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Bareilly News: अकेले बुजुर्गों की करनी थी निगरानी, डाटा जुटाकर भूल गई पुलिस
Sat, 06 Jan 2024 02:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 06 Jan 2024 02:06 AM IST
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बरेली। जिले में सबेरा योजना के तहत 33801 बुजुर्गों को पंजीकृत किया जा चुका है। पीआरवी (यूपी 112) को इनकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। योजना पर कोरोना काल में कुछ काम हुआ, इसके बाद पुलिस बुजुर्गों की सुध लेना भूल गई। सर्दी के दिनों में इसकी ज्यादा जरूरत है।
प्रेमनगर की नेहरू पार्क कॉलोनी में पूर्व शिक्षिका 72 वर्षीय पूर्णिमा जायसवाल का शव तीन दिन बाद मिल सका। उनका घर तीन दिन से अंदर से बंद था। संदेह होने पर पड़ोसियों ने ही रिश्तेदारों को सूचना देकर बुलाया और शव निकाला जा सका। पूर्णिमा जैसे हजारों बुजुर्ग जिले में हैं जो अकेले ही जिंदगी काट रहे हैं। इनमें ऐसे बुजुर्गों की समस्या ज्यादा है जो पॉश कॉलोनियों और आलीशान घरों में रह रहे हैं। आमतौर पर ऐसा देखने में आ रहा है कि मोहल्लों या बस्तियों में ऐसी समस्या कम हैं। वहां आसपास के ही लोग बुजुर्गों का हालचाल लेते रहते हैं पर पॉश कॉलोनियों में लोगों का ध्यान उन पर कम ही जाता है।
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बुजुर्गों का दर्ज किया था ब्योरा
बुजुर्गों के लिए पुलिस ने सबेरा योजना यूं तो पहले ही चालू की थी पर कोरोना काल में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला। पुलिस ने अब तक योजना के तहत अभियान चलाकर 33801 बुजुर्गों को चिह्नित किया था। इसमें शामिल लोगों का पंजीकरण करने वक्त वरिष्ठ नागरिक का पता व बीमारी आदि का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन दर्ज किया गया था।
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इस तरह देनी थी मदद
योजना का उद्देश्य था कि जो बुजुर्ग परिवार से दूर रह रहे हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। उनकी बीमारी, बैंक, डाकघर, अस्पताल या अन्य जगह जाने की समस्या का समाधान पुलिस करा सके। पंजीकृत नंबर से जैसे ही बुजुर्ग 112 नंबर पर कॉल करेंगे तो उनका रिकॉर्ड पुलिस के पास स्क्रीन पर आ जाएगा। साथ ही कॉलर के पास पीआरवी अधिकतम 15 मिनट में पहुंच सकेगी।
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मदद का रिकॉर्ड नहीं
जिले में पीआरवी के पास पंजीकृत बुजुर्गों की संख्या के अलावा उनकी मदद का कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसा नहीं है कि इस अवधि में पीआरवी ने बुजुर्गों की मदद न की हो पर इस योजना के तरह किसी कॉल के आने और कॉलर की मदद को लेकर जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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ऐसे कराएं पंजीकरण
बुजुुर्ग या वरिष्ठ नागरिक सीधे 112 पर कॉल करके इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करा सकते हैं। प्राथमिक पंजीकरण के बाद सिविल पुलिस इन बुजुर्गों के घर जाकर संबंधित जानकारी लेगी। पीआरवी स्टाफ भी ब्योरा दर्ज करेगा और पंजीकृत नंबर के आधार पर उनकी मदद की जाएगी।
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सबेरा योजना के तहत बुजुर्गों का पंजीकरण किया गया है। इसके कामकाज की समीक्षा कर ली जाएगी। यूपी 112 पुलिस के साथ ही थाने और चौकियों की पुलिस को भी बुजुर्गों के बारे में जानकारी रखने और उनकी तत्परता से मदद के निर्देश दिए गए हैं। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी
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प्रेमनगर की नेहरू पार्क कॉलोनी में पूर्व शिक्षिका 72 वर्षीय पूर्णिमा जायसवाल का शव तीन दिन बाद मिल सका। उनका घर तीन दिन से अंदर से बंद था। संदेह होने पर पड़ोसियों ने ही रिश्तेदारों को सूचना देकर बुलाया और शव निकाला जा सका। पूर्णिमा जैसे हजारों बुजुर्ग जिले में हैं जो अकेले ही जिंदगी काट रहे हैं। इनमें ऐसे बुजुर्गों की समस्या ज्यादा है जो पॉश कॉलोनियों और आलीशान घरों में रह रहे हैं। आमतौर पर ऐसा देखने में आ रहा है कि मोहल्लों या बस्तियों में ऐसी समस्या कम हैं। वहां आसपास के ही लोग बुजुर्गों का हालचाल लेते रहते हैं पर पॉश कॉलोनियों में लोगों का ध्यान उन पर कम ही जाता है।
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बुजुर्गों का दर्ज किया था ब्योरा
बुजुर्गों के लिए पुलिस ने सबेरा योजना यूं तो पहले ही चालू की थी पर कोरोना काल में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला। पुलिस ने अब तक योजना के तहत अभियान चलाकर 33801 बुजुर्गों को चिह्नित किया था। इसमें शामिल लोगों का पंजीकरण करने वक्त वरिष्ठ नागरिक का पता व बीमारी आदि का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन दर्ज किया गया था।
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इस तरह देनी थी मदद
योजना का उद्देश्य था कि जो बुजुर्ग परिवार से दूर रह रहे हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। उनकी बीमारी, बैंक, डाकघर, अस्पताल या अन्य जगह जाने की समस्या का समाधान पुलिस करा सके। पंजीकृत नंबर से जैसे ही बुजुर्ग 112 नंबर पर कॉल करेंगे तो उनका रिकॉर्ड पुलिस के पास स्क्रीन पर आ जाएगा। साथ ही कॉलर के पास पीआरवी अधिकतम 15 मिनट में पहुंच सकेगी।
मदद का रिकॉर्ड नहीं
जिले में पीआरवी के पास पंजीकृत बुजुर्गों की संख्या के अलावा उनकी मदद का कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसा नहीं है कि इस अवधि में पीआरवी ने बुजुर्गों की मदद न की हो पर इस योजना के तरह किसी कॉल के आने और कॉलर की मदद को लेकर जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे कराएं पंजीकरण
बुजुुर्ग या वरिष्ठ नागरिक सीधे 112 पर कॉल करके इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करा सकते हैं। प्राथमिक पंजीकरण के बाद सिविल पुलिस इन बुजुर्गों के घर जाकर संबंधित जानकारी लेगी। पीआरवी स्टाफ भी ब्योरा दर्ज करेगा और पंजीकृत नंबर के आधार पर उनकी मदद की जाएगी।
सबेरा योजना के तहत बुजुर्गों का पंजीकरण किया गया है। इसके कामकाज की समीक्षा कर ली जाएगी। यूपी 112 पुलिस के साथ ही थाने और चौकियों की पुलिस को भी बुजुर्गों के बारे में जानकारी रखने और उनकी तत्परता से मदद के निर्देश दिए गए हैं। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी