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Bareilly News: आरटीओ में बिचौलियों का बोलबाला, 52 ऑनलाइन सेवाओं पर भी मनमानी वसूली
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बरेली। परिवहन विभाग की 52 से ज्यादा सेवाएं फेसलेस ऑनलाइन हैं। यानी इन सेवाओं के लिए परिवहन विभाग कार्यालय जाने की जरूरत नहीं। अपने स्मार्ट फोन या फिर किसी कॉमन सर्विस सेंटर पर कुछ शुल्क देकर इन सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। इसके बाद भी परिवहन विभाग के तमाम काम बिना बिचौलियों के नहीं हो रहे। दरअसल, इसके पीछे एक कारण जानकारी का अभाव भी है। इसका फायदा बिचौलिये उठा रहे हैं।
आरटीओ कार्यालय के बाहर 200 से अधिक बिचौलियों के अस्थायी ठिकाने हैं। इसके अलावा 70-80 फोटो कॉपी और फर्म विक्रेताओं की स्थायी दुकानें भी हैं, जहां से बिचौलिए अपना काम करते हैं। लर्निंग लाइसेंस की सरकारी फीस 150 रुपये है, लेकिन बिचौलिए इसके लिए 500 रुपये तक लेते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन या अन्य संशोधन के लिए 200 रुपये तय हैं, पर बिचौलिए 700 रुपये तक वसूलते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण की सरकारी फीस 200 रुपये है, जबकि बिचौलिए एक हजार रुपये तक ले रहे हैं। वाहन ट्रांसफर, एनओसी और चालान जैसी सेवाओं में भी बिचौलियों का हस्तक्षेप है। 31 अगस्त को अधिकारियों ने व्यापक अभियान चलाकर 150 से अधिक अस्थायी ठिकानों को ध्वस्त किया था। हालांकि, अब फिर से कार्यालय के बाहर बिचौलियों ने अपने ठिकाने बना लिए हैं।
आरटीओ पंकज सिंह ने बताया कि परसाखेड़ा में नया परिवहन भवन बनकर तैयार है। नवरात्र में कार्यालय को वहां स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए भवन के बाहर 200 मीटर तक किसी भी तरह के फड़ नहीं लगने दिए जाएंगे। यह कदम बिचौलियों की गतिविधियों को रोकने में सहायक होगा। पंकज सिंह ने बताया कि ऑनलाइन सेवाओं के बारे में गांव-देहात के लोगों को पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में वे सीधे आरटीओ कार्यालय पहुंच जाते हैं। यहां वे बिचौलियों के चंगुल में फंस जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि धीरे-धीरे लोगों में जागरूकता आएगी और वे ऑनलाइन सेवाओं का बेहतर लाभ उठा पाएंगे। संवाद
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आरटीओ कार्यालय के बाहर 200 से अधिक बिचौलियों के अस्थायी ठिकाने हैं। इसके अलावा 70-80 फोटो कॉपी और फर्म विक्रेताओं की स्थायी दुकानें भी हैं, जहां से बिचौलिए अपना काम करते हैं। लर्निंग लाइसेंस की सरकारी फीस 150 रुपये है, लेकिन बिचौलिए इसके लिए 500 रुपये तक लेते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन या अन्य संशोधन के लिए 200 रुपये तय हैं, पर बिचौलिए 700 रुपये तक वसूलते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण की सरकारी फीस 200 रुपये है, जबकि बिचौलिए एक हजार रुपये तक ले रहे हैं। वाहन ट्रांसफर, एनओसी और चालान जैसी सेवाओं में भी बिचौलियों का हस्तक्षेप है। 31 अगस्त को अधिकारियों ने व्यापक अभियान चलाकर 150 से अधिक अस्थायी ठिकानों को ध्वस्त किया था। हालांकि, अब फिर से कार्यालय के बाहर बिचौलियों ने अपने ठिकाने बना लिए हैं।
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आरटीओ पंकज सिंह ने बताया कि परसाखेड़ा में नया परिवहन भवन बनकर तैयार है। नवरात्र में कार्यालय को वहां स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए भवन के बाहर 200 मीटर तक किसी भी तरह के फड़ नहीं लगने दिए जाएंगे। यह कदम बिचौलियों की गतिविधियों को रोकने में सहायक होगा। पंकज सिंह ने बताया कि ऑनलाइन सेवाओं के बारे में गांव-देहात के लोगों को पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में वे सीधे आरटीओ कार्यालय पहुंच जाते हैं। यहां वे बिचौलियों के चंगुल में फंस जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि धीरे-धीरे लोगों में जागरूकता आएगी और वे ऑनलाइन सेवाओं का बेहतर लाभ उठा पाएंगे। संवाद
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