर भी मुनव्वर उसकी बहन को बेटा न होने के ताने देकर पीटता था।
घर में पड़ गया ताला
मेहराज की हत्या के आरोप में मुनव्वर गिरफ्तार हो गया। वहीं घटना के बाद उसकी बूढ़ी मां अजीजन अपनी बेटी शकीलन के घर चली गईं और मेहराज की बेटियों को उसके मायके वाले ले गए। अब मुनव्वर के घर कोई नहीं बचा। जिससे पुलिस ने घर पर ताला लगा दिया।
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मामला बारादरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला जोगी नवादा का है। मोहल्ले का रहने वाला मुनव्वर शाह जरी का काम करता है। उसकी शादी आठ साल पहले हाफिजगंज के गांव लभेड़ा निवासी कौशर अली की पुत्री मेहराज से हुई थी। मेराज ने तीन बेटियों को जन्म दिया। जिनमें बड़ी बेटी छह वर्षीय शिफा और चार वर्षीय रिफा व नौ माह की नूर फात्मा हैं। रविवार सुबह सात बजे मुनव्वर के पड़ोसी रियासत ने कौशर अली को सूचना दी कि उनकी बेटी मेहराज की मृत्यु हो गई है। इस पर कौशर और उनका पुत्र मुजफ्फर समेत कई परिवार वाले मुनव्वर के घर आए। देखा मेहराज का शव उसके बेड पर पड़ा था। गले में तहमद का फंदा था और कपड़े फटे हुए थे। मुजफ्फर ने आरोप लगाया कि बेटा जनने पर मुनव्वर ने उसकी बहन की तहमद के फंदे से गला घोंटकर हत्या कर दी है। इस पर मौके पर पहुंचे पुलिस ने क्षेत्राधिकारी तृतीय धर्मसिंह मार्छाल के कहने पर मुनव्वर को पकड़कर थाने ले आई और उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर हवालात में डाल दिया। पोस्टमार्टम में आत्महत्या की पुष्टि हुई है।
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मेहराज के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें उसकी मौत फंदे पर लटककर दम घुटने से होना पाया गया है। उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं पाए गए। खुदकुशी की वजह की जांच की जा रही है। साथ ही दर्ज हत्या के मुकदमे को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में तरमीम किया जा रहा है- धर्मसिंह मार्छाल, सीओ तृतीय
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आरोपी बोला, मां को पचास रुपये देने पर हुए झगड़े में मारे थे थप्पड़
पत्नी को मारने के आरोप में घिरे मुनव्वर ने बताया कि उसका पिछले कई दिन से काम नहीं चल रहा है। वह जयपुर काम करने जाने की बात कह रहा था। शनिवार को उसकी मां अजीजन की तबियत खराब हो गई थी। जिसको उसने 50 रुपये दवा के लिए दे दिए थे। इसी बात का मेहराज ने ऐतराज किया तो झगड़ा होने लगा और उसने उसके कई थप्पड़ जड़ने के साथ बाल भी पकड़कर पीट दिया। रात एक बजे तक झगड़ा होता रहा। वह तो सो गया, जब रात में आंख खुली तो मेहराज का शव फंदे पर लटका देखा। उसने शव नीचे उतारकर बेड पर रख दिया।
मम्मी को पीटा था पापा ने
छह वर्षीय शिफा का कहना है कि उसके पापा मम्मी को अक्सर पीटते थे। शनिवार को शाम से ही घर में झगड़ा हो रहा था और पापा ने मम्मी की पिटाई भी की।
छोटी बेटी का मामा कर रहा पालन पोषण
मुजफ्फर ने बताया कि बहन की गरीबी और तीन बेटियों को देख उसने उसकी सबसे छोटी बेटी नूर फात्मा को अपने ही घर रख लिया। जिसका वह पालन पोषण करता है, फिर भी मुनव्वर उसकी बहन को बेटा न होने के ताने देकर पीटता था।
घर में पड़ गया ताला
मेहराज की हत्या के आरोप में मुनव्वर गिरफ्तार हो गया। वहीं घटना के बाद उसकी बूढ़ी मां अजीजन अपनी बेटी शकीलन के घर चली गईं और मेहराज की बेटियों को उसके मायके वाले ले गए। अब मुनव्वर के घर कोई नहीं बचा। जिससे पुलिस ने घर पर ताला लगा दिया।