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Bareilly News: चिकित्सा अधीक्षक व स्वास्थ्य कर्मियों पर वसूली का आरोप
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बरेली। सीएचसी मीरगंज के चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों पर रुपये वसूली का आरोप लगा है। इस मामले में मुख्यमंत्री सहित आलाधिकारियों से शिकायत की गई है। वहीं, स्वास्थ्य कर्मियों ने भी शिकायतकर्ता के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
पीड़ित चुरई दलपतपुर निवासी फईम अंसारी ने आरोप लगाया कि 25 मई को सीएचसी अधीक्षक अपने दो सहयोगियों के साथ उनके घर पहुंचे। उन्होंने बंद हो चुके एक निजी नर्सिंग होम के नाम पर फईम पर अवैध अस्पताल संचालन का झूठा आरोप लगाया और 60 हजार रुपये की मांग की। पैसे न देने पर सिर्फ घर को सील कर दिया, बल्कि मौके पर 10,000 रुपये भी लिए व बाकी रुपये सीएचसी में देने को कहा।
उन्होंने 29 मई को इस प्रकरण की एंटी करप्शन में बरेली जाकर शिकायत कर दी, लेकिन शिकायत कहीं से लीक होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सचेत हो गई, जबकि एंटीकरप्शन टीम सीएचसी में गई, लेकिन टीम अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकी। शिकायत से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार जून को सीएचसी केंद्र पर बुलाकर उन्हें खुलेआम गालियां देते हुए धमकी दी और कहा कि अगर 24 घंटे में 50 हजार नहीं दिए, तो सरकारी कागज फाड़ने और स्टाफ से मारपीट जैसे आरोप लगाकर जेल भिजवा देंगे। पीड़ित ने मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले की जांच कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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सीएचसी अधीक्षक ने शिकायत को बताया झूठा
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विनय कुमार पाल से बात की गई तो उन्होंने शिकायत को झूठा बताया और कहा कि उनके घर पर जाकर क्लीनिक सील किया था, लेकिन वहां कोई मरीज नही मिला था। उसने शपथपत्र दिया था कि हम क्लीनिक नहीं चलाएंगे इस आधार पर सील खोली गई थी। रुपये मांगने का आरोप निराधार है।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने अभिलेख फाड़ने की दी तहरीर
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने थाने में फईम अंसारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। उसमें आरोप लगाया है कि फईम अंसारी सीएचसी में गए और डाक्टरों के साथ अभद्रता करते हुए सरकारी अभिलेख फाड़ दिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संवाद
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पीड़ित चुरई दलपतपुर निवासी फईम अंसारी ने आरोप लगाया कि 25 मई को सीएचसी अधीक्षक अपने दो सहयोगियों के साथ उनके घर पहुंचे। उन्होंने बंद हो चुके एक निजी नर्सिंग होम के नाम पर फईम पर अवैध अस्पताल संचालन का झूठा आरोप लगाया और 60 हजार रुपये की मांग की। पैसे न देने पर सिर्फ घर को सील कर दिया, बल्कि मौके पर 10,000 रुपये भी लिए व बाकी रुपये सीएचसी में देने को कहा।
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उन्होंने 29 मई को इस प्रकरण की एंटी करप्शन में बरेली जाकर शिकायत कर दी, लेकिन शिकायत कहीं से लीक होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सचेत हो गई, जबकि एंटीकरप्शन टीम सीएचसी में गई, लेकिन टीम अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकी। शिकायत से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार जून को सीएचसी केंद्र पर बुलाकर उन्हें खुलेआम गालियां देते हुए धमकी दी और कहा कि अगर 24 घंटे में 50 हजार नहीं दिए, तो सरकारी कागज फाड़ने और स्टाफ से मारपीट जैसे आरोप लगाकर जेल भिजवा देंगे। पीड़ित ने मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले की जांच कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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सीएचसी अधीक्षक ने शिकायत को बताया झूठा
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विनय कुमार पाल से बात की गई तो उन्होंने शिकायत को झूठा बताया और कहा कि उनके घर पर जाकर क्लीनिक सील किया था, लेकिन वहां कोई मरीज नही मिला था। उसने शपथपत्र दिया था कि हम क्लीनिक नहीं चलाएंगे इस आधार पर सील खोली गई थी। रुपये मांगने का आरोप निराधार है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने अभिलेख फाड़ने की दी तहरीर
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने थाने में फईम अंसारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। उसमें आरोप लगाया है कि फईम अंसारी सीएचसी में गए और डाक्टरों के साथ अभद्रता करते हुए सरकारी अभिलेख फाड़ दिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संवाद