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Bareilly News: पिछले वर्ष 56 लाख से लगाईं लाइटें, अब तोड़ रहे
Thu, 14 May 2026 12:57 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 14 May 2026 12:57 AM IST
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बरेली। पिछले वर्ष 56 लाख रुपये से पीडब्ल्यूडी ने जिन लाइटों को लगाया था, उन्हें अब सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया जा रहा है। इन 80 लाइटों को एक साल बाद ही हटाने को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से शहर के सात प्रमुख शिव मंदिरों को जोड़ते हुए पर्यटन और धार्मिक संस्कृति को बढ़ावा देने की कवायद की गई थी। इसके लिए कुदेशिया पुल से जीआरएम मार्ग सहित विभिन्न रास्तों पर भगवान शिव के प्रतीक त्रिशूल, डमरू और ॐ की आकृतियों वाले खंभों पर वर्ष 2025 में 80 लाइटें लगाई गईं।
एक लाइट लगाने पर 70 हजार रुपये खर्च हुए। इन लाइटों को अब हटाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यदि सड़क चौड़ीकरण की योजना पहले से प्रस्तावित थी, तो लाखों रुपये खर्च कर इन खंभों और डिजाइनर टाइल्स को लगाने का कोई औचित्य नहीं था। दूरदर्शिता के अभाव के कारण पहले निर्माण और अब तोड़फोड़ की इस प्रक्रिया से सरकारी खजाने पर बोझ पड़ रहा है।
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पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन बोले जानकारी नहीं
पीडब्ल्यूडी की विद्युत इकाई के एक्सईएन अनिल कुमार ने बताया कि हमने काम पूरा होने के बाद रोड नगर निगम को हैंडओवर कर दी है। लाइटों के खंभे उखाड़ने की जानकारी नहीं है। वहीं, नगर निगम मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिस वजह से लाइटों को हटाया जा रहा है।
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नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से शहर के सात प्रमुख शिव मंदिरों को जोड़ते हुए पर्यटन और धार्मिक संस्कृति को बढ़ावा देने की कवायद की गई थी। इसके लिए कुदेशिया पुल से जीआरएम मार्ग सहित विभिन्न रास्तों पर भगवान शिव के प्रतीक त्रिशूल, डमरू और ॐ की आकृतियों वाले खंभों पर वर्ष 2025 में 80 लाइटें लगाई गईं।
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एक लाइट लगाने पर 70 हजार रुपये खर्च हुए। इन लाइटों को अब हटाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यदि सड़क चौड़ीकरण की योजना पहले से प्रस्तावित थी, तो लाखों रुपये खर्च कर इन खंभों और डिजाइनर टाइल्स को लगाने का कोई औचित्य नहीं था। दूरदर्शिता के अभाव के कारण पहले निर्माण और अब तोड़फोड़ की इस प्रक्रिया से सरकारी खजाने पर बोझ पड़ रहा है।
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पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन बोले जानकारी नहीं
पीडब्ल्यूडी की विद्युत इकाई के एक्सईएन अनिल कुमार ने बताया कि हमने काम पूरा होने के बाद रोड नगर निगम को हैंडओवर कर दी है। लाइटों के खंभे उखाड़ने की जानकारी नहीं है। वहीं, नगर निगम मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिस वजह से लाइटों को हटाया जा रहा है।