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Bareilly News: आला हजरत के मिशन को करें आम
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बरेली। बिहारीपुर स्थित मदरसा दारुल उलूम मजहर-ए-इस्लाम में शब-ए-बरात के मौके पर दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को दस्तार-ए-फजीलत का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कलाम पाक से हुई। खालिद-ए-मिल्लत मुफ्ती अनस रजा कादरी की सरपरस्ती में जलसा शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। जलसे की सदारत मौलाना मुशाहिद रजा सैफी मियां ने की। मदरसे से नौ मुफ्ती, 12 आलिम फाजिल, 20 कारी, सात हाफिज की दस्तारबंदी कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मुफ्ती शहजाद आलम ने अपनी तकरीर में आला हजरत के मिशन पर चलने की नसीहत की। साथ ही कहा कि शब-ए-बरात की मुबारक रात की फजीलत हासिल करने के लिए अल्लाह की इबादत करना बहुत जरूरी है।
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इस दौरान मुफ्ती सगीर अहमद बरकाती, मौलाना मुशाहिद रजा सैफी मियां, सैयद शोएब मियां, सैयद रफत मियां, सैयद रशीद अली आदि मौजूद रहे। संवाद
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कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कलाम पाक से हुई। खालिद-ए-मिल्लत मुफ्ती अनस रजा कादरी की सरपरस्ती में जलसा शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। जलसे की सदारत मौलाना मुशाहिद रजा सैफी मियां ने की। मदरसे से नौ मुफ्ती, 12 आलिम फाजिल, 20 कारी, सात हाफिज की दस्तारबंदी कर सम्मानित किया गया।
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इस मौके पर मुफ्ती शहजाद आलम ने अपनी तकरीर में आला हजरत के मिशन पर चलने की नसीहत की। साथ ही कहा कि शब-ए-बरात की मुबारक रात की फजीलत हासिल करने के लिए अल्लाह की इबादत करना बहुत जरूरी है।
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इस दौरान मुफ्ती सगीर अहमद बरकाती, मौलाना मुशाहिद रजा सैफी मियां, सैयद शोएब मियां, सैयद रफत मियां, सैयद रशीद अली आदि मौजूद रहे। संवाद