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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बोले: आजम ने खत्म किया रामपुर का ऐतिहासिक मदरसा; सीएम योगी को पत्र लिख की ये मांग

Fri, 03 Nov 2023 04:23 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 03 Nov 2023 04:23 PM IST
सार

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि रामपुर के ऐतिहासिक मदरसा आलिया की बर्बादी के जिम्मेदार सपा नेता आजम खां हैं। अब दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है। ऐसे में इस मदरसे को दोबारा स्थापित कराया जाए। 

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Maulana Shahabuddin Razvi wrote a letter to Yogi government over Rampur Madrasa Alia
बरेली के मौलाना ने सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी कैबिनेट की बैठक में सरकार ने सपा के कद्दावर नेता आजम खान के जौहर ट्रस्ट की जमीन वापस लेने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद जौहर विश्वविद्यालय के साथ ऐतिहासिक मदरसा आलिया भी चर्चा में है। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मदरसा आलिया को दोबारा शुरू कराए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में मौलाना ने योगी सरकार को पत्र लिखा है। 

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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने बताया कि ऐतिहासिक मदरसा आलिया वर्ष 1880 में स्थापित हुआ था। उस वक्त इस मदरसे में अखंड भारत के बड़े-बड़े उलमा पढ़ाते थे। यहां रूस, अफगानिस्तान और अरब देशों के छात्र पढ़ा करते थे। रामपुर, भोपाल और हैदराबाद के नवाब इसका खर्च उठाते थे। मगर मौजूदा 25 वर्षों के दौर में मदरसा आलिया की बर्बादी में किसी और का नहीं बल्कि सपा नेता आजम खां का हाथ है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसा आलिया की बर्बादी के जिम्मेदार आजम खां हैं। तीन मंजिला आलीशान इमारत में स्थापित मदरसे को खत्म करके उसमें रामपुर पब्लिक स्कूल खोल दिया गया। छपी और हाथ से लिखी हुई किताबों की बेहतरीन लाइब्रेरी का नामोनिशान मिटा दिया गया। सारी किताबें आजम के जौहर विश्वविद्यालय में भेज दी गई थीं, उस वक्त बुद्धिजीवी लोग सत्ता और आजम खां के खौफ से खामोश तमाशाही बने रहे। प्रदेश के उलमा ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से शिकायत की तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया था। 

मदरसे की इमारत से हटे पब्लिक स्कूल 
शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि अब दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है। ऐसी सूरत-ए-हाल में मदरसा आलिया को दोबारा स्थापित कराया जाए। मदरसा आलिया की इमारत से रामपुर पब्लिक स्कूल को हटाकर कहीं दूसरी जगह स्थापित किया जाए ताकि उस इमारत में दोबारा मदरसा आलिया शुरू किया जा सके। 

मौलाना ने कहा कि उलमा की एक कमेटी बनाई जाए और उन उलमा को मदरसा संचालन करने के लिए जिम्मेदारी दी जाए। साथ ही जौहर विश्वविद्यालय से किताबें वापस मदरसा आलिया की लाइब्रेरी में रखी जाएं। शहाबुद्दीन रजवी ने यह भी कहा कि मुस्लिम जमात भी मदरसा आलिया का संचालन अच्छे ढंग से करने में सक्षम है। उम्मीद जताई है कि सरकार जमात के प्रस्ताव पर गौर करके जवाब देगी।

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