फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Maulana Shahabuddin Razvi gave a statement on conversion

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बोले: मुसलमान या ईसाई कहीं भी नहीं करा रहे धर्मांतरण, यूपी में पहले ही सख्त कानून

Tue, 02 Jul 2024 12:46 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 02 Jul 2024 12:46 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धर्मांतरण पर गंभीर टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि धर्मांतरण जारी रहा तो बहुसंख्यक आबादी कहीं अल्पसंख्यक न हो जाए। इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने प्रतिक्रिया दी है। 

विज्ञापन
Maulana Shahabuddin Razvi gave a statement on conversion
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने धर्मांतरण के मसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मौलाना ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि धर्मांतरण जारी रहा तो बहुसंख्यक आबादी कहीं अल्पसंख्यक न हो जाए। ये चिंता किसी क्षेत्र की हो सकती है। मगर उत्तर प्रदेश में मुसलमानों या ईसाइयों द्वारा कहीं भी धर्मांतरण कराने का कोई कार्य नहीं हो रहा है। न ही कोई अल्पसंख्यकों की कोई ऐसी संस्था है, जो धर्मांतरण कराने के लिए लोगों को प्रलोभन देती हो। 

विज्ञापन


मौलाना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले से ही धर्मांतरण का कानून बना हुआ है। उसमें सख्त से सख्त धाराएं हैं, अगर कोई व्यक्ति उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण कराएगा तो इस कानून के तहत जेल की सलाखों में चला जायेगा। मौलाना ने आगे कहा कि संविधान में स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन की इजाजत दी है, मगर धर्म परिवर्तन कराने के लिए डराना, धमकाना या लालच देना संविधान के खिलाफ है। इस्लाम भी इसी बात की शिक्षा देता है। 
विज्ञापन


बरेली गोलीकांड: राना ने सीलिंग और कृषि भूमि पर खड़ी कर दीं अवैध कॉलोनियां, आदेश मिलते ही चलेगा बुलडोजर
विज्ञापन
विज्ञापन


शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने अपनी पूरी जिंदगी में किसी भी व्यक्ति को लालच या डराकर धर्म परिवर्तन नहीं कराया बल्कि वो हमेशा अच्छाइयों को अपनाने और बुराइयों से दूर रहने की शिक्षा देते थे। पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी और सीरत को देखकर और बाद में पढ़कर बहुत सारे लोगों ने इस्लाम धर्म को अपनाया। पैगंबर-ए-इस्लाम ये आदेश शक्ति के साथ लागू किया जाता रहा है कि इस्लाम के प्रचार व प्रसार के लिए लालच नहीं दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed