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मृत जुड़वां बेटियों को जन्म देने के बाद संदिग्ध संक्रमित अस्पताल से लापता
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अपने घरों की ओर पैदल जाते प्रवासी श्रमिक
- फोटो : अमर उजाला
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सैंपल लेने से पहले ही अस्पताल से भागी, सीएमएस ने दी कोतवाली पुलिस को सूचना
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बरेली। जिला महिला अस्पताल से रविवार को एक संदिग्ध संक्रमित महिला भी भाग निकली। इस महिला ने हापुड़ से पश्चिमी बंगाल जा रही प्रवासियों से भरी बस में मृत जुड़वा बेटियों को जन्म दिया जिसके बाद हालत बिगड़ी तो उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां जब उसका सैंपल लिया जाने लगा तो भड़के घर वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर पुलिस बुलाई गई लेकिन इसी बीच महिला और उसके घरवाले लापता हो गए।
महिला अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पश्चिम बंगाल का रहने वाला मिथुन हापुड़ में मजदूरी करता था। शुक्रवार को वह और उसके साथ रहने वाले कई लोग एक निजी बस किराए पर लेकर पश्चिम बंगाल के लिए चले थे। शनिवार देर रात बस बिथरी पहुुंची तो उसकी छह माह की गर्भवती पत्नी फातिमा को प्रसव पीड़ा होने लगी। देर रात उसने बस में ही जुड़वां बेटियों को जन्म दिया जिनमें से एक की मौके पर ही और दूसरी की कुछ देर बाद मौत हो गई। फातिमा की हालत बिगड़ी तो एंबुलेंस बुलाकर उसे महिला अस्पताल ले जाया गया। महिला अस्पताल में इलाज तो शुरू हो गया लेकिन उसके प्रवासी होने का पता चला तो कोरोना का संदिग्ध संक्रमित मानते हुए सैंपल लेने को मोबाइल मेडिकल यूनिट को बुलाया गया। इस पर उसके घरवालों ने हंगामा शुरू कर दिया।
महिला अस्पताल के स्टाफ का कहना है कि कोरोना सैंपल लेने से पहले ही महिला को दवा से कुछ आराम मिला तो वह बगैर किसी को बताए परिवार वालों के साथ अस्पताल से चली गई। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि प्रसूता के बेड पर न मिलने के बाद उसे अस्पताल परिसर में तलाश किया गया। वह और उसके परिवार के लोग नहीं मिले तो कोतवाली पुलिस को लिखित सूचना दी गई।
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महिला अस्पताल के स्टाफ ने कहीं भी किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती। हर समय तो किसी के पास मौजूद भी नहीं रहा जा सकता। - डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस
महिला अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पश्चिम बंगाल का रहने वाला मिथुन हापुड़ में मजदूरी करता था। शुक्रवार को वह और उसके साथ रहने वाले कई लोग एक निजी बस किराए पर लेकर पश्चिम बंगाल के लिए चले थे। शनिवार देर रात बस बिथरी पहुुंची तो उसकी छह माह की गर्भवती पत्नी फातिमा को प्रसव पीड़ा होने लगी। देर रात उसने बस में ही जुड़वां बेटियों को जन्म दिया जिनमें से एक की मौके पर ही और दूसरी की कुछ देर बाद मौत हो गई। फातिमा की हालत बिगड़ी तो एंबुलेंस बुलाकर उसे महिला अस्पताल ले जाया गया। महिला अस्पताल में इलाज तो शुरू हो गया लेकिन उसके प्रवासी होने का पता चला तो कोरोना का संदिग्ध संक्रमित मानते हुए सैंपल लेने को मोबाइल मेडिकल यूनिट को बुलाया गया। इस पर उसके घरवालों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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महिला अस्पताल के स्टाफ का कहना है कि कोरोना सैंपल लेने से पहले ही महिला को दवा से कुछ आराम मिला तो वह बगैर किसी को बताए परिवार वालों के साथ अस्पताल से चली गई। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि प्रसूता के बेड पर न मिलने के बाद उसे अस्पताल परिसर में तलाश किया गया। वह और उसके परिवार के लोग नहीं मिले तो कोतवाली पुलिस को लिखित सूचना दी गई।
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महिला अस्पताल के स्टाफ ने कहीं भी किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती। हर समय तो किसी के पास मौजूद भी नहीं रहा जा सकता। - डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस