Bareilly News: कार्यकर्ता को छुड़ाने पहुंचे विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष, थाने में जमकर हुआ हंगामा
बरेली के फरीदपुर में अपहरण की फर्जी सूचना दिलाने पर पुलिस ने मामा-भांजे को थाने में बैठाया। इस पर हंगामा हो गया। भाजपा विधायक और पार्टी के नेता थाने पहुंचे। उन्होंने नाराजगी जताई। इसके बाद दोनों को छोड़ना पड़ा।
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बरेली के फरीदपुर में अपने ही अपहरण की फर्जी सूचना दिलवाने वाले भाजपा कार्यकर्ता को इंस्पेक्टर ने थाने में बैठाया तो खासा हंगामा हो गया। नाराज विधायक ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचकर गुस्सा जताया। एसएसपी को कॉल करके शिकायत करते हुए इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गांव गोविंदपुर के मजरा हुलासपुर निवासी गुड्डी देवी ने पुलिस को तहरीर दी कि बुधवार शाम उसका बेटा 20 वर्षीय सोनू खेत पर गया था। वहां उनके विरोधी अनिल व तीन अन्य व्यक्ति बाइक से पहुंचे और सोनू को जबरन गांव में ले आए।
आरोपियों ने सोनू को तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। दो घंटे बाद सोनू किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर घर पहुंचा। सोनू के मामा कमालपुर निवासी दीनदयाल ने यूपी 112 को कॉल करके मामले की शिकायत की। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने मदद की बात कहकर थाने बुलवाया और सोनू व दीनदयाल को ही हवालात में बैठा लिया।
महिला का आरोप है कि उनके परिजनों ने आरोपी अनिल के खिलाफ पहले रिपोर्ट कराई थी। इसके बाद अनिल पक्ष उन्हें गांव से भगाने की धमकी दे रहा था। अनिल पक्ष पर कार्रवाई न होने व अपने बेटे और भाई को हवालात में बैठाने की शिकायत महिला ने फरीदपुर विधायक प्रो. श्यामबिहारी लाल से की।
विधायक के मुताबिक, उन्होंने इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह से मामा-भांजों को छोड़कर उनकी मदद करने के लिए कहा। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने बात नहीं मानी। तब रात में विधायक व भाजपा के आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ बृहस्पतिवार देर शाम थाने पहुंचे। यहां कुछ देर हंगामा हुआ। सूचना पर फरीदपुर सीओ आशुतोष शिवम भी थाने पहुंच गए। तब पुलिस ने सोनू व दीनदयाल को छोड़ दिया।
विधायक बोले- कार्यकर्ता के उत्पीड़न पर आवाज उठाएंगे
विधायक ने बताया कि हुलासपुर गांव में सूरजपाल भाजपा के बूथ अध्यक्ष हैं। सोनू उनका भतीजा है। उसकी मां ने कॉल की तो उन्होंने उसकी मदद के लिए इंस्पेक्टर से कहा था। अपहरण का आरोप सही है या गलत, पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए थी। पीड़ित को ही थाने में बैठाना सही नहीं है। एसएसपी से इंस्पेक्टर की शिकायत की है। बताया है कि वह सपा की मानसिकता से काम कर रहे हैं और अक्सर पीड़ित को ही थाने में बैठा लेते हैं। कार्रवाई न हुई तो सदन में आवाज उठाएंगे।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने कहा कि किसी ग्रामीण ने अपने ही अपहरण की फर्जी शिकायत कर दी थी। दो बार गलत शिकायत करने पर उसे थाने बुलाकर चेतावनी दी थी। उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। इसी दौरान विधायक फरीदपुर थाने पहुंचे तो उन्हें स्थिति से अवगत कराने के बाद ग्रामीण को घर भेज दिया गया। गलतफहमी की वजह से ऐसा हुआ। कोई खास बात नहीं है।