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सांसदों के आदर्श गांवों की खुली बैठकों से जनता गायब
बरेली।
Updated Tue, 03 Oct 2017 01:32 AM IST
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केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के आदर्श गांव रहपुरा जागीर और आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के आदर्श गांव रोंधी मिलक में ग्राम पंचायत की खुली बैठकें खानापूरी बनकर रह गईं। प्रधानों ने इनमें अपने खासमखास समर्थकों को बुलाकर खुली बैठक करा दीं। जनता का नुमाइंदगी इन बैठकों में नहीं रही।
शासन ने गांधी जयंती के दिन सोमवार को सुबह 10 बजे ग्राम पंचायतों की खुली बैठकें करने के निर्देश दिए गए थे। अमर उजाला टीम ने 11.30 बजे केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के गोद लिए गांव रहपुरा जागीर की खुली बैठक का हाल देखा। प्राइमरी स्कूल में प्रधान छेदालाल प्रभारी लेखपाल प्रदीप आनंद, एडीओ आईएसबी खेमकरन लाल मौर्य, प्रधानाध्यापक रामबाबू, एएनएम अनीता कुमारी, आंगनबाड़ी ऊषा वर्मा और आराधना शर्मा, रोजगार सेवक, कृष्णपाल मौजूद थे। ग्राम पंचायत सदस्य चेतराम, सालिगराम समेत चंद गांव वालों की मौजूदगी में दो सीसी रोड, छह खड़ंजा निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ। विधवा, वृद्धावस्था पेंशन, मनरेगा, ग्रामनिधि से होने वाले विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों का कहना था कि प्रधान के घर तक 70 मीटर सीसी रोड बन गई। बाकी कोई काम नहीं हुए। गांव में कच्ची शराब बनती है। बच्चे भी उसके आदी हो रहे हैं। 65 शौचालय के लिए किश्त भी आ गई लेकिन दूसरी किश्त न आने से सब अधूरे हैं। पीएम आवास के लिंटर नहीं पड़े।
रोंधी में तो ग्राम पंचायत सदस्य तक नहीं पहुंचे
गांव के बमुश्किल सौ ही लोगों ने लिया हिस्सा
फोटो--सुधीर
सांसद धर्मेंद्र कश्यप के गोद लिए गांव रोंधी मिलक में 11 से 12 बजे के बीच प्रधान मंजूर अहमद ने खुली बैठक बुलाई। ग्राम विकास अधिकारी रमा तिवारी भी पहुंची। प्राथमिक विद्यालय में हुई बैठक में 15 में से मात्र छह ग्राम सभा सदस्य थे। नौ सदस्य गैर हाजिर रहे। सात हजार आबादी वाले गांव से बैठक में मात्र सौ लोग शामिल हुए। इनमें ज्यादातर प्रधान समर्थक थे। पूर्व प्रधान राधेश्याम कश्यप समेत गांव के अन्य लोगों ने हिस्सा नहीं लिया। प्रधान ने दो साल के कामों का ब्योरा रखा। बोले- पांच सीसी बनवाए। स्कूल की बाउंड्रीवाल बनी। 80 लाइटें लगवाईं। नए प्रस्ताव आनन-फानन में स्वीकृत किए गए। वह सूची ग्राम विकास अधिकारी लेकर चली गईं। प्रधान का कहना था कि सबको बुलाया गया था लेकिन लोग आए नहीं।
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1050 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट मिली
बरेली। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर सरकार की विकास और जनकल्याणकारी योजनाएं पात्रों तक पहुंचाने के लिए 1193 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक कराई गई थी। इसमें देर रात तक 1050 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट और फोटो आ गए। इनमें नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में पंचायतों की खुली बैठक कराई गई। यह बैठक छह बिंदुओं पीएम आवास के लाभार्थी, स्वच्छ भारत मिशन, 14 वां और राज्य वित्त, राशन कार्डों का सत्यापन, मनरेगा और पेंशन योजनाओं की पात्रता पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। खुली बैठक में लाभार्थी चयनित किए गए। अपात्रों को बाहर किया गया। यह अभियान 15 अक्तूबर तक चलेगा। अब इनमें पंचायतों की बैठक बुलाकर एक-एक बिंदु पर अलग से चर्चा कराई जाएगी। उन प्रधानों को नोटिस भेजा जा रहा है जिन्होंने नोडल अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद बैठक नहीं बुलाई। ऐसे प्रधानों से जवाब मांगा जाएगा।
