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ऐसे हो जाएं मेरे बलम.....
बरेली।
Updated Thu, 09 Mar 2017 01:10 AM IST
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- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली महानगर सराफा एसोसिएशन की ओर से इज्जतनगर स्थित एक शादी हाल में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें हास्य रचनाओं का श्रोताओं ने भरपूर लुत्फ लिया। वहीं कई कवियों ने गंभीर रचनाएं भी प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
होली के मौके पर हुए इस कवि सम्मेलन में माहौल बनाते हुए टूंडला से आए लटूरी लठ् ने चाचा पर केंद्रित कविता सुनाते हुए कहा- प्रेम रोग में घिर गए चाचा, हद से ज्यादा पीक हो गए। इज्जत इतनी घटी कसम से पीकदान की पीक हो गए। सुना कर खूब हंसाया। हाथरस की मीरा दीक्षित ने हास्त की रचना में लोगों को अपनी रचना से जोड़ते हुए कहा- प्रभु ऐसे कर दो हम पर करम। ऐसे हो जाएं मेरे बलम, झाडू लगाएं और कपड़े धुलवाएं...। सुना कर छा गईं।
हाथरस से आए पदम अलबेला ने नेताओं पर व्यंग्य बांण छोड़े। उन्होंने चुनाव को केंद्रित करते हुए कहा- यूपी के चुनाव में मुद्दों के अभावों में, नेताओं ने द्वेष का कसैला घूंट पिया है। एक दूसरे को बदनाम करने के लिए, अबके प्रचार में बड़ा ही रस लिया है। इस पूरी कविता में लोगों ने भरपूर मनोरंजन किया।
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इसके अलावा ग्वालियर से आई कवित्री रचना गोस्वामी ने अलग अंदाज का काव्य पाठ्य करते हुए कहा- मेरे ख्वाबों की दुनिया में चला आता वो धीरे से, तराने मोहब्बत के सुना जाता वो धीरे से... सुना कर वाह वाही लूटी। इस मौके पर संदीप अग्रवाल (मिंटू), संजीव अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, सीतेश अग्रवाल, ओम बाबू, रवि अग्रवाल, अमित अग्रवाल, विनायक गर्ग आदि पदाधिकारी परिजन के अलावा सतीश अग्रवाल, सुरेश चंद्र अग्रवाल मौजूद रहे।
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होली के मौके पर हुए इस कवि सम्मेलन में माहौल बनाते हुए टूंडला से आए लटूरी लठ् ने चाचा पर केंद्रित कविता सुनाते हुए कहा- प्रेम रोग में घिर गए चाचा, हद से ज्यादा पीक हो गए। इज्जत इतनी घटी कसम से पीकदान की पीक हो गए। सुना कर खूब हंसाया। हाथरस की मीरा दीक्षित ने हास्त की रचना में लोगों को अपनी रचना से जोड़ते हुए कहा- प्रभु ऐसे कर दो हम पर करम। ऐसे हो जाएं मेरे बलम, झाडू लगाएं और कपड़े धुलवाएं...। सुना कर छा गईं।
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हाथरस से आए पदम अलबेला ने नेताओं पर व्यंग्य बांण छोड़े। उन्होंने चुनाव को केंद्रित करते हुए कहा- यूपी के चुनाव में मुद्दों के अभावों में, नेताओं ने द्वेष का कसैला घूंट पिया है। एक दूसरे को बदनाम करने के लिए, अबके प्रचार में बड़ा ही रस लिया है। इस पूरी कविता में लोगों ने भरपूर मनोरंजन किया।
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इसके अलावा ग्वालियर से आई कवित्री रचना गोस्वामी ने अलग अंदाज का काव्य पाठ्य करते हुए कहा- मेरे ख्वाबों की दुनिया में चला आता वो धीरे से, तराने मोहब्बत के सुना जाता वो धीरे से... सुना कर वाह वाही लूटी। इस मौके पर संदीप अग्रवाल (मिंटू), संजीव अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, सीतेश अग्रवाल, ओम बाबू, रवि अग्रवाल, अमित अग्रवाल, विनायक गर्ग आदि पदाधिकारी परिजन के अलावा सतीश अग्रवाल, सुरेश चंद्र अग्रवाल मौजूद रहे।