UP News: 'शहर का नाम बदलने से नहीं, विकास से बदलती है लोगों की किस्मत', देवबंद मामले पर बोले मौलाना बरेलवी
कुछ संगठन सहारनपुर के देवबंद का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं। इस पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मौलाना ने कहा कि किसी शहर या जगह का नाम बदलने से वहां के लोगों की किस्मत नहीं बदलती है।
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने देवबंद का नाम बदलकर देववृंद किए जाने के प्रस्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी शहर या जगह का नाम बदलने से वहां के लोगों की किस्मत नहीं बदलती। मौलाना बरेलवी के अनुसार, लोगों की किस्मत तब बदलती है जब शहर का विकास हो और रोजगार के अवसर पैदा हों।
मौलाना ने कहा कि देवबंद का नाम देववृंद करने से किसी का भला नहीं होगा। उन्होंने कहा कि असली बदलाव तब आता है जब बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिले, छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हों। किसानों को उनकी मेहनत के बराबर अनाज की कीमत मिले और शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेहतर हों। मौलाना बरेलवी ने नाम बदलने के प्रयासों पर सवाल उठाते हुए शाहजहांपुर और मीरगंज की घटनाओं का जिक्र किया।
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उन्होंने बताया कि भूख और गरीबी के कारण लोग आत्महत्या कर लेते हैं। बरेली के मीरगंज में एक किसान ने भूख और गुरबत की वजह से फांसी लगाई थी। मौलाना ने ऐसी घटनाओं को देश के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं उन लोगों के लिए एक सबक हैं जो शहरों का नाम बदलने का आंदोलन चला रहे हैं। मौलाना ने कहा कि सिर्फ नाम बदलने से कुछ नहीं होता, बल्कि काम करने से सबकुछ होता है।
विकास पर दिया जाए जोर
मौलाना बरेलवी ने कहा कि सरकार को नाम बदलने के बजाय विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और कृषि क्षेत्र में सुधार को प्राथमिकता देने की बात कही। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल था। उनके अनुसार, ये कदम ही लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं।
नाम बदलने की राजनीति पर सवाल
मौलाना ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो केवल शहरों के नाम बदलने में लगे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इन लोगों ने कभी भूखे को खाना खिलाया या प्यासे को पानी पिलाया। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं उन लोगों के मुंह पर तमाचा हैं जो केवल नाम बदलने की राजनीति करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि वास्तविक समस्याओं का समाधान करना ही देश के लिए हितकर है।