शासन ने गांधी जयंती के दिन सोमवार को सुबह 10 बजे ग्राम पंचायतों की खुली बैठकें करने के निर्देश दिए गए थे। अमर उजाला टीम ने 11.30 बजे केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के गोद लिए गांव रहपुरा जागीर की खुली बैठक का हाल देखा। प्राइमरी स्कूल में प्रधान छेदालाल प्रभारी लेखपाल प्रदीप आनंद, एडीओ आईएसबी खेमकरन लाल मौर्य, प्रधानाध्यापक रामबाबू, एएनएम अनीता कुमारी, आंगनबाड़ी ऊषा वर्मा और आराधना शर्मा, रोजगार सेवक, कृष्णपाल मौजूद थे। ग्राम पंचायत सदस्य चेतराम, सालिगराम समेत चंद गांव वालों की मौजूदगी में दो सीसी रोड, छह खड़ंजा निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ। विधवा, वृद्धावस्था पेंशन, मनरेगा, ग्रामनिधि से होने वाले विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों का कहना था कि प्रधान के घर तक 70 मीटर सीसी रोड बन गई। बाकी कोई काम नहीं हुए। गांव में कच्ची शराब बनती है। बच्चे भी उसके आदी हो रहे हैं। 65 शौचालय के लिए किश्त भी आ गई लेकिन दूसरी किश्त न आने से सब अधूरे हैं। पीएम आवास के लिंटर नहीं पड़े।
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रोंधी में तो ग्राम पंचायत सदस्य तक नहीं पहुंचे
गांव के बमुश्किल सौ ही लोगों ने लिया हिस्सा
फोटो--सुधीर
सांसद धर्मेंद्र कश्यप के गोद लिए गांव रोंधी मिलक में 11 से 12 बजे के बीच प्रधान मंजूर अहमद ने खुली बैठक बुलाई। ग्राम विकास अधिकारी रमा तिवारी भी पहुंची। प्राथमिक विद्यालय में हुई बैठक में 15 में से मात्र छह ग्राम सभा सदस्य थे। नौ सदस्य गैर हाजिर रहे। सात हजार आबादी वाले गांव से बैठक में मात्र सौ लोग शामिल हुए। इनमें ज्यादातर प्रधान समर्थक थे। पूर्व प्रधान राधेश्याम कश्यप समेत गांव के अन्य लोगों ने हिस्सा नहीं लिया। प्रधान ने दो साल के कामों का ब्योरा रखा। बोले- पांच सीसी बनवाए। स्कूल की बाउंड्रीवाल बनी। 80 लाइटें लगवाईं। नए प्रस्ताव आनन-फानन में स्वीकृत किए गए। वह सूची ग्राम विकास अधिकारी लेकर चली गईं। प्रधान का कहना था कि सबको बुलाया गया था लेकिन लोग आए नहीं।
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1050 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट मिली
बरेली। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर सरकार की विकास और जनकल्याणकारी योजनाएं पात्रों तक पहुंचाने के लिए 1193 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक कराई गई थी। इसमें देर रात तक 1050 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट और फोटो आ गए। इनमें नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में पंचायतों की खुली बैठक कराई गई। यह बैठक छह बिंदुओं पीएम आवास के लाभार्थी, स्वच्छ भारत मिशन, 14 वां और राज्य वित्त, राशन कार्डों का सत्यापन, मनरेगा और पेंशन योजनाओं की पात्रता पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। खुली बैठक में लाभार्थी चयनित किए गए। अपात्रों को बाहर किया गया। यह अभियान 15 अक्तूबर तक चलेगा। अब इनमें पंचायतों की बैठक बुलाकर एक-एक बिंदु पर अलग से चर्चा कराई जाएगी। उन प्रधानों को नोटिस भेजा जा रहा है जिन्होंने नोडल अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद बैठक नहीं बुलाई। ऐसे प्रधानों से जवाब मांगा जाएगा।