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Bareilly News: सूजी से बन रहा मावा, सेपरेटा से तैयार हो रहा पनीर
Wed, 26 Aug 2026 11:23 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 26 Aug 2026 11:23 PM IST
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बरेली। रक्षाबंधन पर मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोरी पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की ओर से जिलेभर में अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीमों ने अब तक 50 से अधिक मिष्ठान विक्रेताओं और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। प्रथमदृष्टया कई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता अधोमानक मिलने से त्योहार की मिठास में मिलावट का खतरा सामने आया है।
बीते दिनों फरीदपुर में बिना लाइसेंस के पनीर की फैक्टरी संचालित होती मिली थी। यहां सेपरेटा से पनीर बनाया जा रहा था। कई प्रतिष्ठानों पर मुनाफा बढ़ाने के लिए मावे में सूजी समेत अन्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रक्षाबंधन पर मिठाई, मावा, पनीर और दूध से बने उत्पादों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। यही वजह है कि मिलावटखोर भी इस दौरान सक्रिय हो जाते हैं।
कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट आने का इंतजार
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान घेवर, सोनपापड़ी, लौंज, रसगुल्ला, काजू कतली और लड्डू के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। चूंकि इन दिनों बड़े पैमाने पर खरीद की जा रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने तक ज्यादातर मिठाई खप जाएगी। इसको लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठ रहे हैं। यही नहीं ज्यादातर नमूने भी छोटे दुकानदारों के यहां से ही लिए गए हैं। शहर से लेकर देहात तक कई नामी मिष्ठान भंडार और किराना व्यापारियों को छोड़ दिया गया है। हालांकि, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर शिकायत आती है तो बड़े दुकानदारों पर भी कार्रवाई होगी।
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वर्जन :
सेपरेटा से पनीर बनाने को लेकर फैक्टरी पर कार्रवाई की गई है। अन्य खाद्य पदार्थों को भी जांच के लिए भेजा गया है। - अक्षय गोयल, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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बीते दिनों फरीदपुर में बिना लाइसेंस के पनीर की फैक्टरी संचालित होती मिली थी। यहां सेपरेटा से पनीर बनाया जा रहा था। कई प्रतिष्ठानों पर मुनाफा बढ़ाने के लिए मावे में सूजी समेत अन्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रक्षाबंधन पर मिठाई, मावा, पनीर और दूध से बने उत्पादों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। यही वजह है कि मिलावटखोर भी इस दौरान सक्रिय हो जाते हैं।
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कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट आने का इंतजार
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान घेवर, सोनपापड़ी, लौंज, रसगुल्ला, काजू कतली और लड्डू के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। चूंकि इन दिनों बड़े पैमाने पर खरीद की जा रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने तक ज्यादातर मिठाई खप जाएगी। इसको लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठ रहे हैं। यही नहीं ज्यादातर नमूने भी छोटे दुकानदारों के यहां से ही लिए गए हैं। शहर से लेकर देहात तक कई नामी मिष्ठान भंडार और किराना व्यापारियों को छोड़ दिया गया है। हालांकि, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर शिकायत आती है तो बड़े दुकानदारों पर भी कार्रवाई होगी।
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वर्जन :
सेपरेटा से पनीर बनाने को लेकर फैक्टरी पर कार्रवाई की गई है। अन्य खाद्य पदार्थों को भी जांच के लिए भेजा गया है। - अक्षय गोयल, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी