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Bareilly News: हत्या के मामले में दोषी दो सगे भाइयों समेत चार को उम्रकैद
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बरेली। फतेहगंज पूर्वी के टिसुआ गांव में आठ साल पहले दिन दहाडे़ की गई हत्या के मामले में दोषी चार लोगों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में एक ही परिवार के तीन लोग है, जिसमें दो सगे भाई हैं। यह आदेश जिला जज विनोद कुमार ने किया।
घटना की रिपोर्ट टिसुआ गांव निवासी वादी के बेटे रहीस अहमद ने थाना फतेहगंज पूर्वी में लिखाई थी। इसमें कहा कि रंजिश के चलते अभियुक्त अब्दुल खालिक उर्फ बडे़ लल्ला, हसनैन उर्फ छोटे लल्ला (दोनों भाई), मोहम्मद हसीन और शकील अहमद 23 जनवरी, 2015 को सुबह दस बजे रजी अहमद के प्लॉट के पास एक कार में छुपे बैठे थे। उसके पिता रफीक अहमद उस वक्त अपनी कपड़े सिलाई की दुकान पर जा रहे थे। जैसे ही वह कार के पास पहुंचे। हसीन उन्हें गालियां देने लगा। इसके बाद सभी कार सवार लोहे की रॉड से रफीक को मारने लगे। गंभीर अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। 25 जनवरी, 2015 को उन्होंने दम तोड़ दिया था।
अभियोजन की ओर से 12 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से भी तीन गवाह पेश हुए। अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और सभी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की आधी राशि वादी को देने का आदेश दिया है।
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घटना की रिपोर्ट टिसुआ गांव निवासी वादी के बेटे रहीस अहमद ने थाना फतेहगंज पूर्वी में लिखाई थी। इसमें कहा कि रंजिश के चलते अभियुक्त अब्दुल खालिक उर्फ बडे़ लल्ला, हसनैन उर्फ छोटे लल्ला (दोनों भाई), मोहम्मद हसीन और शकील अहमद 23 जनवरी, 2015 को सुबह दस बजे रजी अहमद के प्लॉट के पास एक कार में छुपे बैठे थे। उसके पिता रफीक अहमद उस वक्त अपनी कपड़े सिलाई की दुकान पर जा रहे थे। जैसे ही वह कार के पास पहुंचे। हसीन उन्हें गालियां देने लगा। इसके बाद सभी कार सवार लोहे की रॉड से रफीक को मारने लगे। गंभीर अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। 25 जनवरी, 2015 को उन्होंने दम तोड़ दिया था।
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अभियोजन की ओर से 12 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से भी तीन गवाह पेश हुए। अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और सभी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की आधी राशि वादी को देने का आदेश दिया है।
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