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Bareilly News: अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में मिलने लगे मलेरिया मरीज, रोकथाम की कवायद शुरू
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बरेली। गर्मियों की दस्तक के साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। पूर्व में अतिसंवेदनशील सूची में शामिल क्षेत्रों में ही फिर से मरीज मिलने लगे हैं। अब तक मलेरिया की चपेट में आठ लोग मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित क्षेत्र में फॉगिंग व अन्य गतिविधि करा दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मीरगंज, भमोरा, मझगवां, बहेड़ी, बिथरी व अन्य इलाकों में मलेरिया के आठ मरीज मिले। इसमें दो फेल्सीपेरम और छह विवैक्स से पीड़ित रहे, जो इलाज के बाद स्वस्थ हो गए हैं। पूर्व में भी यही इलाके अतिसंवेदनशील सूची में शामिल रहे। मलेरिया नियंत्रण के लिए तमाम प्रयास हुए, लेकिन अभी पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका है। हालांकि, मरीजों की तादाद बीते वर्षों के सापेक्ष 2025 में कम जरूर हुई थी। एक अप्रैल से विशेष संचारी रोग नियंत्रण मुहिम शुरू होगी। इसके तहत ब्लॉक, तहसील स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
विकास और पंचायती राज विभाग का संवेदीकरण भी हो चुका है। रोगों से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार संबंधी पंफलेट, पोस्टर छप रहे हैं। अफसरों ने बताया कि इस वर्ष भी संवदेनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रहेगी। मरीजों की तादाद पर अंकुश लगाने के लिए संदिग्ध मरीजों की जांच जारी है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मीरगंज, भमोरा, मझगवां, बहेड़ी, बिथरी व अन्य इलाकों में मलेरिया के आठ मरीज मिले। इसमें दो फेल्सीपेरम और छह विवैक्स से पीड़ित रहे, जो इलाज के बाद स्वस्थ हो गए हैं। पूर्व में भी यही इलाके अतिसंवेदनशील सूची में शामिल रहे। मलेरिया नियंत्रण के लिए तमाम प्रयास हुए, लेकिन अभी पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका है। हालांकि, मरीजों की तादाद बीते वर्षों के सापेक्ष 2025 में कम जरूर हुई थी। एक अप्रैल से विशेष संचारी रोग नियंत्रण मुहिम शुरू होगी। इसके तहत ब्लॉक, तहसील स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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विकास और पंचायती राज विभाग का संवेदीकरण भी हो चुका है। रोगों से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार संबंधी पंफलेट, पोस्टर छप रहे हैं। अफसरों ने बताया कि इस वर्ष भी संवदेनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रहेगी। मरीजों की तादाद पर अंकुश लगाने के लिए संदिग्ध मरीजों की जांच जारी है।
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