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बरेलीः लॉकडाउन का कमाल.. गर्मी 35 पर लॉक
Mon, 11 May 2020 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2020 12:49 AM IST
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मौसम साफ हुआ तो दृश्यता बढ़ने से बरेली से ही मां पूर्णागिरी के पहाड़ नजर आने लगे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पिछले साल नौ मई को ही 42 पार कर गया था अधिकतम तापमान
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बरेली। कोरोना लोगों को कितना भी कष्ट दे रहा हो लेकिन लॉकडाउन कमाल की चीज साबित हुआ। प्रदूषण घटाने के साथ मौसम ने तापमान पर भी लगाम लगा दी है। मौसम विभाग का रिकॉर्ड बता रहा है कि मई की 10 तारीख तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। 40 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है। मौसम विज्ञानियों का यह भी अनुमान है कि अगर कुछ समय तक लॉकडाउन और बढ़ा तो इस बार पूरी गर्मी भर तापमान 40 के पार जाने की संभावना न के बराबर है।
आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक काफी सालों बाद इस बार मौसम में ऐसा बदलाव दिख रहा है जो काफी सुखद होने के साथ चौंकाने वाला भी है। उन्होंने बताया कि अरब सागर में चल रही हलचल का असर लगातार पश्चिमी विक्षोभ पर हो रहा है। मार्च से अब तक पांच बार मजबूत विक्षोभ बने हैं। इसी वजह से बार-बार बारिश हो रही है और हवाओं में नमी घुलने से मई में भी हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक मौसम विभाग का पिछले 40 सालों का रिकॉर्ड बताता है कि मई की शुरुआत से ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार निकलकर 44 डिग्री तक पहुंचता रहा है लेकिन इस बार अब तक 35 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर नहीं बढ़ पाया है। इसी तरह मई में औसत बारिश का रिकॉर्ड भी पिछले सालों में सिर्फ 20 से 30 मिलीमीटर के बीच रहता था लेकिन इस बार दस दिन में ही 55 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि मौसम के इस बदलाव की वजह लॉकडाउन में पर्यावरण में हुए भारी सुधार के अलावा और कुछ नहीं है। मौसम का यह बदलाव लोगों की सेहत के लिए भी अच्छा साबित होगा।
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आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक काफी सालों बाद इस बार मौसम में ऐसा बदलाव दिख रहा है जो काफी सुखद होने के साथ चौंकाने वाला भी है। उन्होंने बताया कि अरब सागर में चल रही हलचल का असर लगातार पश्चिमी विक्षोभ पर हो रहा है। मार्च से अब तक पांच बार मजबूत विक्षोभ बने हैं। इसी वजह से बार-बार बारिश हो रही है और हवाओं में नमी घुलने से मई में भी हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक मौसम विभाग का पिछले 40 सालों का रिकॉर्ड बताता है कि मई की शुरुआत से ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार निकलकर 44 डिग्री तक पहुंचता रहा है लेकिन इस बार अब तक 35 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर नहीं बढ़ पाया है। इसी तरह मई में औसत बारिश का रिकॉर्ड भी पिछले सालों में सिर्फ 20 से 30 मिलीमीटर के बीच रहता था लेकिन इस बार दस दिन में ही 55 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि मौसम के इस बदलाव की वजह लॉकडाउन में पर्यावरण में हुए भारी सुधार के अलावा और कुछ नहीं है। मौसम का यह बदलाव लोगों की सेहत के लिए भी अच्छा साबित होगा।
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39.1 डिग्री सेल्सियस था 1981 और 2010 के बीच सबसे कम तापमान
लॉकडाउन के बीच मौसम में कितना बड़ा बदलाव आया है, यह इस आंकड़े से भी समझा जा सकता है कि वर्ष 1981 से 2010 के बीच मई का न्यूनतम तापमान मौसम विभाग की वेबसाइट आईएमडी पर 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज है जबकि मई 2020 में पिछले दस दिनों का अधिकतम तापमान 36 पर भी नहीं पहुंच सका है। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों भी तापमान 40 के पार जाने की संभावना बहुत कम है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री और न्यूनतम 23.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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