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लखनऊ हाईवे: ट्रैफिक के लिए दो दिन बाद खोला जा सकता है दूसरा पुुल
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पुल पर बिछाया जाता तारकोल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
हॉटमिक्स के जरिये कोलतार की परत बिछाने का काम शुरू
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फतेहगंज पूर्वी। बहगुल नदी के एक पुल की सड़क टूट जाने के बाद अब अधूरे पड़े दूसरे पुल को तैयार किया जा रहा है। मंगलवार को इस पुल की सड़क पर हॉटमिक्स के जरिये कोलतार की परत बिछाने का काम शुरू कर दिया गया जिसके दो दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इसके बाद इस पुल को ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा और वाहनों को सड़क टूटने से असुरक्षित हुए पुल से नहीं गुजरना पड़ेगा।
बरेली-सीतापुर मार्ग का काम अधूरा छोड़कर जाने से पहले एरा इंफ्रा लिमिटेड ने बहगुल नदी पर दो पुल बनाए थे। किंतु उन दोनों में से मात्र एक पुल शुरू किया गया था। उससे पहले कि कंपनी दूसरे पुल को जाने वाली एप्रोच रोड वाहनों के लिए शुरू कर पाती, आर्थिक तंगी के चलते उसे काम अधूरा ही छोड़कर भागना पड़ गया। दूसरी ओर उस पुल को शुरू किए जाने की कोशिश भी नहीं की गई। अब उसके शुरू हो जाने से वाहन चालकों को कुछ राहत मिल सकेगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
जानकारों की मानें तो हाईवे के इस आठ किलोमीटर के टुकडे़ की सड़क को गड्ढामुक्त बनाकर और हुलास नगरा क्रॉसिंग के अधूरे ओवरब्रिज को पूरा करने के बाद ही जाम से स्थाई रूप से छुटकारा संभव है।
बरेली-सीतापुर मार्ग का काम अधूरा छोड़कर जाने से पहले एरा इंफ्रा लिमिटेड ने बहगुल नदी पर दो पुल बनाए थे। किंतु उन दोनों में से मात्र एक पुल शुरू किया गया था। उससे पहले कि कंपनी दूसरे पुल को जाने वाली एप्रोच रोड वाहनों के लिए शुरू कर पाती, आर्थिक तंगी के चलते उसे काम अधूरा ही छोड़कर भागना पड़ गया। दूसरी ओर उस पुल को शुरू किए जाने की कोशिश भी नहीं की गई। अब उसके शुरू हो जाने से वाहन चालकों को कुछ राहत मिल सकेगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
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जानकारों की मानें तो हाईवे के इस आठ किलोमीटर के टुकडे़ की सड़क को गड्ढामुक्त बनाकर और हुलास नगरा क्रॉसिंग के अधूरे ओवरब्रिज को पूरा करने के बाद ही जाम से स्थाई रूप से छुटकारा संभव है।
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