फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Mis Management in covid hospital

कोविड अस्पताल में भर्ती हो तो सोच ले यह भी, कोराना घातक है या करंट

Sun, 23 Aug 2020 12:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2020 12:28 AM IST
विज्ञापन
Mis Management in covid hospital
बरेली। खतरनाक कोरोना की चपेट में आने वालों को यह भी ख्याल रखना होगा कि जिन कोविड अस्पतालों में वे इलाज के लिए जा रहे हैं, वहां कहीं करंट की चपेट में आकर जान का खतरा न मोल ले बैठें। पिछले दिनों गुजरात और आंध्र प्रदेश के क्वारंटीन सेंटरों में आग लगने की घटनाओं के बाद डीएम के निर्देश पर विद्युत सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया तो कई कोविड अस्पतालों में हालात खतरनाक मिले। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन की ओर से सभी अस्पतालों में जल्द से जल्द विद्युत सुरक्षा के सभी मानक पूरे करने को कहा गया है।
विज्ञापन

डीएम के निर्देश पर कुछ दिन पहले बरेली परिक्षेत्र के विद्युत सुरक्षा उपनिदेशक ओमप्रकाश और उनकी टीम ने खुर्रम गौटिया में तीन सौ बेड के साथ दिल्ली हाईवे, भोजीपुरा और पीलीभीत बाईपास पर कोविड अस्पतालों का निरीक्षण किया था। इस दौरान विद्युत सुरक्षा संबंधी सर्वाधिक खामियां कोविड एल-2 अस्पताल में तब्दील किए जा रहे तीन सौ बेड के सरकारी अस्पताल में मिलीं। रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल में अस्थाई तौर पर एक केबिल रास्ते के बीच से मेन स्विच तक ले जाई गई है जिसके जोड़ खुले छोड़ दिए गए हैं। आर्मर और मेन स्विच के धातु के बने बॉक्स को अर्थ से भी नहीं जोड़ा गया है जिस वजह से इसमें करंट फैलने का अंदेशा है। यह केबिल भी सिर्फ 30 किलोवाट का लोड संभाल सकती है और लोड बढ़ाने पर बर्स्ट हो सकती है। रिपोर्ट में जिक्र है कि अस्पताल में कोई सुपरवाइजर या वायरमैन तैनात नहीं किया गया है। यहां जितना लोड है, उसके हिसाब से तत्काल कम से कम 25 सौ केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाना चाहिए।
विज्ञापन

विद्युत सुरक्षा के अफसरों ने कोविड सेंटर बनाए गए निजी अस्पतालों में भी गंभीर खामियां पाई हैं। पीलीभीत बाईपास के कोविड एल-3 और दिल्ली हाईवे पर कोविड एल-2 अस्पताल के निरीक्षण की रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों अस्पतालों में वायरिंग ठीक से नहीं हुई है। कई जगह तारों के जोड़ को खुला छोड़ दिया गया है। मेन स्विच और एमसीबी के बॉक्स को केबिल के आर्मर के जरिये अर्थ नहीं दिया गया है जबकि अलग-अलग वायर से दो जगह अर्थ होना जरूरी है। रिपोर्ट में भोजीपुरा के कोविड एल-2 अस्पताल की व्यवस्था को संतोषजनक बताया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विद्युत सुरक्षा विभाग के निरीक्षण की रिपोर्ट में जो भी खामियां इंगित की गई हैं, उन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। क्वारंटीन सेंटर में किसी तरह की अव्यवस्था रहना ठीक नहीं है। - नितीश कुमार, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed