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शाही में सराफ से लूट का खुलासा
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बरेली। शाही थाने के मिर्जापुर में सराफ से सवा महीने पहले हुई 10 लाख की लूट का एसएसपी ने शनिवार को खुलासा कर दिया। गिरफ्तार पांच बदमाशों में से तीन शाहजहांपुर के हैं। पुलिस ने दो बदमाशों को मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर पकड़ने का दावा किया है। सराफ भी खुलासे के वक्त मौजूद थे। उन्होंने खुलासे पर संतोष जताया है। काफी माल भी बरामद हुआ है।
मिर्जापुर दिनरा की प्रधान के पति सराफ छोटेलाल गंगवार और उनका बेटा दुर्गपाल 15 जुलाई की शाम अपनी दुकान बंद करके घर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने पिता-पुत्र से हथियारों के दम पर चार लाख की नकदी और छह लाख के जेवर लूट लिए। पुलिस ने पहले तो घटना को ही फर्जी बता दिया था, लेकिन जब सप्ताह भर पहले क्राइम ब्रांच को बदमाशों का सुराग लगा तो पुलिस भी खुलासे के लिए सक्रिय हो गई। शनिवार को पुलिस लाइन में एसएसपी शैलेश पांडेय ने घटना का खुलासा किया। शाहजहांपुर के कटरा थाने के गांव इश्वरा निवासी दिनेश कुमार द्विवेदी, तिलहर के गुरगांव निवासी विपुल, तिलहर के ही प्रहलादपुर निवासी जगपाल के साथ ही मीरगंज के ठिरिया खुर्द निवासी छत्रपाल और नन्हे को पेश किया गया। इनके पास से दो लाख की नकदी, 11 तोला सोना, साढ़े आठ किलो चांदी के जेवर, तीन तमंचे और एक अपाचे बाइक बरामद की गई।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार रात मुठभेड़ में जगपाल और विपुल को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया। ये लोग सोहरा के एक घर में लूट के माल का बंटवारा करने जा रहे थे। बाद में और बदमाश पकड़े गए। शाहजहांपुर के बदमाशों की इस गांव में रिश्तेदारी है। वह यहां डेढ़ साल पहले आए थे। तभी से छोटेलाल के यहां लूट का मन बना लिया था। घटना से तीन दिन पहले बदमाशों ने छत्रपाल और नन्हे के घर रुककर दुकान की रेकी की। लूट के बाद बदमाश फतेहगंज पश्चिमी के सोहरा गांव में अपने परिचित प्रेमशंकर के घर पहुंचे और रात में वहीं सो गए। प्रेमशंकर को भी पुलिस ने बतौर आरोपी केस में शामिल किया है, उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। मौके पर मौजूद सराफ ने भी खुलासा सही होने की बात स्वीकारी।
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दिव्यांग है मास्टमाइंड
- लूट का मास्टरमाइंड दिनेश बताया जा रहा है, जो दिव्यांग है। दिनेश के खिलाफ शाहजहांपुर और बरेली जिले में सात मामले दर्ज हैं। विपुल के खिलाफ 11 और जगपाल के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक जेवर खरीदने के मामले में पुलिस ने तिलहर के कुछ सराफों को भी पकड़ा था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। तर्क दिया गया कि सराफों को जेवर लूट के होने की जानकारी नहीं थी।
- पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच ने भी शानदार काम करके सटीक खुलासा किया है। पुलिस टीम को इसके लिए 15 हजार रुपये इनाम दिया जाएगा। सराफ भी कार्रवाई से संतुष्ट हैं। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
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मिर्जापुर दिनरा की प्रधान के पति सराफ छोटेलाल गंगवार और उनका बेटा दुर्गपाल 15 जुलाई की शाम अपनी दुकान बंद करके घर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने पिता-पुत्र से हथियारों के दम पर चार लाख की नकदी और छह लाख के जेवर लूट लिए। पुलिस ने पहले तो घटना को ही फर्जी बता दिया था, लेकिन जब सप्ताह भर पहले क्राइम ब्रांच को बदमाशों का सुराग लगा तो पुलिस भी खुलासे के लिए सक्रिय हो गई। शनिवार को पुलिस लाइन में एसएसपी शैलेश पांडेय ने घटना का खुलासा किया। शाहजहांपुर के कटरा थाने के गांव इश्वरा निवासी दिनेश कुमार द्विवेदी, तिलहर के गुरगांव निवासी विपुल, तिलहर के ही प्रहलादपुर निवासी जगपाल के साथ ही मीरगंज के ठिरिया खुर्द निवासी छत्रपाल और नन्हे को पेश किया गया। इनके पास से दो लाख की नकदी, 11 तोला सोना, साढ़े आठ किलो चांदी के जेवर, तीन तमंचे और एक अपाचे बाइक बरामद की गई।
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एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार रात मुठभेड़ में जगपाल और विपुल को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया। ये लोग सोहरा के एक घर में लूट के माल का बंटवारा करने जा रहे थे। बाद में और बदमाश पकड़े गए। शाहजहांपुर के बदमाशों की इस गांव में रिश्तेदारी है। वह यहां डेढ़ साल पहले आए थे। तभी से छोटेलाल के यहां लूट का मन बना लिया था। घटना से तीन दिन पहले बदमाशों ने छत्रपाल और नन्हे के घर रुककर दुकान की रेकी की। लूट के बाद बदमाश फतेहगंज पश्चिमी के सोहरा गांव में अपने परिचित प्रेमशंकर के घर पहुंचे और रात में वहीं सो गए। प्रेमशंकर को भी पुलिस ने बतौर आरोपी केस में शामिल किया है, उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। मौके पर मौजूद सराफ ने भी खुलासा सही होने की बात स्वीकारी।
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दिव्यांग है मास्टमाइंड
- लूट का मास्टरमाइंड दिनेश बताया जा रहा है, जो दिव्यांग है। दिनेश के खिलाफ शाहजहांपुर और बरेली जिले में सात मामले दर्ज हैं। विपुल के खिलाफ 11 और जगपाल के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक जेवर खरीदने के मामले में पुलिस ने तिलहर के कुछ सराफों को भी पकड़ा था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। तर्क दिया गया कि सराफों को जेवर लूट के होने की जानकारी नहीं थी।
- पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच ने भी शानदार काम करके सटीक खुलासा किया है। पुलिस टीम को इसके लिए 15 हजार रुपये इनाम दिया जाएगा। सराफ भी कार्रवाई से संतुष्ट हैं। - शैलेश पांडेय, एसएसपी