{"_id":"5df393c28ebc3e87ec7ff421","slug":"murdar-bareilly-news-bly38787259","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के मामले में पिता पुत्रों सहित सात को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के मामले में पिता पुत्रों सहित सात को उम्रकैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। पुरानी रंजिश को लेकर हुए झगड़े के बाद जानलेवा हमले और हत्या के मामले में नामजद पिता-पुत्रों सहित सात को जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने मुजरिम करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 52-52 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
हत्या की वारदात कस्बा बिसौली के मोहल्ला नई बस्ती बुद्ध बाजार में 16 जून 2013 को हुई थी। भूपेंद्र पुत्र गंगासहाय ने घटना वाले दिन रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पड़ोस में रहने वाले रामकिशोर उर्फ पप्पू और मुन्नालाल उससे किसी बात पर रंजिश मानते थे। आए दिन वे लोग वादी और उसके भाई रामचंद्र के साथ मारपीट करते थे। 16 मार्च 2013 को रामकिशोर अपने पुत्र सन्नी और मुन्नालाल अपने पुत्रों विक्की, यशवीर, रूपेश, और बॉबी के साथ उसके भाई रामचंद्र के घर में घुस आए। सभी के हाथ में लाठी डंडे फरसे व चाकू थे। आते ही सभी ने गाली गलौज करना शुरू कर दी। उसके भाई रामचंद्र ने गाली देने से मना किया तो सभी ने एकराय होकर उसके भाई रामचंद्र और भाभी वेदवती को बुरी तरह से मारा-पीटा और चाकू छुरी से घायल कर दिया। इसके बाद सभी आरोपी उसके भाई और भाभी को मरा समझकर छोड़कर भाग गए। भूपेंद्र ने रामकिशोर उसके बेटे सन्नी और मुन्नालाल व उसके बेटे विक्की, यशवीर, रूपेश व बॉबी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने रामकिशोर, मुन्नालाल, विक्की, यशवीर, रूपेश, बॉबी और सन्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही सभी पर 52-52 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
विज्ञापन
हत्या की वारदात कस्बा बिसौली के मोहल्ला नई बस्ती बुद्ध बाजार में 16 जून 2013 को हुई थी। भूपेंद्र पुत्र गंगासहाय ने घटना वाले दिन रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पड़ोस में रहने वाले रामकिशोर उर्फ पप्पू और मुन्नालाल उससे किसी बात पर रंजिश मानते थे। आए दिन वे लोग वादी और उसके भाई रामचंद्र के साथ मारपीट करते थे। 16 मार्च 2013 को रामकिशोर अपने पुत्र सन्नी और मुन्नालाल अपने पुत्रों विक्की, यशवीर, रूपेश, और बॉबी के साथ उसके भाई रामचंद्र के घर में घुस आए। सभी के हाथ में लाठी डंडे फरसे व चाकू थे। आते ही सभी ने गाली गलौज करना शुरू कर दी। उसके भाई रामचंद्र ने गाली देने से मना किया तो सभी ने एकराय होकर उसके भाई रामचंद्र और भाभी वेदवती को बुरी तरह से मारा-पीटा और चाकू छुरी से घायल कर दिया। इसके बाद सभी आरोपी उसके भाई और भाभी को मरा समझकर छोड़कर भाग गए। भूपेंद्र ने रामकिशोर उसके बेटे सन्नी और मुन्नालाल व उसके बेटे विक्की, यशवीर, रूपेश व बॉबी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने रामकिशोर, मुन्नालाल, विक्की, यशवीर, रूपेश, बॉबी और सन्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही सभी पर 52-52 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
विज्ञापन