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मनरेगा : बनने थे 327 खेल के मैदान, बने सिर्फ दो
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बरेली। मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में ग्रामीण क्षेत्र में 327 खेल के मैदान बनाए जाने थे, लेकिन सिर्फ दो ही बने। तीन निर्माणाधीन हैं। पूरा वर्ष गुजर गया, दो फीसदी काम भी पूरा नहीं हो सका। खिलाड़ी मैदान के लिए तरस गए। वे पगडंडी पर दौड़ लगा रहे हैं। अब 322 खेल मैदान बनाने का लक्ष्य नए वित्तीय वर्ष में शामिल किया गया है।
गांवों की खाली जमीन पर खेल के मैदान विकसित किए जाने थे। मनरेगा के तहत मैदान का समतलीकरण कराकर ग्राम पंचायत निधि से खेल के उपकरण खरीदे जाने थे। ग्राम पंचायत सचिवों और प्रधानों को काम कराना था, लेकिन यह योजना उनकी लापरवाही की भेंट चढ़ गई। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के सामने दो दिन पहले यह मुद्दा उठा था। उन्हें बताया गया कि अमृत सरोवर के काम की वजह से खेल के मैदान अटक गए थे। इस पर दोनों अधिकारियों ने तत्काल काम शुरू कराने को कहा। डीसी मनरेगा गंगाराम ने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना बन गई है। इसमें खेल के मैदान शामिल हैं।
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गांवों की खाली जमीन पर खेल के मैदान विकसित किए जाने थे। मनरेगा के तहत मैदान का समतलीकरण कराकर ग्राम पंचायत निधि से खेल के उपकरण खरीदे जाने थे। ग्राम पंचायत सचिवों और प्रधानों को काम कराना था, लेकिन यह योजना उनकी लापरवाही की भेंट चढ़ गई। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के सामने दो दिन पहले यह मुद्दा उठा था। उन्हें बताया गया कि अमृत सरोवर के काम की वजह से खेल के मैदान अटक गए थे। इस पर दोनों अधिकारियों ने तत्काल काम शुरू कराने को कहा। डीसी मनरेगा गंगाराम ने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना बन गई है। इसमें खेल के मैदान शामिल हैं।
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