फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Life imprisonment to four after 12 years for robbery in station master's office

Bareilly News: स्टेशन मास्टर के दफ्तर में पड़ी डकैती में 12 साल बाद चार को उम्रकैद

Wed, 18 Dec 2024 12:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2024 12:59 AM IST
विज्ञापन
Life imprisonment to four after 12 years for robbery in station master's office
बरेली। दबतरा रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के दफ्तर में 12 साल पहले पड़ी करीब 57 हजार रुपये की डकैती में फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। चारों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वारदात को हथियारबंद छह बदमाशों ने अंजाम दिया था। इनमें से एक की मौत हो चुकी है, जबकि एक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। चारों दोषी बदायूं के रहने वाले हैं और अलग-अलग जिलों से हिस्ट्रीशीटर भी रहे हैं।
विज्ञापन

दबतरा स्टेशन के तत्कालीन स्टेशन मास्टर खचेड़ू सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 14 अक्तूबर 2012 की सुबह करीब 3:55 बजे वह ड्यूटी पर थे। इसी दौरान किसी के खटखटाने पर उन्होंने दरवाजा खोला तो तीन बदमाश तमंचे के साथ अंदर घुस आए। तीन दरवाजे के पास ही खड़े रहे। अंदर आए एक बदमाश ने गला दबाकर तमंचा उनकी कनपटी पर रख दिया। वहीं, दूसरे ने टोपो (टोपो पोर्टर) संजय कुमार को पकड़ लिया और तीसरे ने दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद धमकी देते हुए अलमारी की चाबी मांगने लगे। मना करने पर बाहर खड़े तीनों बदमाशों को भी अंदर बुलाकर चाबी खोजने लगे। इसके बाद टिकट ट्यूब का ताला तोड़कर चाबी निकाल ली। अलमारी खोलकर 56865 रुपये और टिकट ट्यूब से 310 रुपये निकाल लिए। संजय कुमार ने विरोध किया, तो एक बदमाश ने नाक व सिर पर तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। दूसरे बदमाश ने जान से मारने की नीयत से गोली चलाई, तो संजय ने हाथ मारकर तमंचा किनारे कर दिया और गोली पास में रखी केतली में छेद करते हुए निकल गई। इसके बाद सभी बदमाश फरार हो गए।
विज्ञापन

ऐसे पकड़ में आए बदमाश : एक बदमाश का नकाब खुला, स्टेशन मास्टर ने पहचान लिया
तत्कालीन स्टेशन मास्टर खचेड़ू सिंह ने बताया था कि सभी छह बदमाशों ने अपने चेहरे नकाब से ढंक रखे थे। भागते समय एक का नकाब हट गया। उस बदमाश को वह पहचानते थे। उसका नाम दीमक ऊर्फ दीमका ऊर्फ नजारिक खां था। इसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दीमक को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर बाकी चार बदमाशों को भी पकड़ लिया। एक बदमाश की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। पुलिस ने 27 नवंबर 2013 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिए। सुनवाई के दौरान वर्ष 2016 में दीमका की मौत हो गई। न्यायालय के समक्ष कुल 40 साक्ष्य और आठ गवाह पेश किए गए। इनके आधार पर कोर्ट ने चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनको हुई सजा
बदायूं निवासी शादाब, आशिक अली, इजहार और निसार अहमद।

तीन बदमाशों का आपराधिक इतिहास लंबा
शादाब, आशिक और निसार का दूसरे जिलों में भी आपराधिक इतिहास रहा है। तीनों का नाम बरेली, बदायूं और संभल के विभिन्न थानों में हिस्ट्रीशीटर की सूची में दर्ज है।
संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed