बरेली गोलीकांड: राना ने सीलिंग और कृषि भूमि पर खड़ी कर दीं अवैध कॉलोनियां, आदेश मिलते ही चलेगा बुलडोजर
बरेली गोलीकांड के मुख्य आरोपी राजीव राना की करतूतें जांच में सामने आ रही हैं। जांच में पता लगा है कि राना ने सीलिंग और कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां खड़ी कर दी हैं। इनको चिह्नित कर बीडीए ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। आदेश मिलते ही इन कॉलोनियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के पीलीभीत बाइपास पर 22 जून को हुए गोलीकांड में दर्ज मुकदमों में नामजद और विवेचना में सामने आ रहे आरोपियों की संपत्तियों की जांच बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) कर रहा है। इसमें पता चला है कि प्रॉपर्टी डीलर राजीव राना व उसके मददगारों ने सीलिंग की जमीन पर कब्जा करने के साथ ही कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों को बसाया है। इनको चिह्नित कर बीडीए ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। बीडीए के अधिकारियों के मुताबिक शासन की ओर से आदेश मिलते ही इनको ध्वस्त कराया जाएगा।
बीडीए की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस-प्रशासन भी आरोपियों के मददगारों की जांच कर रहा है। यह पता किया जा रहा है कि आरोपियों ने संपत्ति कैसे अर्जित की? कहीं इसमें राजीव या आदित्य या उनके परिवार की भूमिका तो नहीं? यदि ऐसा हुआ तो उनके जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने बताया कि गोलीकांड के नामजद आरोपियों की संपत्तियों की सूची बनाई जा रही है। पुलिस की मदद लेकर लिस्ट भी तैयार हो रही है। आदेश मिलने पर अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
12 लोगों के नाम सूची में शामिल, कई आर्थिक मददगार
राजीव राना और आदित्य उपाध्याय समेत उनके परिवार वालों के नाम पर जमीन की खरीद-फरोख्त करने और अन्य तरीकों से मदद करने वालों की तलाश की जा रही है। बीडीए ने सीलिंग की जमीन पर हुए कब्जों का काला चिट्ठा निकाल लिया है। इसमें 12 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।
इसमें से कई राना और आदित्य के आर्थिक मददगार भी बताए जा रहे हैं। इन्होंने कई बीघा जमीन की खरीद-फरोख्त की है। हालांकि, बीडीए के अधिकारी सूची में शामिल लोगों के नाम नहीं बता रहे हैं, पर उनका कहना है कि सूची तैयार है। इसमें आरोपियों के करीबी रहे कई बिल्डरों के नाम शामिल हैं।
नेताओं और मुखौटा कंपनी के लोगों से जुड़े आरोपियों के तार
सीलिंग की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जे कर बेचना, किसानों से सस्ती जमीन लेकर महंगी कीमतों पर बेचने का खेल सामने आ रहा है। इसमें कई नेताओं और मुखौटा कंपनियों ने आरोपियों को मदद पहुंचाई है। आरोपियों ने अपनी करीबियों के नाम ही मुखौटा कंपनियां बना रखी हैं जो राजस्व को चूना लगाने के साथ ही सरकारी जमीन की अवैध रूप से खरीद-बिक्री कर रही हैं। अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी है।