बरेली में दौड़गी लाइट मेट्रो: 5000 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे दो कॉरीडोर, यहां देखें दोनों रूटों का मैप
बरेली में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को आयुक्त सभागार में प्रस्तावित मेट्रो लाइट परियोजना को लेकर बैठक हुई। इसमें एएआर एवं डीपीआर तैयार करने के लिए नियुक्त एजेंसी द्वारा कम्प्रेहनसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) के डाटा के आधार पर दो कॉरीडोर प्रस्तावित किए गए हैं।
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लाइट मेट्रो परियोजना पर पहले 3000 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान था। अब यह प्रस्तावित बजट बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये हो गया है। मंगलवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लाइट मेट्रो परियोजना की एएआर (वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट) और डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) बनाने को लेकर सभी संभावनाओं पर मंथन किया गया।
बैठक में प्रस्तावित लाइट मेट्रो परियोजना की एएआर और डीपीआर तैयार करने के लिए नियुक्त कंसल्टेंट एजेंसी मेसर्स राइट्स लिमिटेड ने कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) प्रस्तुत किया। एजेंसी की ओर से प्लान के तहत परियोजना के पहले और दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित कॉरिडोर का खाका पेश किया गया। सभी विभागों के अधिकारियों ने इस पर सहमति व्यक्त की है। मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों से अनापत्ति प्राप्त करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने कहा है कि एएआर रिपोर्ट के आधार पर लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, एयरफोर्स और यूनिवर्सिटी से अनापत्ति प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त कर ली जाए। दोनों कॉरिडोर का स्वरूप एएआर रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा। बैठक में डीएफओ दीक्षा भंडारी, सचिव बीडीए योगेंद्र कुमार, एसपी ट्रैफिक शिवराज, आरएम दीपक चौधरी समेत नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, उत्तर प्रदेश मेट्रो कॉरपोरेशन समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
पहले चरण में 12 किमी का लाइट मेट्रो कॉरिडोर
पहले चरण में 12 किमी का लाइट मेट्रो कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। यह कॉरिडोर रेलवे जंक्शन से चौकी चौराहा-सेटेलाइट बस अड्डा-रुहेलखंड यूनिवसिर्टी-फनसिटी-बैरियर टू तिराहा तक फैला हुआ होगा। दूसरे चरण का कॉरिडोर चौकी चौराहा-अयूब खां चौराहा-कुतुबखाना चौराहा-कोहाड़ापीर तिराहा, डेलापीर तिराहा, आईवीआरआई बैरियर टू तिराहा तक फैला हुआ होगा। इसकी अनुमानित लंबाई 9.50 किमी होगी। भविष्य में इस कॉरिडोर को चौकी चौराहे से रामपुर रोड पर सीबीगंज और बदायूं रोड पर साउथ सिटी तक विकसित करने का प्रस्ताव है।
शहर में लाइट मेट्रो चलाने के लिए एक साल पहले कवायद शुरू की गई थी। जुलाई 2022 में परियोजना को धरातल पर लाने के लिए लखनऊ रेलवे राइट्स टीम ने बरेली में नगर निगम और बीडीए के अधिकारियों के साथ पहली बार बैठक की थी। पहले चरण में एयरपोर्ट से पीलीभीत बाइपास, सेटेलाइट बस अड्डा होते हुए जंक्शन तक कॉरिडोर बनाने पर विचार किया गया। इस रूट पर 20 स्टेशन प्रस्तावित किए गए।
उस समय रूट प्लान तैयार कर इसे मंडलायुक्त के माध्यम से शासन को भेज दिया गया था, लेकिन बाद में परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। इसका एक कारण व्यस्त इलाकों में चुनौतियां और शहर में सिटी बस सेवा नाकाम होना बताया गया। दो साल के बाद एक बार फिर से लाइट मेट्रो को धरातल पर लाने की कवायद शुरू की गई है।