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यूपी बोर्ड के मूल्यांकन में मिल रही मास कॉपिंग
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 05 Apr 2016 01:27 AM IST
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मूल्ययांकन
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यूपी बोर्ड के मूल्यांकन में इस बार मास कॉपिंग खूब मिल रही है। स्थिति यह है कि एक ही कॉपी में दो-दो, तीन-तीन तरह की राइटिंग है और उत्तर भी समान हैं। मास कॉपिंग मिलने के बाद भी रिपोर्ट नहीं किया जा रहा है।
इस समय पर पांच केंद्रों जीआईसी, एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज, एमबी इंटर कॉलेज, केडीईएम और बिशप मंडल इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन हो रहा है। इसमें कुछ विषयों खासतौर पर जीव विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, रसायन विज्ञान में मॉस कॉपिंग खूब मिल रही है। सामाजिक विज्ञान की एक कॉपी में तीन तरह की राइटिंग मिली। परीक्षकों ने बताया कि कॉपी देखकर ऐसा लग रहा है कि शिक्षकों ने कॉपियां लिखीं। परीक्षक राइटिंग देखकर चौंके भी कि आखिर एक कॉपी में तीन तरह की राइटिंग कैसे हो सकती है, लेकिन उन्होंने प्रधान परीक्षक रिपोर्ट नहीं किया। परीक्षक चुपचाप कॉपी जांचकर जमा कर दे रहे हैं। वह मास कॉपिंग की रिपोर्ट कर फंसना नहीं चाहते हैं। परीक्षकों ने बताया कि एक कॉपी को जांचने में दस से 15 मिनट तक लग रहे हैं। परीक्षार्थियों ने उत्तर नंबर भी नहीं लिखे हैं। एक-एक प्रश्न को मिलाकर उत्तर जांचना पड़ा है।
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सर जी, भगवान के नाम पर पास कर दीजिए
परीक्षार्थी कॉपियों में लिखकर शिक्षकों से कर रहे मिन्नतें
बरेली। यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों ने परीक्षक से पास करने के लिए तरह-तरह की मिन्नतें भी की हैं। किसी ने अपने घर की खराब आर्थिक स्थिति का जिक्र किया है, वहीं कुछ परीक्षार्थियों ने भगवान के नाम पर पास करने का अनुरोध किया है। एक परीक्षक ने बताया कि इंटरमीडिएट की केमिस्ट्री की कॉपी में शुरुआत में तो परीक्षार्थी ने ठीक लिखा, लेकिन जैसे ही आगे पढ़ने लगे तो उसमें भगवान की कथाएं लिखी हुई थीं। कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्होंने तेल की डिब्बी में पढ़ाई की है। बड़ी मुश्किल से परीक्षा देने को मिली है, इसलिए किसी भी तरह से पास कर दें। कुछ परीक्षार्थियों ने अपना मोबाइल नंबर भी डाल दिया है।
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मूल्यांकन केंद्रों पर अव्यवस्था भी रही
बरेली। मूल्यांकन केंद्रों पर काफी अव्यवस्थाएं भी रहीं। केडीईएम इंटर कॉलेज परीक्षकों के लिए ठीक से बैठने की व्यवस्था भी नहीं है। इसके अलावा न तो पंखे चलते हैं और पीने को पानी मिलता है। परीक्षकों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन कॉलेज के पास कोई व्यवस्था ही नहीं थी, जिससे वह परीक्षकों की समस्याएं दूर कर पाता। जीआईसी में जेनरेटर की व्यवस्था न होने की परीक्षकों को गर्मी में बैठने पड़ा। बीच में कुछ देर जेनरेटर चला, लेकिन फिर वहीं स्थिति हो गई। शिक्षक विधायक संजय मिश्रा भी मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों की समस्याएं सुनने पहुंचे। उनसे शिक्षकों ने बिजली और पानी की समस्या बताई।
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इस समय पर पांच केंद्रों जीआईसी, एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज, एमबी इंटर कॉलेज, केडीईएम और बिशप मंडल इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन हो रहा है। इसमें कुछ विषयों खासतौर पर जीव विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, रसायन विज्ञान में मॉस कॉपिंग खूब मिल रही है। सामाजिक विज्ञान की एक कॉपी में तीन तरह की राइटिंग मिली। परीक्षकों ने बताया कि कॉपी देखकर ऐसा लग रहा है कि शिक्षकों ने कॉपियां लिखीं। परीक्षक राइटिंग देखकर चौंके भी कि आखिर एक कॉपी में तीन तरह की राइटिंग कैसे हो सकती है, लेकिन उन्होंने प्रधान परीक्षक रिपोर्ट नहीं किया। परीक्षक चुपचाप कॉपी जांचकर जमा कर दे रहे हैं। वह मास कॉपिंग की रिपोर्ट कर फंसना नहीं चाहते हैं। परीक्षकों ने बताया कि एक कॉपी को जांचने में दस से 15 मिनट तक लग रहे हैं। परीक्षार्थियों ने उत्तर नंबर भी नहीं लिखे हैं। एक-एक प्रश्न को मिलाकर उत्तर जांचना पड़ा है।
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सर जी, भगवान के नाम पर पास कर दीजिए
परीक्षार्थी कॉपियों में लिखकर शिक्षकों से कर रहे मिन्नतें
बरेली। यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों ने परीक्षक से पास करने के लिए तरह-तरह की मिन्नतें भी की हैं। किसी ने अपने घर की खराब आर्थिक स्थिति का जिक्र किया है, वहीं कुछ परीक्षार्थियों ने भगवान के नाम पर पास करने का अनुरोध किया है। एक परीक्षक ने बताया कि इंटरमीडिएट की केमिस्ट्री की कॉपी में शुरुआत में तो परीक्षार्थी ने ठीक लिखा, लेकिन जैसे ही आगे पढ़ने लगे तो उसमें भगवान की कथाएं लिखी हुई थीं। कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्होंने तेल की डिब्बी में पढ़ाई की है। बड़ी मुश्किल से परीक्षा देने को मिली है, इसलिए किसी भी तरह से पास कर दें। कुछ परीक्षार्थियों ने अपना मोबाइल नंबर भी डाल दिया है।
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मूल्यांकन केंद्रों पर अव्यवस्था भी रही
बरेली। मूल्यांकन केंद्रों पर काफी अव्यवस्थाएं भी रहीं। केडीईएम इंटर कॉलेज परीक्षकों के लिए ठीक से बैठने की व्यवस्था भी नहीं है। इसके अलावा न तो पंखे चलते हैं और पीने को पानी मिलता है। परीक्षकों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन कॉलेज के पास कोई व्यवस्था ही नहीं थी, जिससे वह परीक्षकों की समस्याएं दूर कर पाता। जीआईसी में जेनरेटर की व्यवस्था न होने की परीक्षकों को गर्मी में बैठने पड़ा। बीच में कुछ देर जेनरेटर चला, लेकिन फिर वहीं स्थिति हो गई। शिक्षक विधायक संजय मिश्रा भी मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों की समस्याएं सुनने पहुंचे। उनसे शिक्षकों ने बिजली और पानी की समस्या बताई।