बरेली में उत्तरायणी मेला शुरू: महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने किया उद्घाटन, बिखरे देवभूमि के रंग
उत्तरायणी जनकल्याण समिति की ओर से यह मेला बरेली क्लब मैदान पर लगाया गया है। शुक्रवार को मेले का उद्घाटन महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने किया। इससे पूर्व शहर में रंगयात्रा निकाली।
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उत्तरायणी जनकल्याण समिति की ओर से यह मेला बरेली क्लब मैदान पर लगाया गया है। समिति के अध्यक्ष प्रमोद बिष्ट ने बताया कि मेले में पिथौरागढ़, लोहाघाट, उड़ई, देवलधल, नैनीताल, देहरादून आदि के सांस्कृतिक दलों के अलावा एकल गायक कलाकारों की प्रस्तुति भी आकर्षण होगी। इसमें खास तौर डॉ. लता तिवारी, बसंती बिष्ट, मेघनाथ चंद्रा, जितेंद्र तुमक्याल, प्रहलाद मेहरा, दीवान कनवाल, जगदीश कांडपाल, राकेश कनवाल जैसे कलाकार भी आएंगे।
रंगयात्रा में बिखरे लोक संस्कृति के रंग
उत्तरायणी मेले के उद्घाटन से पहले सुबह दस बजे रंगयात्रा निकाली गई। डॉ. आंबेडकर पार्क से शुरू हुई रंगयात्रा में लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से उत्तराखंड की संस्कृति के रंग बिखेरे। मेला स्थल पर भी कार्यक्रम हुए। रंगयात्रा के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी उत्तरायणी मेला का उद्घाटन किया।
उन्होंने उत्तरांचल की संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को उत्तराखंड की संस्कृति से उत्तराखंड से विशेष लगाव है, वहां के प्रोत्साहन के लिए वह कई सारे काम कर रहे हैं। इसके अलावा राजपाल ने यह भी कहा कि इस बात की हम कोशिश कर रहे हैं कि जो लोग कुमाऊं गढ़वाल के हैं वह लोग फिर से अपने गांव जाएं और वहां काम करें। मैं यह नहीं कहता कि लोग दूसरी जगह पर या दूसरे देश में जाकर काम या नौकरी ना करें।
मंच पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी साथ में अऩ्य लोग
भगत सिंह कोश्यारी ने खासतौर से उत्तरकाशी में किए जा रहे प्रयास का उल्लेख करते हुए फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने जोशीमठ की आपदा का जिक्र किया उन्होंने कहा कि वहां जो आपदा आई है, इसी स्थिति में हम उनके साथ हैं। हम सबको उनका साथ देना चाहिए।