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बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के आरोपी को उम्रकैद
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कोर्ट ने दोषी पर 3.55 लाख का जुर्माना भी किया
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वर्ष 2016 में बिथरी इलाके में हुई थी वारदात
बरेली। आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के हत्या करने के आरोपी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट रामदयाल ने किया।
घटना थाना बिथरीचैनपुर की है। इसकी रिपोर्ट बच्ची के पिता ने लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि पांच सितंबर 2016 को बच्ची दोपहर दो बजे स्कूल से आने के बाद खाना खाकर खेलने चली गई थी। जब वह शाम तक घर नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन दोपहर 12:30 बजे परिवार के लोग जब बच्ची को तलाशते हुए नत्थू के खेत के पास से गुजरे तो वहां एक गड्ढे में पैर दिखाई दिए। मिट्टी हटाकर देखा तो बच्ची की गर्दन कटी लाश थी।
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गांव के कुछ लोगों ने अभियुक्त प्रवेश कुमार को बच्ची को ले जाते देखा था। पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपने जुर्म का इकबाल किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील रीतराम राजपूत ने कुल 15 गवाह पेश किए। कोर्ट ने अभियुक्त को आजीवन कारावास और 3.55 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम की आधी राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
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वर्ष 2016 में बिथरी इलाके में हुई थी वारदात बरेली। आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के हत्या करने के आरोपी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट रामदयाल ने किया।
घटना थाना बिथरीचैनपुर की है। इसकी रिपोर्ट बच्ची के पिता ने लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि पांच सितंबर 2016 को बच्ची दोपहर दो बजे स्कूल से आने के बाद खाना खाकर खेलने चली गई थी। जब वह शाम तक घर नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन दोपहर 12:30 बजे परिवार के लोग जब बच्ची को तलाशते हुए नत्थू के खेत के पास से गुजरे तो वहां एक गड्ढे में पैर दिखाई दिए। मिट्टी हटाकर देखा तो बच्ची की गर्दन कटी लाश थी।
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गांव के कुछ लोगों ने अभियुक्त प्रवेश कुमार को बच्ची को ले जाते देखा था। पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपने जुर्म का इकबाल किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील रीतराम राजपूत ने कुल 15 गवाह पेश किए। कोर्ट ने अभियुक्त को आजीवन कारावास और 3.55 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम की आधी राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश कोर्ट ने दिया है।