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प्रधानी के रेस में चली गई जान
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कादरचौक (बदायूं)। कादरचौक मार्ग पर हुए हादसे की सबसे बड़ी वजह ये रही कि दो ट्रैक्टर आपस में रेस लगा रहे थे। ट्रैक्टर ट्रॉली किसी और के नहीं बल्कि गांव में प्रधानी के चुनाव में दावेदारी ठोंकने वालों के थे। दोनों ट्रैक्टर के चालक दौड़ लगा रहे थे। एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हादसा हो गया।
ग्रामीणों के मुताबिक महिला के निधन की सूचना पर निवर्तमान प्रधान चिरौंजीलाल व प्रत्याशी और दूसरे दावेदार नेत्रपाल भी पहुंचे थे। उन्होंने अपने-अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली भेजे थे। अंतिम संस्कार में भी करीब 50 से ज्यादा लोग हो गए थे। जो लोग चिरौंजीलाल को पसंद कर रहे थे। वह इनके ट्रैक्टर पर सवार हो गए। जबकि अन्य लोग नेत्रपाल के ट्रैक्टर पर सवार थे। ग्रामीणों की माने तो इस दौरान रिश्तेदारों को कोई चुनाव से मतलब नहीं था। इससे वह दोनों ही ट्रैक्टर पर सवार थे। जैसे ही सभी लोग अंतिम संस्कार के बाद घरों के लिए रवाना हुए उनके चालकों ने गंगा घाट से ही ट्रैक्टर-ट्राली दौड़ाना शुरू कर दिया। गंगपुर गांव के नजदीक दोनों ट्रैक्टर-ट्राली एक बराबर में दौड़ रहे थे। उसी समय सामने से एक बैलगाड़ी आ रही थी। उसने बचाने के लिए चिरौंजीलाल के ट्रैक्टर चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश। इससे ट्रैक्टर ट्राली पलट गई।
बस के यात्रियों ने ट्रॉली उठाकर लोगों को निकाला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के दौरान पीछे से एक रोडवेज बस आ रही थी। जैसे ही ट्रैक्टर-ट्राली पलटी कि बस पहुंच गई। इसके बाद 40-50 यात्री उतरकर आ गए। उन्होंने एकजुट होकर ट्राली को उठाया और उसमें दबे लोगों को बाहर निकाला। अगर बस यात्री मौजूद नहीं होते, तो शायद और बड़ा हादसा हो जाता। कुछ लोगों की दम घुटने से जान जा सकती थी।
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मामले में अभी कोई तहरीर नहीं आई। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- गजेंद्र कुमार सीओ, उझानी
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ग्रामीणों के मुताबिक महिला के निधन की सूचना पर निवर्तमान प्रधान चिरौंजीलाल व प्रत्याशी और दूसरे दावेदार नेत्रपाल भी पहुंचे थे। उन्होंने अपने-अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली भेजे थे। अंतिम संस्कार में भी करीब 50 से ज्यादा लोग हो गए थे। जो लोग चिरौंजीलाल को पसंद कर रहे थे। वह इनके ट्रैक्टर पर सवार हो गए। जबकि अन्य लोग नेत्रपाल के ट्रैक्टर पर सवार थे। ग्रामीणों की माने तो इस दौरान रिश्तेदारों को कोई चुनाव से मतलब नहीं था। इससे वह दोनों ही ट्रैक्टर पर सवार थे। जैसे ही सभी लोग अंतिम संस्कार के बाद घरों के लिए रवाना हुए उनके चालकों ने गंगा घाट से ही ट्रैक्टर-ट्राली दौड़ाना शुरू कर दिया। गंगपुर गांव के नजदीक दोनों ट्रैक्टर-ट्राली एक बराबर में दौड़ रहे थे। उसी समय सामने से एक बैलगाड़ी आ रही थी। उसने बचाने के लिए चिरौंजीलाल के ट्रैक्टर चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश। इससे ट्रैक्टर ट्राली पलट गई।
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बस के यात्रियों ने ट्रॉली उठाकर लोगों को निकाला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के दौरान पीछे से एक रोडवेज बस आ रही थी। जैसे ही ट्रैक्टर-ट्राली पलटी कि बस पहुंच गई। इसके बाद 40-50 यात्री उतरकर आ गए। उन्होंने एकजुट होकर ट्राली को उठाया और उसमें दबे लोगों को बाहर निकाला। अगर बस यात्री मौजूद नहीं होते, तो शायद और बड़ा हादसा हो जाता। कुछ लोगों की दम घुटने से जान जा सकती थी।
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मामले में अभी कोई तहरीर नहीं आई। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- गजेंद्र कुमार सीओ, उझानी