{"_id":"66a994578c80b1308f06a224","slug":"law-buried-in-basement-bda-will-take-action-after-delhi-accident-bareilly-news-c-4-bly1015-449633-2024-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: कानून बेसमेंट में दफन, दिल्ली हादसे के बाद बीडीए करेगा कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: कानून बेसमेंट में दफन, दिल्ली हादसे के बाद बीडीए करेगा कार्रवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। शहर में अवैध बेसमेंट का निर्माण होता रहा और स्वीकृति के विपरीत उनमें व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित होती रहीं। जिम्मेदार आंखें मूंदे रहे। अब दिल्ली में हादसे व शासन के आदेश के बाद उनकी नींद टूटी है। बीडीए के अधिकारियों ने सार्वजनिक सूचना जारी कर अवैध बेसमेंट या स्वीकृति के विपरीत चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। पार्किंग के स्थान पर अन्य गतिविधियां संचालित करने पर भी कार्रवाई के लिए चेताया है।
बीडीए प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि मानचित्र में जहां बेसमेंट पार्किग के लिए स्वीकृत है, वहां पार्किग की जगह अन्य गतिविधियां रोककर लोगों की सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित कराए जाएंगे। इसके लिए प्रवर्तन टीमें निरीक्षण कर रही हैं। पार्किग के स्थान पर अवैध ढंग से चल रहीं गतिविधियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही जहां बिना मानचित्र स्वीकृति के बेसमेंट का निर्माण कराया गया है, वहां भी कार्रवाई होगी। इसके अलावा ये भी देखा जाएगा कि जहां बेसमेेंट स्वीकृत है, वहां मानसून सीजन में खोदाई न हो। जरूरी हो तो मानक के अनुसार सुरक्षा उपायों के साथ ही की जाए। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमों ने पीलीभीत बाइपास, डेलापीर व मैकेनियर रोड पर भवनों में निर्मित बेसमेंट का सर्वे भी किया।
शहर में कई जगह हो रहा गलत उपयोग
पुराना शहर हो या नया शहर। दोनों जगह बड़ी संख्या में भवनों में बेसमेंट का उपयोग गलत ढंग से हो रहा है। कई जगह बिना मानचित्र स्वीकृत कराए ही बेसमेंट बने हुए हैं। यही नहीं भवनों का निर्माण ही मानचित्र के विरुद्ध किया गया है, लेकिन ठोस कार्रवाई कभी नहीं होती। नियमानुसार प्रवर्तन दस्तों को निर्माण के समय ही इन्हें रोकना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता। मालियों की पुलिया से लेकर जगतपुर, रजा चौक, एजाज नगर गौटिया, शाहदाना की ढाल, जगतपुर रोड पर कई भवनों में बेसमेंट हैं। यही नहीं नावल्टी चौराहा, सिविल लाइंस, कुतुबखाना बाजार, किला, स्वालेनगर, डीडीपुरम में भी जगह-जगह बेसमेंट की भरमार है। अब बीडीए की टीम कागज तलाश कर रही है कि जो बेसमेंट चिह्नित किए गए हैं वह नक्शे के मुताबिक बने हैं या फिर उसके विपरीत। संवाद
विज्ञापन
--
बेसमेंट को पहले से चिह्नित किया जा रहा है। कई बेसमेंट ऐसे सामने आए हैं जिनको पार्किंग के लिए बनाया गया था, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। इनके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल टीमें लगी हैं और अवैध बिल्डिंग व बेसमेंट को चिन्हित किया जा रहा है। - योगेंद्र कुमार, सचिव, बीडीए
विज्ञापन
बीडीए प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि मानचित्र में जहां बेसमेंट पार्किग के लिए स्वीकृत है, वहां पार्किग की जगह अन्य गतिविधियां रोककर लोगों की सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित कराए जाएंगे। इसके लिए प्रवर्तन टीमें निरीक्षण कर रही हैं। पार्किग के स्थान पर अवैध ढंग से चल रहीं गतिविधियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही जहां बिना मानचित्र स्वीकृति के बेसमेंट का निर्माण कराया गया है, वहां भी कार्रवाई होगी। इसके अलावा ये भी देखा जाएगा कि जहां बेसमेेंट स्वीकृत है, वहां मानसून सीजन में खोदाई न हो। जरूरी हो तो मानक के अनुसार सुरक्षा उपायों के साथ ही की जाए। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमों ने पीलीभीत बाइपास, डेलापीर व मैकेनियर रोड पर भवनों में निर्मित बेसमेंट का सर्वे भी किया।
विज्ञापन
शहर में कई जगह हो रहा गलत उपयोग
पुराना शहर हो या नया शहर। दोनों जगह बड़ी संख्या में भवनों में बेसमेंट का उपयोग गलत ढंग से हो रहा है। कई जगह बिना मानचित्र स्वीकृत कराए ही बेसमेंट बने हुए हैं। यही नहीं भवनों का निर्माण ही मानचित्र के विरुद्ध किया गया है, लेकिन ठोस कार्रवाई कभी नहीं होती। नियमानुसार प्रवर्तन दस्तों को निर्माण के समय ही इन्हें रोकना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता। मालियों की पुलिया से लेकर जगतपुर, रजा चौक, एजाज नगर गौटिया, शाहदाना की ढाल, जगतपुर रोड पर कई भवनों में बेसमेंट हैं। यही नहीं नावल्टी चौराहा, सिविल लाइंस, कुतुबखाना बाजार, किला, स्वालेनगर, डीडीपुरम में भी जगह-जगह बेसमेंट की भरमार है। अब बीडीए की टीम कागज तलाश कर रही है कि जो बेसमेंट चिह्नित किए गए हैं वह नक्शे के मुताबिक बने हैं या फिर उसके विपरीत। संवाद
विज्ञापन
बेसमेंट को पहले से चिह्नित किया जा रहा है। कई बेसमेंट ऐसे सामने आए हैं जिनको पार्किंग के लिए बनाया गया था, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। इनके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल टीमें लगी हैं और अवैध बिल्डिंग व बेसमेंट को चिन्हित किया जा रहा है। - योगेंद्र कुमार, सचिव, बीडीए